चेयरमैन परनीत एस. सचदेव ने दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने किया स्वीकार
हरेरा पंचकूला के चेयरमैन परनीत एस. सचदेव ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने दिसंबर 2023 में पदभार संभाला था।
हरेरा पंचकूला के चेयरमैन परनीत एस. सचदेव ने पद से दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने किया स्वीकार
➤ दिसंबर 2023 में संभाला था कार्यभार, हरियाणा सरकार ने 11 दिसंबर को जारी की थी नियुक्ति की अधिसूचना
➤ हरेरा पंचकूला हरियाणा के बाकी जिलों के रियल एस्टेट मामलों का करता है निपटारा, प्रोजेक्ट का पंजीकरण अनिवार्य
चंडीगढ़। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) पंचकूला के चेयरमैन परनीत एस. सचदेव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। सचदेव ने दिसंबर 2023 में हरेरा पंचकूला के चेयरमैन का पदभार संभाला था। उनकी नियुक्ति को लेकर हरियाणा सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने 11 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी की थी। इसके दो दिन बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया था।
परनीत एस. सचदेव भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे चंडीगढ़ में आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हरेरा पंचकूला के चेयरमैन के रूप में उनकी नियुक्ति दिसंबर 2023 में हुई थी। अब उनके इस्तीफे को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने इस पद से त्यागपत्र दे दिया है।
11 दिसंबर 2023 को जारी हुई थी नियुक्ति की अधिसूचना
परनीत एस. सचदेव को हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) पंचकूला का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति के संबंध में हरियाणा सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने 11 दिसंबर 2023 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इसके दो दिन बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने पदभार संभाला था।
सचदेव भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। अपने प्रशासनिक और विभागीय अनुभव के दौरान वे चंडीगढ़ में आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। दिसंबर 2023 में हरेरा पंचकूला की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है।
रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित करने वाली वैधानिक संस्था है हरेरा
हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी हरेरा प्रदेश में रियल एस्टेट, संपत्ति और निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत की गई थी। इस प्राधिकरण का उद्देश्य प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट और गतिविधियों को निर्धारित नियमों के दायरे में लाना है।
हरियाणा में रियल एस्टेट से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए दो अलग-अलग प्राधिकरण बनाए गए हैं। इनमें हरेरा गुरुग्राम और हरेरा पंचकूला शामिल हैं। दोनों प्राधिकरणों के कार्यक्षेत्र अलग-अलग निर्धारित हैं।
हरेरा गुरुग्राम मुख्य रूप से गुरुग्राम जिले के प्रोजेक्ट्स, शिकायतों और रियल एस्टेट गतिविधियों को देखता है। वहीं, हरेरा पंचकूला हरियाणा के बाकी जिलों से संबंधित रियल एस्टेट मामलों का निपटारा करता है। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है।
500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्रोजेक्ट का पंजीकरण जरूरी
हरेरा के नियमों के अनुसार, निर्धारित मानकों के दायरे में आने वाली नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का प्राधिकरण में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल या 8 से ज्यादा फ्लैट अथवा इकाइयों वाली नई व्यावसायिक या आवासीय परियोजना को बिक्री या विज्ञापन से पहले हरेरा में पंजीकृत करवाना जरूरी है।
इस नियम का पालन करना संबंधित परियोजना संचालकों और बिल्डरों के लिए आवश्यक है। बिना निर्धारित पंजीकरण के ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन या बिक्री नहीं की जा सकती। हरेरा प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को नियमानुसार संचालित करने और इससे जुड़े मामलों के निपटारे की जिम्मेदारी निभाता है।
Akhil Mahajan 