पानीपत में दहेज ह*त्या के मामले में पति को 10 साल कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना
पानीपत में दहेज हत्या के मामले में पति सुनील कुमार को 10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य बरी हुए।
पानीपत कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति सुनील कुमार को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई
➤ बेटी पैदा होने के बाद बिंदु को प्रताड़ित करने और एक लाख रुपये मांगने का था आरोप
➤ दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना, ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों को सबूतों के अभाव में बरी किया गया
पानीपत। दहेज की मांग और बेटी पैदा होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में पानीपत की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, मामले में नामजद ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अंबरदीप सिंह की अदालत ने सुनाया। दोषी सुनील कुमार पानीपत की कालू पीर कॉलोनी, काबड़ी रोड का रहने वाला है। उसके खिलाफ थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में 5 जून 2021 को दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
शादी के बाद से ही दहेज के लिए परेशान करने का आरोप
जींद जिले के पिल्लूखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव ठाठरथ निवासी बीरबल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी बिंदु की शादी 7 जनवरी 2019 को सुनील कुमार के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार करीब आठ लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज से खुश नहीं थे।
शिकायत के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही बिंदु से दहेज की मांग की जाने लगी। ससुराल पक्ष के लोग बार-बार नकदी मांगते थे। पिता का आरोप था कि उनकी बेटी को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर परेशान किया जाता था।
बेटी पैदा होने के बाद बढ़ गई प्रताड़ना
बीरबल ने पुलिस को बताया था कि शादी के बाद बिंदु ने एक बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि बेटी पैदा होने पर भी ससुराल पक्ष के लोग खुश नहीं हुए। इसके बाद बिंदु को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पिता के अनुसार, बेटी को परेशान करने के साथ उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सुधरेंगे, लेकिन शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिंदु के साथ प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा।
एक लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवाए, फिर भी नहीं रुकी मांग
बीरबल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि बिंदु का पति सुनील, ससुर कर्ण सिंह, सास सुनीता, जेठ सुरेंद्र, जेठानी रीना और ननद किरण उसे प्रताड़ित करते थे। आरोप के मुताबिक, ससुराल पक्ष के लोग एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
बेटी की शिकायत मिलने पर बीरबल ने सुनील के खाते में एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवाए थे। इसके बावजूद बिंदु को परेशान करना बंद नहीं किया गया। पिता का आरोप था कि रकम देने के बाद भी बेटी के साथ व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।
3 जून को बात कराने के लिए किया था फोन
शिकायत के अनुसार, 3 जून 2021 को बीरबल ने अपनी बेटी से बात करने के लिए सुनील को फोन किया था, लेकिन सुनील ने उनकी बात बिंदु से नहीं करवाई। इसके बाद 5 जून को उन्होंने दोबारा फोन किया तो सुनील ने उन्हें पानीपत बुलाया।
बीरबल जब परिवार के साथ सरकारी अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी बेटी बिंदु की मौत हो चुकी है। इसके बाद मामले में पुलिस को शिकायत दी गई और दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के बाद पति को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बीरबल की शिकायत के आधार पर सुनील समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।
बिंदु का 6 जून 2021 को पोस्टमार्टम करवाया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर पति सुनील के खिलाफ आरोप साबित हुए।
पति को सजा, ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य बरी
अदालत ने सुनील कुमार को दोषी ठहराते हुए 10 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वहीं, अदालत ने ससुर कर्ण सिंह, सास सुनीता, जेठ सुरेंद्र, जेठानी रीना और ननद किरण को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। खबर की शुरुआती जानकारी में चार परिजनों को बरी किए जाने का उल्लेख है, जबकि विस्तृत विवरण में पांच सदस्यों के नाम दिए गए हैं।
Akhil Mahajan