कुलदीप की Audi बूड़िया के घर,99 लाख की कार, 0001 VIP नंबर
हिसार में कुलदीप बिश्नोई की 99 लाख रुपये से शुरू होने वाली Audi Q7 देवेंद्र बूड़िया के घर खड़ी है। कार का 0001 वीवीआईपी नंबर और कॉफी मशीन खासियत है।
कुलदीप बिश्नोई की Audi Q7 बूड़िया के घर खड़ी, कीमत 99 लाख से शुरू
➤ 0001 वीवीआईपी नंबर वाली कार में कॉफी बनाने की सुविधा भी मौजूद
➤ महासभा विवाद और रेप केस के बीच बूड़िया ने कार वापस मंगवाई, 1912 पन्नों की चार्जशीट में 45 गवाह
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बेटे और पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई की Audi कार इन दिनों चर्चा में है। इसकी वजह कुलदीप बिश्नोई और भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र बूड़िया के बीच चल रहा विवाद है।
साल 2022 में यह गाड़ी देवेंद्र बूड़िया की कंस्ट्रक्शन कंपनी देवेंद्र कंस्ट्रक्शन के नाम से रजिस्टर्ड है। बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद को लेकर कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों के बीच कड़वाहट बढ़ गई। इसी दौरान आदमपुर में बूड़िया के खिलाफ रेप केस दर्ज हुआ और उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
विवाद और जेल जाने के बाद हो रही बदनामी के बीच बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई से गाड़ी वापस मंगवा ली। इसके बाद से यह Audi उनके घर पर अनयूज्ड खड़ी है।
99 लाख से शुरू होती है Audi Q7 की कीमत, अंदर कॉफी मशीन भी
बूड़िया के घर खड़ी यह कार Audi Q7 सीरीज की है। इसकी कीमत इंडियन मार्केट में 99 लाख से शुरू होती है। इस कार की खासियतों में इसके अंदर दी गई कॉफी बनाने की सुविधा भी शामिल है।
कार का नंबर DL2FCB0001 है। यह वीवीआईपी नंबर कुलदीप बिश्नोई ने स्पेशल रजिस्टर्ड करवाया था। कुलदीप बिश्नोई के पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं और Audi उनकी पसंद की गाड़ियों में शामिल रही है।
हालांकि, बूड़िया को यह गाड़ी देने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने वर्ष 2025 में DL9CW0001 नंबर वाली गाड़ी खरीद ली।
कुलदीप बिश्नोई की 2019 की चुनावी संपत्ति घोषणा में भी Audi Q7 DL2FCB0001 दर्ज है।
संरक्षक पद को लेकर शुरू हुआ था दोनों के बीच विवाद
कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच विवाद की शुरुआत अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद को लेकर हुई थी। कुलदीप बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक रहे हैं, जबकि देवेंद्र बूड़िया मौजूदा प्रधान रहे हैं।
करीब दो साल पहले बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई पर जबरन इस्तीफा लेने के आरोप लगाए थे। इस विवाद को लेकर मुकाम धाम में बैठक हुई थी। बैठक में बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश की थी।
इसके करीब एक महीने बाद कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में बिश्नोई महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट दिया था। इसमें कहा गया था कि मुकाम में हुई बैठक में उन्हें शामिल नहीं किया गया। ऐसे में प्रधान की ओर से संरक्षक को हटाने की कार्रवाई नियमानुसार नहीं थी।
इसके बाद रजिस्ट्रार सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बूड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। बाद में कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी।
विवाद के बाद देवेंद्र बूड़िया पर दर्ज हुआ रेप केस
इस विवाद के बाद हिसार की एक युवती ने अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया पर रेप के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की कोशिश शुरू की थी। इसके लिए आदमपुर पुलिस की एक टीम राजस्थान के जोधपुर गई थी।
बूड़िया ने हिसार सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिकाएं लगाईं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद हिसार पुलिस ने उन्हें जोधपुर से गिरफ्तार किया। मामले में ट्रायल चला और बाद में बूड़िया को जमानत मिल गई।
बूड़िया के वकील पवन रापड़िया का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। बूड़िया की ओर से मामले को लेकर साजिश का दावा भी किया गया था।
1912 पन्नों की चार्जशीट में 45 गवाह
देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ हिसार कोर्ट में 26 अगस्त को चार्जशीट दायर की गई थी। पुलिस ने कोर्ट में 1912 पन्नों की चार्जशीट जमा करवाई थी, जिसमें 45 गवाह बनाए गए थे।
पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया था कि देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। चार्जशीट में चंडीगढ़ के उस होटल से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज की रिपोर्ट भी शामिल बताई गई, जहां युवती के साथ रेप का आरोप लगाया गया था।
पुलिस के अनुसार, जयपुर के फ्लैट से जुड़े साक्ष्य भी जांच में शामिल किए गए। पुलिस ने कहा था कि घटना वाले दिन युवती के साथ बूड़िया की मौजूदगी से जुड़े साक्ष्य चार्जशीट में लगाए गए हैं। इसके अलावा युवती और देवेंद्र बूड़िया के मोबाइल फोन का डेटा भी जांच में शामिल किया गया।
पुलिस का कहना था कि युवती ने जांच के दौरान जो बातें बताई थीं, उनके आधार पर जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट तैयार की गई। मामले में पुलिस की ओर से पर्याप्त सबूत होने का दावा किया गया था।
24 जनवरी 2025 को आदमपुर थाने में दर्ज हुआ था केस
देवेंद्र बूड़िया पर 24 जनवरी 2025 को हिसार के आदमपुर थाने में 20 वर्षीय युवती ने रेप केस दर्ज करवाया था। इसके बाद जून 2025 में हिसार पुलिस ने उन्हें राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया था।
उस समय बूड़िया के वकील पवन रापड़िया ने कहा था कि बूड़िया ने जांच में सहयोग के लिए सरेंडर किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हिसार लाया जा रहा था, इसी दौरान रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई थी।
देवेंद्र बूड़िया ने अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इससे पहले पुलिस बूड़िया के पीए कल्पेश से भी पूछताछ कर चुकी थी। देवेंद्र बूड़िया की जोधपुर से गिरफ्तारी की पुष्टि उस समय की मीडिया रिपोर्टों में भी हुई थी।
आरोपों को बूड़िया के वकील ने बताया था झूठा
मामले में देवेंद्र बूड़िया की ओर से उनके वकील पवन रापड़िया ने आरोपों को झूठा बताया था। बूड़िया ने भी केस को साजिश बताया था। इसलिए मामले से जुड़े आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, जबकि पुलिस की ओर से चार्जशीट में साक्ष्य और गवाह शामिल किए जाने की बात कही गई है।
अब बूड़िया के घर में खड़ी है कुलदीप बिश्नोई की Audi
कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच महासभा के संरक्षक पद को लेकर शुरू हुआ विवाद, इसके बाद सामने आया रेप केस और बूड़िया की गिरफ्तारी के घटनाक्रम के बीच Audi कार भी दोनों के रिश्तों में आई खटास से जुड़ा एक अहम पहलू बन गई है।
करीब 99 लाख रुपये से शुरू होने वाली Audi Q7, स्पेशल DL2FCB0001 नंबर और कॉफी बनाने की सुविधा जैसी खासियतों वाली यह कार अब देवेंद्र बूड़िया के घर पर खड़ी है। वहीं, कुलदीप बिश्नोई ने 2025 में DL9CW0001 नंबर वाली दूसरी गाड़ी खरीद ली है।
Akhil Mahajan