निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, 19 साल बाद आखिरी केस में हुआ था बरी

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। वह 19 साल जेल में रहा और नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में बरी हुआ था।

निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, 19 साल बाद आखिरी केस में हुआ था बरी

हरिद्वार में चाय की दुकान पर मृत मिला सुरेंद्र कोली
निठारी के 13 मामलों में मिली थी मौत की सजा
2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में भी हुआ था बरी


निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। वह हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान चला रहा था। उसका शव दुकान के अंदर मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कोली करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में बरी होकर बाहर आया था।

सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में अकेला रह रहा था। जानकारी के मुताबिक, उसने करीब चार दिन पहले ही सड़क किनारे एक छोटी चाय की दुकान किराए पर ली थी। दुकान शुरू करने के लिए उसने मालिक को कुछ महीनों का किराया एडवांस में दिया था। वह इसी दुकान पर चाय बेचकर अपनी जिंदगी दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहा था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में इन दिनों कुंभ की तैयारियों को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। पड़ोसियों ने आशंका जताई कि कोली को अपनी नई दुकान हटने और एडवांस रकम फंसने की चिंता थी। हालांकि, यह केवल स्थानीय लोगों की आशंका है। पुलिस ने अभी इसे मौत की वजह नहीं माना है और मामले की जांच जारी है।

2006 में निठारी कांड से देशभर में मचा था हड़कंप

सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके से बच्चों और महिलाओं के गायब होने के मामलों की जांच के दौरान सामने आया था। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की D-5 कोठी के पीछे नाले और आसपास के क्षेत्र से मानव अवशेष, हड्डियां, कपड़े और अन्य सामान बरामद किए गए थे। इसके बाद मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं।

जांच के दौरान मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया। जनवरी 2007 में मामले की जांच CBI को सौंप दी गई। पुलिस ने अलग-अलग गुमशुदगी और अपराध से जुड़े 19 FIR दर्ज किए थे। इनमें से 16 मामलों में CBI ने चार्जशीट दाखिल की थी।

इन मामलों में कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। अलग-अलग मामलों में चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसे 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई।

पहले दोषी, फिर कई मामलों में बरी हुआ कोली

सुरेंद्र कोली को कई मामलों में उसके कथित कबूलनामे और उसकी निशानदेही पर हुई बरामदगी के आधार पर दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसके कबूलनामे और बरामदगी की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मामलों में कोली को बरी कर दिया। कोर्ट ने उसके पुलिस हिरासत में दिए गए कबूलनामे को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद इन मामलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

30 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने 12 मामलों में बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद कोली के खिलाफ केवल एक मामला शेष रह गया था।

नवंबर 2025 में आखिरी मामले में भी मिला था राहत

11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मामले में भी कोली की दोषसिद्धि रद्द कर उसे बरी कर दिया था। इसके बाद करीब 19 वर्ष जेल में रहने के बाद वह जेल से बाहर आया और हरिद्वार में रहने लगा।

जेल से बाहर आने के बाद कोली ने हरिद्वार में सामान्य जीवन शुरू करने की कोशिश की। उसने चाय की दुकान शुरू की थी, लेकिन दुकान शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत की परिस्थितियों, उसके हालिया जीवन और दुकान से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।