TDI इंफ्राकॉर्प पर हरेरा का झटका,₹19.10 लाख जुर्माना भरने के आदेश
पानीपत TDI इंफ्राकॉर्प पर तिमाही प्रगति रिपोर्ट अपलोड न करने के मामले में हरेरा ने ₹19 लाख 10 हजार 176 रुपए जमा कराने के आदेश दिए।
पानीपत TDI इंफ्राकॉर्प पर हरेरा ने ₹17 लाख जुर्माना बरकरार रखा
➤ ब्याज समेत कंपनी को ₹19 लाख 10 हजार 176 रुपए 90 दिनों में जमा कराने होंगे
➤ प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर हुई कार्रवाई
पानीपत की TDI इंफ्राकॉर्प (इंडिया) लिमिटेड को हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा), पंचकूला से बड़ा झटका लगा है। अथॉरिटी ने कंपनी की जुर्माना माफ करने या कम करने की अर्जी खारिज कर दी है। अब कंपनी को मूल जुर्माने के रूप में ₹17 लाख और उस पर ₹2 लाख 10 हजार 176 रुपए ब्याज जमा करना होगा। इस तरह कंपनी पर कुल ₹19 लाख 10 हजार 176 रुपए की देनदारी बनी है।
हरेरा पंचकूला ने कंपनी को यह पूरी राशि 90 दिनों के भीतर जमा कराने के आदेश दिए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर कंपनी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह मामला वर्ष 2022 का है। उस समय हरेरा पंचकूला ने TDI इंफ्राकॉर्प के खिलाफ स्वप्रेरणा से शिकायत दर्ज की थी। कंपनी की ओर से अपने रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई थी। लंबे समय तक वैधानिक रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर अथॉरिटी ने कंपनी पर ₹17 लाख का जुर्माना लगाया था।
जुर्माना माफी की अर्जी लेकर पहुंची थी कंपनी
जुर्माना लगाए जाने के बाद TDI इंफ्राकॉर्प ने इसे माफ करने या कम करने के लिए हरेरा के समक्ष अर्जी दाखिल की थी। कंपनी की इस अर्जी पर अथॉरिटी की पीठ ने सुनवाई की। हालांकि, सुनवाई के बाद कंपनी की दलीलों को संतोषजनक नहीं माना गया और जुर्माना माफी/कटौती की अर्जी खारिज कर दी गई।
हरेरा पंचकूला की पीठ में सदस्य नदीम अख्तर, डॉ. गीता राठी सिंह और चंदर शेखर शामिल थे। पीठ ने 16 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया।
हरेरा पीठ ने कहा- नियमों के पालन के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए
सुनवाई के दौरान अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि कंपनी को वैधानिक नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जा चुके थे। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई। इसी आधार पर पीठ ने जुर्माना माफी या उसमें कटौती की मांग को स्वीकार नहीं किया।
अथॉरिटी ने कंपनी को अब RERA अधिनियम की धारा 37 एवं 34 के तहत मूल जुर्माना और उस पर बना ब्याज जमा कराने का निर्देश दिया है।
90 दिनों में जमा करनी होगी ₹19.10 लाख की राशि
हरेरा के आदेश के अनुसार, TDI इंफ्राकॉर्प को ₹17 लाख मूल जुर्माना और ₹2 लाख 10 हजार 176 रुपए ब्याज समेत कुल ₹19 लाख 10 हजार 176 रुपए की राशि 90 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।
यदि कंपनी तय समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले के साथ हरेरा ने कंपनी की ओर से दाखिल जुर्माना माफी या कटौती की मांग को खारिज करते हुए बकाया राशि जमा करने का रास्ता साफ कर दिया है।
Akhil Mahajan