तहसीलदार और पुलिस को टाइल-कस्सी मारने की धमकी, मकान मालिक पर FIR
पानीपत में बैंक को मकान का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम को धमकी देने का आरोप लगा है। तहसीलदार की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
पानीपत में मकान का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम को धमकी देने का आरोप
➤ तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज
➤ 23 जून और 24 सितंबर को भी कब्जा कार्रवाई रुकवाने का आरोप, पुलिस ने जांच शुरू की
पानीपत की रामनगर कॉलोनी में मकान का कब्जा बैंक को दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम और पुलिस कर्मचारियों को धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मकान मालिक प्रदीप सिंह ने कब्जा कार्रवाई का विरोध करते हुए मकान का गेट अंदर से बंद कर लिया और छत पर चढ़कर अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को टाइल और कस्सी मारने की धमकी दी। हालात को देखते हुए टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई।
मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत पर थाना पुराना औद्योगिक, पानीपत में प्रदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 221, 224, 132 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, प्रशासनिक टीम बैंक को संबंधित मकान का कब्जा दिलाने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान प्रदीप सिंह ने कथित तौर पर विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने गेट बंद करने के बाद छत पर जाकर टाइलें उठाईं और धमकी दी कि गेट के पास आने वाले व्यक्ति पर वह ऊपर से टाइल या कस्सी से हमला कर देगा। इसके चलते कब्जा कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
डीसी के आदेश पर तहसीलदार को बनाया गया था ड्यूटी मजिस्ट्रेट
तहसीलदार मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उपायुक्त के 2 अप्रैल 2026 के आदेश के तहत उन्हें प्रदीप सिंह और चरणजीत कौर निवासी रामनगर कॉलोनी, जाटल रोड, पानीपत की संपत्ति का कब्जा बैंक को दिलाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर को आदित्य बिरला हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका और अदालत के आदेशों की पालना के लिए प्रशासनिक टीम संबंधित मकान पर पहुंची थी। टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था, ताकि अदालत के आदेश के अनुसार कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जा सके।
हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया। तहसीलदार की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदीप सिंह के व्यवहार और धमकियों के कारण टीम मकान का कब्जा नहीं दिला सकी।
गेट बंद कर छत पर चढ़ा, टाइल और कस्सी से हमला करने की धमकी
तहसीलदार की शिकायत के मुताबिक, कब्जा कार्रवाई के दौरान प्रदीप सिंह ने दखलअंदाजी करते हुए उग्र व्यवहार किया। इसके बाद तहसीलदार ने थाना प्रभारी को उसे हिरासत में लेने के लिए लिखित आदेश दिए।
आरोप है कि इसके बावजूद प्रदीप सिंह ने मकान का गेट अंदर से बंद कर लिया। जब प्रशासनिक टीम ने गेट खुलवाकर कब्जा कार्रवाई आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो वह छत पर चढ़ गया। शिकायत में कहा गया है कि उसने हाथ में टाइलें उठाकर धमकी दी कि जो भी गेट के पास आएगा, उसे ऊपर से टाइल मार देगा।
इसके साथ ही तहसीलदार और पुलिस कर्मचारियों को टाइल व कस्सी से चोट पहुंचाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, इस तरह विरोध कर उसने कब्जा कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया।
बार-बार समझाने के बाद भी गेट खोलने को तैयार नहीं हुआ
तहसीलदार मनोज कुमार के अनुसार, प्रदीप सिंह को कई बार समझाया गया और गेट खोलने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माना। शिकायत में आरोप है कि वह लगातार धमकियां देता रहा, जिसके कारण अधिकारी और पुलिस कर्मचारी मकान का कब्जा लेने की कार्रवाई पूरी नहीं कर सके।
आखिरकार प्रशासनिक टीम और पुलिस को बिना कार्रवाई किए लौटना पड़ा। इसके बाद तहसीलदार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पहले भी दो बार कब्जा कार्रवाई रुकवाने का आरोप
शिकायत में यह भी बताया गया है कि इससे पहले 23 जून और 24 सितंबर 2026 को मकान का कब्जा दिलाने का प्रयास किया गया था। उन दोनों मौकों पर भी पुलिस कर्मचारियों की मदद से कार्रवाई करने की कोशिश की गई थी।
तहसीलदार की शिकायत के अनुसार, इन दोनों अवसरों पर भी प्रदीप सिंह ने इसी तरह विरोध और धमकी देकर कब्जा कार्रवाई रुकवा दी थी। अब तीसरी बार कार्रवाई के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस में शिकायत दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
थाना पुराना औद्योगिक पुलिस ने तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ धारा 221, 224, 132 और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
जांच अधिकारी दिनेश संधू ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
Akhil Mahajan