गैस बिल के नाम पर ₹15.80 लाख ठगी,APK फाइल से मोबाइल हैक, दो व्यवसायी बने शिकार

पानीपत में गैस बिल अपडेट के नाम पर दो व्यवसायियों से 15.80 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। ठगों ने APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक किए।

गैस बिल के नाम पर ₹15.80 लाख ठगी,APK फाइल से मोबाइल हैक, दो व्यवसायी बने शिकार

गैस बिल अपडेट के नाम पर दो व्यवसायियों से ₹15.80 लाख की ठगी
फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाकर हैक किए दोनों पीड़ितों के मोबाइल
साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर 1930 पर तुरंत शिकायत करने की अपील की

पानीपत शहर में साइबर ठगों ने गैस बिल अपडेट करने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर ठगी का नया तरीका अपनाया है। साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग मामलों में पीड़ितों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल में फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाई। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल हैक कर ठगों ने बैंक खातों से कुल 15 लाख 80 हजार 541 रुपए निकाल लिए।

दोनों मामलों में पीड़ितों ने साइबर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पानीपत ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अडानी गैस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर किया फोन

पहला मामला टीडीआई सिटी (सेक्टर 39) निवासी विजय गुलाटी से जुड़ा है। विजय गुलाटी ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को अडानी गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताया।

आरोपी ने विजय गुलाटी से कहा कि उनका गैस बिल अपडेट करना अनिवार्य है। इसी बातचीत के बाद आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेज दी।

विजय गुलाटी ने जैसे ही फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया, उनका फोन हैंग हो गया। इसके बाद उनके पूरे मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों के पास चला गया। आरोपियों ने नेट बैंकिंग के जरिए उनके बैंक खाते से 5 लाख रुपए फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लिए।

मैसेज में लिखा- बिल अपडेट नहीं कराया तो कट जाएगा कनेक्शन

दूसरी ठगी अंसल सुशांत सिटी निवासी अरुण के साथ हुई। इस मामले में शुरुआत अरुण के चाचा, निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, असंध रोड, के मोबाइल पर आए व्हाट्सएप मैसेज से हुई।

16 सितंबर को अरुण के चाचा के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया। इसमें लिखा था कि गैस बिल अपडेट नहीं है और जल्द अपडेट नहीं कराने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। चाचा ने यह मैसेज अपने भतीजे अरुण को भेज दिया।

इसके बाद अरुण ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान साइबर ठग ने अरुण के व्हाट्सएप पर भी APK फाइल भेजी। अरुण ने जैसे ही अपने फोन में ऐप इंस्टॉल किया, उनका मोबाइल हैक हो गया।

दो बैंक खातों से निकाले 10.80 लाख रुपए

मोबाइल हैक करने के बाद साइबर अपराधियों ने अरुण के दो अलग-अलग बैंक खातों को निशाना बनाया। आरोपियों ने एक खाते से 5 लाख 15 रुपए और दूसरे खाते से 5 लाख 80 हजार 526 रुपए निकाल लिए।

दोनों रकम को मिलाकर अरुण के खातों से कुल 10 लाख 80 हजार 541 रुपए पार किए गए। इस तरह विजय गुलाटी से हुई 5 लाख रुपए की ठगी और अरुण के खातों से निकाली गई 10 लाख 80 हजार 541 रुपए की रकम को मिलाकर दोनों मामलों में साइबर ठगों ने कुल 15 लाख 80 हजार 541 रुपए की ठगी की।

साइबर पुलिस ने APK फाइल को लेकर किया अलर्ट

दोनों पीड़ितों की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पानीपत ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामलों की छानबीन कर रही है।

साइबर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सएप या SMS के जरिए आई .APK फाइल या लिंक को मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। साइबर ठग अक्सर जरूरी बिल अपडेट करने, कनेक्शन काटने या अन्य जरूरी सेवा के नाम पर लोगों को डराकर फर्जी फाइल और लिंक भेजते हैं।

पुलिस ने लोगों से कहा है कि बिजली या गैस बिल अपडेट करने के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल और मैसेज से सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति के निर्देश पर मोबाइल में कोई ऐप या फाइल इंस्टॉल न करें।

अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने की अपील की गई है।