यशोभूमि से राजीव चौक तक मेट्रो का रास्ता साफ, 25 मिनट में पूरा होगा सफर; 20 किमी भूमिगत रूट पर बनेंगे 6 स्टेशन

यशोभूमि से गुरुग्राम के राजीव चौक तक 20 किमी भूमिगत मेट्रो का प्रस्ताव है। 13,500 करोड़ की परियोजना 2031 तक पूरी होगी और छह स्टेशन प्रस्तावित हैं।

यशोभूमि से राजीव चौक तक मेट्रो का रास्ता साफ, 25 मिनट में पूरा होगा सफर; 20 किमी भूमिगत रूट पर बनेंगे 6 स्टेशन

यशोभूमि से राजीव चौक तक 20 किमी भूमिगत मेट्रो

13,500 करोड़ की परियोजना 2031 तक पूरी करने का लक्ष्य

बिजवासन से इफको चौक तक छह स्टेशनों का प्रस्ताव


दिल्ली के यशोभूमि (द्वारका) से गुरुग्राम के राजीव चौक तक मेट्रो चलाने की योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस रूट की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में संशोधन किया गया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तकनीकी टीम ने पहले तैयार की गई डीपीआर में स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार को लेकर कुछ सुधार के सुझाव दिए थे। इसके बाद संशोधित डीपीआर में स्टेशनों के निकास द्वार की चौड़ाई बढ़ाई गई है।

संशोधित डीपीआर को अनुमति मिलने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की ओर से आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। करीब 13,500 करोड़ रुपये की इस परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन यशोभूमि के इंटरचेंज स्टेशन से गुरुग्राम के राजीव चौक तक पूरी तरह भूमिगत होगी।

करीब 20 किलोमीटर लंबे रूट पर यशोभूमि के अलावा पांच अन्य स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इस तरह यशोभूमि समेत कुल छह स्टेशनों के जरिए दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यह नया मेट्रो संपर्क विकसित किया जाएगा।

25 मिनट में यशोभूमि से राजीव चौक पहुंचने का अनुमान

प्रस्तावित मेट्रो रूट के पूरा होने के बाद यशोभूमि से राजीव चौक तक सफर करीब 25 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। सर्वे के दौरान यह सामने आया है कि इस रूट पर मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद रोजाना करीब सवा लाख यात्री इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेट्रो सेवा शुरू होने से गुरुग्राम और पश्चिमी दिल्ली के बीच सड़क मार्ग से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या कम होने की संभावना जताई गई है। इससे इस दिशा में सड़क यातायात का दबाव घटाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल डीएमआरसी की मेट्रो दिल्ली से गुरुग्राम के बीच चलकर मिलेनियम सिटी तक पहुंच रही है। यशोभूमि से राजीव चौक तक प्रस्तावित नया रूट गुरुग्राम से जुड़ने वाला दिल्ली मेट्रो का दूसरा मार्ग होगा।

मनोहर लाल की पहल पर विकसित किया जा रहा नया रूट

यह नया मेट्रो रूट केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल की पहल पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना के जरिए यशोभूमि और गुरुग्राम के राजीव चौक के बीच सीधा मेट्रो संपर्क उपलब्ध कराने की योजना है।

दूसरी ओर गुरुग्राम में भी दो चरणों में मेट्रो विस्तार का काम गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। ऐसे में प्रस्तावित यशोभूमि-राजीव चौक कॉरिडोर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सार्वजनिक परिवहन संपर्क को आगे बढ़ाने वाली योजना के तौर पर देखा जा रहा है।

यहां बनेंगे प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन

प्रस्तावित 20 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल छह स्टेशनों का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें यशोभूमि (द्वारका), एक्सटेंशन प्वाइंट, बिजवासन, कापससेड़ा, सेक्टर 22 (दिल्ली-गुरुग्राम सीमा), इफको चौक और राजीव चौक शामिल हैं।

यशोभूमि से शुरू होने वाली यह लाइन भूमिगत होगी और दिल्ली-गुरुग्राम सीमा से होते हुए गुरुग्राम के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचेगी। रूट में बिजवासन, कापससेड़ा और सेक्टर 22 जैसे क्षेत्र शामिल होने से इन इलाकों को भी प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

डीपीआर में बदलाव के बाद अगला कदम

पहले तैयार की गई डीपीआर में स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तकनीकी टीम ने सुधार के सुझाव दिए थे। इन सुझावों के आधार पर संशोधित डीपीआर तैयार की गई है और इसमें निकास द्वार की चौड़ाई बढ़ाई गई है

अब संशोधित डीपीआर को अनुमति मिलने के बाद डीएमआरसी की ओर से परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यशोभूमि से राजीव चौक तक करीब 25 मिनट में सफर पूरा होने का अनुमान है। सर्वे के मुताबिक रोजाना करीब सवा लाख यात्रियों के इस रूट का इस्तेमाल करने की संभावना है। इससे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सार्वजनिक परिवहन के विकल्प में भी विस्तार होगा।