हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत, गेहूं बीज पर 1695 रुपये की सब्सिडी; 1080 रुपये में मिलेगा 40 किलो का बैग

हरियाणा में किसानों को गेहूं बीज पर 1695 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी मिलेगी। पानीपत के सेवाखेड़ी में उन्नत आलू बीज भी उपलब्ध कराया गया है।

हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत, गेहूं बीज पर 1695 रुपये की सब्सिडी; 1080 रुपये में मिलेगा 40 किलो का बैग

गेहूं बीज पर 1695 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी

40 किलो प्रमाणित बीज का बैग 1080 रुपये में उपलब्ध

सेवाखेड़ी में उन्नत आलू बीज की बिक्री, पहले आओ पहले पाओ


हरियाणा में रबी सीजन 2026-27 की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने प्रमाणित गेहूं बीज के सरकारी बिक्री रेट जारी किए हैं। इसके तहत पात्र किसानों को गेहूं के बीज पर 1695 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जाएगी। सरकारी बिक्री केंद्रों पर सब्सिडी के बाद 40 किलोग्राम प्रमाणित गेहूं बीज का बैग 1080 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग की ओर से तय मूल दर 4395 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सब्सिडी के बाद किसानों के लिए प्रभावी दर 2700 रुपये प्रति क्विंटल रह जाती है।

सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण गेहूं बीज निर्धारित रियायती दर पर उपलब्ध कराना है। 40 किलोग्राम के एक बैग के हिसाब से 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर 1080 रुपये बैठती है। इससे गेहूं की खेती की तैयारी कर रहे पात्र किसानों को बीज खरीदने की लागत में सीधी राहत मिलेगी।

किन किस्मों पर मिलेगी सब्सिडी

कृषि विभाग की व्यवस्था के अनुसार यह सब्सिडी पिछले दस वर्षों में विकसित अधिसूचित गेहूं किस्मों के प्रमाणित बीज पर लागू होगी। वहीं सी-306 किस्म को इस रियायती व्यवस्था से बाहर रखा गया है। यानी किसान बीज खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित किस्म सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी की पात्रता में आती है या नहीं।

रियायती दर पर बीज की उपलब्धता के लिए सरकारी और अधिकृत बिक्री केंद्रों की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकारी दर पर प्रमाणित गेहूं बीज HAFED, HSSCA, HLRDC, KRIBHCO, IFFCO, NFL और NSC के बिक्री केंद्रों से उपलब्ध कराया जा सकता है। किसानों के लिए सलाह है कि बीज खरीदते समय अधिकृत केंद्र, किस्म और निर्धारित बिक्री दर की जानकारी जरूर जांच लें।

सिर्फ हरियाणा के स्थानीय किसानों के लिए लाभ

सरकार ने सब्सिडी का लाभ लेने के लिए पात्रता भी स्पष्ट की है। यह रियायती सुविधा हरियाणा के स्थानीय किसानों के लिए निर्धारित है। रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट कंपनियों, सरकारी प्रदर्शनियों और किसान उत्पादक संगठनों को इस सब्सिडी वाली दर का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए किसान बीज खरीदने से पहले योजना की शर्तों और अपनी पात्रता की पुष्टि कर लें।

कृषि विभाग ने इससे पहले भी रबी सीजन के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण गेहूं बीज और खाद समय पर उपलब्ध कराने की तैयारियों पर जोर दिया था। अगस्त में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को रबी सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने बताया था कि गेहूं के कच्चे बीज की प्रोसेसिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही थी और अक्टूबर में होने वाली बुवाई के लिए पर्याप्त बीज उपलब्ध कराने की तैयारी है।

पानीपत के सेवाखेड़ी में उन्नत आलू बीज भी उपलब्ध

गेहूं के साथ-साथ आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पानीपत के सेवाखेड़ी स्थित उद्यान विभाग के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन केंद्र में विभिन्न किस्मों के गुणवत्तापूर्ण और उन्नत आलू बीज की बिक्री शुरू की गई है।

इच्छुक किसान Hortsalenet पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान कर इस केंद्र से सीधे आलू बीज प्राप्त कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्र पर कुफरी पुखराज जी-3, कुफरी मोहन जी-4, कुफरी नीलकंठ जी-4, कुफरी ख्याति जी-1 और कुफरी उदय जी-1 जैसी किस्में बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

आलू बीज की बिक्री पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जा रही है। ऐसे में इच्छुक किसानों को विभागीय प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान की व्यवस्था समय रहते पूरी करने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए जरूरी बातें

रबी सीजन में गेहूं की बुवाई से पहले किसान प्रमाणित बीज की किस्म, सरकारी बिक्री केंद्र और लागू दर की जानकारी जरूर लें। गेहूं बीज के मामले में 1695 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी सभी किस्मों पर लागू नहीं है और सी-306 को इससे बाहर रखा गया है। वहीं आलू बीज खरीदने वाले किसान सेवाखेड़ी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध किस्मों और बुकिंग प्रक्रिया की जानकारी लेकर बीज प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि विभाग की ओर से रियायती दर पर प्रमाणित गेहूं बीज उपलब्ध कराने और सेवाखेड़ी में उन्नत आलू बीज की बिक्री की व्यवस्था का सीधा संबंध किसानों को आगामी फसल सीजन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने से है। रबी की बुवाई शुरू होने से पहले किसान सरकारी दरों और पात्रता की जानकारी लेकर अपनी जरूरत के अनुसार बीज की व्यवस्था कर सकते हैं।