हरियाणा के 16.23 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 324 करोड़ रुपये / भिवानी में सीएम सैनी बोले- 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद रहा प्रदेश
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी होने से देश के 9.34 करोड़ किसानों को लाभ मिला। हरियाणा और भिवानी के किसानों के खातों में भी करोड़ों रुपये पहुंचे।
➤ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, देश के 9.34 करोड़ किसानों को मिला लाभ
➤ हरियाणा के 16.23 लाख किसानों के खातों में 324 करोड़ रुपये, भिवानी के 1.21 लाख किसानों को मिले 24.30 करोड़ रुपये
➤ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले- हरियाणा 24 फसलों पर एमएसपी देने वाला देश का पहला राज्य
देशभर के करोड़ों किसानों के लिए 30 अक्टूबर का दिन आर्थिक सहायता की एक और बड़ी किस्त लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इसके तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। हरियाणा में इस मौके पर भिवानी में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस किस्त के तहत हरियाणा के 16 लाख 23 हजार किसानों के खातों में 324 करोड़ रुपये और भिवानी जिले के 1.21 लाख किसानों के खातों में 24.30 करोड़ रुपये पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छोटे किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए साहूकारों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब सरकार सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचा रही है।
साहूकारों के चक्कर से सीधे बैंक खाते तक पहुंची मदद
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले छोटे किसानों को खाद, बीज और खेती से जुड़े छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी साहूकारों के दरवाजे पर जाना पड़ता था। कर्ज पर ब्याज चुकाने के कारण उनकी फसल का बड़ा हिस्सा भी खर्च हो जाता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की इस परेशानी को समझते हुए किसान सम्मान निधि योजना शुरू की। शुरुआत में विपक्ष ने इस सहायता राशि को कम बताते हुए सवाल उठाए थे, लेकिन आज यह योजना बड़े पैमाने पर किसानों तक सीधी आर्थिक मदद पहुंचाने का माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुके हैं। वहीं, केंद्र सरकार के 30 अक्टूबर के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 24वीं किस्त के बाद योजना के तहत कुल हस्तांतरण 4.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
हरियाणा के 16.23 लाख किसानों को 324 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24वीं किस्त के तहत हरियाणा के 16 लाख 23 हजार किसानों को कुल 324 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। भिवानी जिले के 1 लाख 21 हजार किसानों के खातों में 24.30 करोड़ रुपये पहुंचेंगे। उन्होंने भिवानी की धरती को किसान, पहलवान और पंडित नेकीराम की धरती बताते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
24 फसलों की एमएसपी पर खरीद का दावा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। उन्होंने भावांतर भरपाई योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार किसानों को फसल की लागत और बाजार से जुड़ी चुनौतियों में राहत देने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को मुआवजे के रूप में 16 हजार 160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। नकली बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ भी कड़े कानून बनाए गए हैं, ताकि किसानों को घटिया कृषि उत्पादों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
गन्ने का भाव दो सत्रों में बढ़ाकर 450 रुपये करने की घोषणा
गन्ना किसानों के हितों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गन्ने का भाव 2026-27 के पेराई सत्र के लिए 430 रुपये प्रति क्विंटल और 2027-28 के सत्र के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। पिछले सत्र में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था। इस तरह दो वर्षों में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से गन्ना उत्पादक किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी और खेती की बढ़ती लागत के बीच उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गाय के पालन के लिए 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। अनाज भंडारण के लिए 3 हजार रुपये और तीन साल तक प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की सहायता का भी प्रावधान बताया।
उन्होंने मोरनी ब्लॉक में प्राकृतिक खेती को लेकर हुए समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां प्राकृतिक तरीके से उगाई गई फसलों को बाजार भाव से 10 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदने की व्यवस्था की गई है।
सौर पंपों पर 75 प्रतिशत अनुदान, पराली प्रबंधन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सौर ऊर्जा पंप लगाने पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। हरियाणा में अब तक करीब 2 लाख सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
पराली प्रबंधन को लेकर उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से किसानों को एक लाख 11 हजार उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और इस काम के लिए एक हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बार किसानों ने पराली नहीं जलाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दिया है।
हरियाणा दिवस से पहले किसानों को दिलाया संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने आने वाली 1 नवंबर को हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों से पानी की हर बूंद बचाने, खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का उपयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ बीज से बाजार तक खड़ी है। उनका कहना था कि खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई, प्राकृतिक खेती, फसल खरीद, पराली प्रबंधन और तकनीक के इस्तेमाल पर लगातार काम किया जा रहा है।
Akhil Mahajan