पानीपत में महिला ग्राम सचिव ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार, पहले ₹7 लाख लेने का आरोप
पानीपत में करनाल ACB ने महिला ग्राम सचिव किरण को ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह पहले ₹7 लाख ले चुकी थी।
➤ पानीपत में ₹1 लाख रिश्वत लेते महिला ग्राम सचिव गिरफ्तार
➤ 30 लाख के काम का बिल पास कराने के नाम पर पहले ले चुकी थी ₹7 लाख
➤ ठेकेदार ने बहन बनाया था, पांच दिन पहले दी थी सावन की कोथली और राखी के लिए बुलाया था
हरियाणा के पानीपत जिले में करनाल ACB ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला ग्राम सचिव को ₹1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान गांव जीतगढ़ निवासी किरण के रूप में हुई है। ACB टीम ने उसे सरकारी क्वार्टर से ही रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि साल 2024 में किए गए करीब ₹30 लाख के काम के बिल को पास कराने के नाम पर ठेकेदार को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी पहले ही उससे ₹7 लाख ले चुकी थी और अब एक लाख रुपए की और मांग कर रही थी।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस ठेकेदार ने महिला ग्राम सचिव के खिलाफ ACB में शिकायत दी, वह पिछले करीब डेढ़ साल से उसे अपनी बहन मानता था। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने पांच दिन पहले ही आरोपी महिला को सावन की कोथली भी दी थी। इसके बावजूद कथित तौर पर उससे रिश्वत की मांग जारी रही। इतना ही नहीं, आरोपी महिला ने उसे कल यानी 28 अगस्त को घर पर राखी बंधवाने के लिए भी बुलाया था।
बिल पास कराने के लिए पहले ले चुकी थी ₹7 लाख
शिकायतकर्ता राजकुमार के मुताबिक उसने साल 2024 में ठेकेदार के तौर पर सरकारी महकमे का काम किया था। इस काम की कुल पेमेंट करीब ₹30 लाख बनती थी। राजकुमार का कहना है कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से इस भुगतान को क्लियर कराने के लिए महिला ग्राम सचिव किरण से गुहार लगा रहा था।
आरोप है कि बिल की पेमेंट पास कराने के नाम पर महिला सचिव पहले ही ₹7 लाख ले चुकी थी। इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद अब उससे एक लाख रुपए की और मांग की गई।
एक लाख रुपए की मांग के बाद ACB में शिकायत
राजकुमार के मुताबिक पंचायत सेक्रेटरी की ओर से उससे ₹1 लाख और मांगे गए। उसने अपनी असमर्थता भी जताई, लेकिन कथित तौर पर किरण अपनी मांग पर कायम रही। जब मामले का कोई समाधान नहीं निकला तो ठेकेदार ने करनाल ACB से शिकायत कर दी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद टीम ने आरोपी महिला को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
घर पर ही रिश्वत लेने का आरोप, ACB ने वहीं दबोचा
शिकायतकर्ता के मुताबिक महिला ग्राम सचिव रिश्वत की रकम अपने घर पर ही लेती थी। इस बार भी उसे रिश्वत के पैसे लेकर घर पर आने के लिए कहा गया था। ACB ने इसी आधार पर कार्रवाई की योजना तैयार की।
योजना के तहत राजकुमार को रिश्वत की रकम लेकर किरण के घर भेजा गया। जैसे ही पंचायत सेक्रेटरी किरण ने ₹1 लाख की रकम ली, पहले से तैयार ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम आरोपी महिला को अपने साथ करनाल ले गई।
बहन बनाया, पांच दिन पहले दी थी सावन की कोथली
मामले का एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया है। शिकायतकर्ता राजकुमार के मुताबिक वह महिला ग्राम सचिव किरण को अपनी बहन मानता था। दोनों के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता होने की बात कहते हुए राजकुमार ने बताया कि उसने पांच दिन पहले सावन की कोथली भी आरोपी महिला को दी थी।
राजकुमार के मुताबिक इसके बावजूद रिश्वत की मांग बंद नहीं हुई। यहां तक कि महिला सचिव ने उसे कल यानी 28 अगस्त को घर पर राखी बंधवाने के लिए बुलाया था। इसी बीच रिश्वत लेने के आरोप में ACB ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
ACB अब रिमांड लेकर करेगी पूछताछ
करनाल ACB इंस्पेक्टर अरविंद ने बताया कि आरोपी महिला को सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और उसका रिमांड मांगा जाएगा। रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित रिश्वतखोरी के इस मामले में कार्यालय के अन्य कर्मचारी या कोई बिचौलिया भी शामिल है या नहीं।
फिलहाल महिला ग्राम सचिव से पूछताछ की जा रही है। ACB की कार्रवाई के बाद अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि ₹30 लाख के काम की पेमेंट से जुड़े मामले में पहले ली गई ₹7 लाख की रकम और अब ली गई ₹1 लाख की रिश्वत के पीछे पूरा नेटवर्क क्या था और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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