CM नायब सैनी को मंच से बताया ‘भावी प्रधानमंत्री, CM सैनी ने पकड़ा माथा, वक्ता को उंगली दिखाकर टोका
नारनौल में मंच से ‘भावी प्रधानमंत्री’ बताए गए CM नायब सैनी, इशारे से रोका; सुरक्षा कर्मी भी मंच की ओर दौड़े
➤ मंच संचालक ने नारे लगवाते हुए CM सैनी को ‘भावी प्रधानमंत्री’ कहा
➤ नायब सैनी ने माथा पकड़कर हाथ के इशारे से मंच संचालक को टोका
➤ महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा का प्रस्तावित अनावरण भी नहीं हुआ
नारनौल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नारनौल दौरे के दौरान गुरुवार को मंच संचालन के दौरान ऐसा वाकया हुआ, जिसने कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए बदल दिया। सैनी सभा के कार्यक्रम में मंच संचालन कर रहे पूर्व प्रधान जेपी सैनी ने नारे लगवाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ‘भावी प्रधानमंत्री’ कह दिया। यह सुनते ही मंच पर बैठे मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए माथा पकड़ लिया और हाथ के इशारे से मंच संचालक को ऐसा कहने से रोकते नजर आए।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह घटनाक्रम महाराजा शूरसैनी जयंती समारोह के दौरान हुआ। मुख्यमंत्री गुरुवार दोपहर करीब 12:45 बजे रेवाड़ी रोड स्थित सैनी सभा पहुंचे थे। कार्यक्रम में महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन बाद में प्रतिमा का अनावरण नहीं हुआ।
नारे लगवाते हुए मंच संचालक ने कही बात
कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन की जिम्मेदारी सैनी सभा के पूर्व प्रधान जयप्रकाश सैनी उर्फ जेपी सैनी के पास थी। लोगों में उत्साह पैदा करने के लिए वह मंच से नारे लगवा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए प्रधानमंत्री पद से जुड़ा उल्लेख कर दिया।
बताया गया कि मंच संचालक की इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत हाथ के इशारे से उन्हें रोकने की कोशिश की। वीडियो में मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में इस विशेष क्षण का विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री के इशारे के बाद सुरक्षा कर्मी भी सक्रिय
मंच से टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया देखते हुए उनके पीछे मौजूद सुरक्षा कर्मियों के मंच की तरफ बढ़ने की बात सामने आई है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंच संचालन और उसके बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दिखाई देती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जेपी सैनी को अपने पास बुलाकर बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान बाद में मंच संचालन की जिम्मेदारी भी बदल दी गई। जेपी सैनी पेशे से सरकारी अध्यापक बताए गए हैं और सैनी सभा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं।
प्रतिमा का अनावरण प्रस्तावित था, लेकिन नहीं हुआ
नारनौल के रेवाड़ी रोड स्थित सैनी सभा में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा किया जाना प्रस्तावित था। कार्यक्रम की तैयारियां पहले से चल रही थीं और सैनी सभा की ओर से लोगों से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील भी की गई थी।
हालांकि, गुरुवार को मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का अनावरण नहीं किया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा का अनावरण नहीं हो सका और इसके कारण को लेकर कार्यक्रम स्थल पर चर्चा होती रही।
कार्यक्रम में CM ने क्या कहा
प्रतिमा अनावरण नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने समाज की शक्ति को संगठन, संस्कार, शिक्षा, परिश्रम और आत्मसम्मान से जोड़ते हुए युवाओं को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को नशे से दूर रखने और उन्हें पर्याप्त समय देने की अपील भी की। उन्होंने महाराजा शूरसैनी सहित महापुरुषों को पूरे समाज की धरोहर बताते हुए सामाजिक भाईचारे और एकता को मजबूत करने पर जोर दिया।
सैनी स्कूल भवन के लिए 31 लाख की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान सैनी समाज की ओर से मुख्यमंत्री को मांगपत्र भी सौंपा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बहरोड़ रोड स्थित सैनी स्कूल भवन के नवनिर्माण के लिए 31 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। डी फार्मेसी और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन भी दिया गया।
17 सितंबर का कार्यक्रम कई वजहों से था खास
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन होने के साथ ही प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे थे। हरियाणा में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प माह मनाने की जानकारी पहले दी गई थी।
इसी दिन नारनौल में सैनी सभा की ओर से महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा के प्रस्तावित अनावरण को लेकर भी तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम से पहले सैनी सभा ने मुख्यमंत्री के स्वागत और प्रतिमा अनावरण के लिए व्यापक तैयारियां की थीं।
2014 में भी अनावरण का दावा
प्रतिमा के इतिहास को लेकर स्थानीय समाज के लोगों की ओर से यह दावा किया गया है कि इसका अनावरण पहले भी हो चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्ष 2014 में तत्कालीन मंत्री राव नरेंद्र सिंह द्वारा प्रतिमा के अनावरण की बात कही जा रही है।
हालांकि, इस पुराने अनावरण से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे में इसे फिलहाल स्थानीय लोगों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अब चर्चा मंच की टिप्पणी और प्रतिमा अनावरण दोनों की
नारनौल के इस कार्यक्रम में एक तरफ मंच से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ‘भावी प्रधानमंत्री’ कहे जाने की घटना चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित प्रतिमा अनावरण नहीं होने को लेकर भी सवाल उठे।
मुख्यमंत्री की ओर से इस टिप्पणी को लेकर कोई अलग राजनीतिक घोषणा या बयान सामने नहीं आया है। उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में भी इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री की ओर से इस टिप्पणी पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
इसलिए फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में दो बातें स्पष्ट रूप से सामने आती हैं—मंच से मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री पद से जुड़ी टिप्पणी की गई और मुख्यमंत्री ने मंच से उसे रोकने का इशारा किया। वहीं महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा का प्रस्तावित अनावरण कार्यक्रम में नहीं हो सका।
CITY TEHLKA नोट: मंच पर हुई टिप्पणी, मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और कार्यक्रम से जुड़े अन्य विवरणों में जहां स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, वहां उन्हें प्रत्यक्ष वीडियो/स्थानीय दावे के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। ‘भावी प्रधानमंत्री’ कहना मंच संचालक की टिप्पणी थी, मुख्यमंत्री की घोषणा या आधिकारिक पद संबंधी दावा नहीं।
Akhil Mahajan