हिसार रोडवेज में सुबह 4 बजे से चक्का जाम, दिल्ली-चंडीगढ़ समेत कई रूटों पर बसें बंद
हिसार रोडवेज डिपो में सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू, दिल्ली-चंडीगढ़ समेत लंबे और लोकल रूटों पर बसें बंद, यात्री परेशान।
हिसार रोडवेज डिपो में शनिवार सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम, कर्मचारियों ने बसों का संचालन पूरी तरह रोका
➤ दिल्ली-चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर समेत लंबे रूटों पर बसें बंद, आदमपुर-उकलाना सहित लोकल रूट भी प्रभावित
➤ भत्तों और बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी, प्रशासन के साथ वार्ता विफल होने पर शुरू की हड़ताल
हरियाणा के हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शनिवार सुबह से बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। हिसार रोडवेज डिपो में सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया गया। अलसुबह ही रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने डिपो के मुख्य गेट पर मोर्चा संभाल लिया और बसों को बाहर निकलने से रोक दिया। सुबह चंडीगढ़ जाने वाली बस को भी कर्मचारियों ने वर्कशॉप और बस स्टैंड से बाहर नहीं निकलने दिया। इससे दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर, अजमेर, आगरा और खाटूश्याम सहित कई लंबे रूटों के साथ लोकल रूटों पर भी यातायात प्रभावित हो गया है।
बसों का संचालन बंद होने से सुबह-सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर बसें नहीं मिलने के कारण लोगों को प्राइवेट बसों और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम को एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में रोडवेज यूनियन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही थी। इसके बाद यूनियन ने अपने पहले से घोषित फैसले के अनुसार शनिवार तड़के 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वार्ता विफल होते ही कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा, सुबह से बसों का संचालन बंद
हिसार रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने शनिवार अलसुबह ही हड़ताल शुरू कर दी। सुबह 4 बजे से कर्मचारी डिपो के मुख्य गेट पर एकत्रित हो गए और बसों का संचालन रोक दिया। कर्मचारियों ने बसों को वर्कशॉप और बस स्टैंड से बाहर नहीं निकलने दिया।
इस दौरान चंडीगढ़ जाने वाली सुबह की बस भी डिपो से रवाना नहीं हो सकी। कर्मचारियों ने डिपो परिसर में धरना शुरू कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा था। शुक्रवार शाम को प्रशासन के साथ बातचीत में भी कोई सहमति नहीं बन पाई। इसी के बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लागू कर दिया।
83 से अधिक बसों का रात्रि ठहराव बंद, लंबे रूटों पर यात्री बेहाल
हड़ताल का असर शुक्रवार से ही दिखाई देने लगा था। शुक्रवार से हिसार डिपो में 83 से अधिक बसों का रात्रि ठहराव बंद किए जाने के बाद शनिवार सुबह चक्का जाम होते ही बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं।
दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर, अजमेर, आगरा और खाटूश्याम जैसे लंबे रूटों पर बसों का संचालन बंद हो गया। इन रूटों पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अब दूसरे साधनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
लंबे रूटों के अलावा लोकल बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। आदमपुर, उकलाना, बाधड़ा और चौधरीवास जाने वाली बसें भी नहीं चल पाईं। सुबह कामकाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए घरों से निकले यात्रियों को बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ा। बसों का कोई विकल्प नहीं मिलने पर लोग प्राइवेट बसों और निजी वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए।
रात्रि भत्ता, टीए और ओवरटाइम का भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारी
रोडवेज यूनियन के प्रधान संदीप जैनवास, अजय दुहन, राजबीर दुहन और नरेंद्र खरड़ ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपने लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। इनमें रात्रि भत्ता, टीए और ओवरटाइम का बकाया भुगतान प्रमुख है।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा जीएम की कार्यशैली और मांगों का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
उनका कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन से बातचीत विफल, अब मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा चक्का जाम
हिसार रोडवेज यूनियन प्रधान प्रदीप जैनवास ने बताया कि शुक्रवार शाम को एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में प्रशासन के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल पाया।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पास अब चक्का जाम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। इसी कारण शनिवार सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है।
प्रधान ने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की मांगों का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। यूनियन का कहना है कि केवल बातचीत से काम नहीं चलेगा, बल्कि कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान और दूसरी मांगों का समाधान होना चाहिए।
बसों का संचालन बहाल करने में जुटा रोडवेज प्रशासन, जीएम बोले- प्रयास जारी
हड़ताल के बीच रोडवेज प्रशासन की ओर से बसों का संचालन दोबारा शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है।
हिसार डिपो के जीएम राहुल मित्तल ने बताया कि रोडवेज प्रशासन बसों का संचालन बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बातचीत की जा रही है।
फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हिसार डिपो से बस सेवाएं प्रभावित हैं। एक तरफ यूनियन मांगों के स्थायी समाधान तक चक्का जाम जारी रखने पर अड़ी है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन बसों का संचालन बहाल करवाने में जुटा है। ऐसे में यात्रियों की परेशानी इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत से कब तक कोई समाधान निकलता है।
Akhil Mahajan