4.66 करोड़ से बन रहा PHC भवन विवादों में, हाथ लगाते ही उखड़ रही सीमेंट की लिपाई

सिरसा के गोरीवाला में 4.66 करोड़ से बन रहे PHC भवन की दीवारों से सीमेंट उखड़ने के आरोप, निर्माण में देरी और गुणवत्ता पर जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल।

4.66 करोड़ से बन रहा PHC भवन विवादों में, हाथ लगाते ही उखड़ रही सीमेंट की लिपाई

सिरसा के गोरीवाला में 4.66 करोड़ रुपये से बन रहे PHC भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

➤ दीवारों पर हाथ लगाते ही उखड़ रही सीमेंट की लिपाई, जनप्रतिनिधियों ने निर्माण में घटिया सामग्री लगाने के लगाए आरोप

➤ 16 जुलाई 2025 तक पूरा होना था निर्माण, अक्टूबर 2026 तक काम अधूरा; ठेकेदार बोले- कमी मिली तो दूर करवाएंगे

हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के गांव गोरीवाला में करीब 4.66 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का भवन निर्माण पूरा होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। झूटी खेड़ा रोड पर बन रहे इस स्वास्थ्य केंद्र की दीवारों से हाथ लगाते ही सीमेंट की लिपाई उखड़कर नीचे गिरने के आरोप लगे हैं। गांव के जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने और निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भवन पर रंग-रोगन तक किया जा चुका है, लेकिन दीवारों की स्थिति देखकर निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा हो रहा है।

मामले को लेकर गांव के सरपंच प्रतिनिधि गुरबचन सिंह और ब्लॉक समिति सदस्य जगदीश माहर ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में सामने आई कथित खामियों की जांच कराने की मांग उठाने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई तो उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई जाएगी। हालांकि, अभी तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और काम में हुई खामियों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

4.66 करोड़ की लागत से बन रहा स्वास्थ्य केंद्र, दीवारों की हालत ने खड़े किए सवाल

जानकारी के अनुसार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, सिरसा की ओर से उप तहसील गोरीवाला के झूटी खेड़ा रोड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनाया जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 466.84 लाख रुपये है।

निर्माण स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड के मुताबिक, भवन का निर्माण कार्य 9 जुलाई 2024 को शुरू हुआ था। इसे 16 जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना निर्धारित किया गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के करीब 15 माह बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।

अब भवन की दीवारों से सीमेंट की लिपाई उखड़ने की शिकायत सामने आने के बाद निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एक तरफ निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हुआ और दूसरी तरफ भवन की दीवारों की ऐसी स्थिति चिंताजनक है।

हाथ लगाते ही नीचे गिरने लगी सीमेंट की लिपाई, जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण

मामले में गांव के सरपंच प्रतिनिधि गुरबचन सिंह और ब्लॉक समिति सदस्य जगदीश माहर ने निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भवन तैयार करने के साथ ही उस पर रंग-रोगन का काम भी किया जा चुका है। पहली नजर में भवन तैयार दिखाई देता है, लेकिन दीवारों की स्थिति देखने पर निर्माण कार्य में खामियां नजर आईं।

उन्होंने दीवारों पर की गई सीमेंट की लिपाई को हाथ लगाकर देखा तो कुछ हिस्सों से सीमेंट उखड़कर नीचे गिरने लगी। इस स्थिति को देखकर जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

उनका कहना है कि भवन के निर्माण में इस तरह की स्थिति सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

टेंडर में तय मानकों के अनुसार काम नहीं होने का आरोप

सरपंच प्रतिनिधि गुरबचन सिंह और ब्लॉक समिति सदस्य जगदीश माहर ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य टेंडर में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। भवन का निर्माण निर्धारित नियमों और तकनीकी मानकों के अनुसार होना जरूरी है। दीवारों की लिपाई हाथ लगाने पर उखड़ने की स्थिति सामने आने के बाद उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की जरूरत बताई है।

हालांकि, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए विभागीय जांच और तकनीकी परीक्षण जरूरी होगा।

जुलाई 2025 तक पूरा होना था काम, अक्टूबर 2026 में भी भवन अधूरा

निर्माण स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का काम 9 जुलाई 2024 को शुरू हुआ था और इसे 16 जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना था।

लेकिन अक्टूबर 2026 तक भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। निर्धारित समय सीमा बीतने के करीब 15 माह बाद भी भवन का अधूरा रहना जनप्रतिनिधियों के सवालों का दूसरा बड़ा कारण है।

उनका कहना है कि निर्माण कार्य में देरी के साथ अब गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की स्थिति और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच होनी चाहिए, ताकि सामने आई कमियों को दूर कराया जा सके।

शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों से जांच कराने की उठाएंगे मांग

सरपंच प्रतिनिधि गुरबचन सिंह और ब्लॉक समिति सदस्य जगदीश माहर ने कहा कि यदि ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से काम पूरा करने का प्रयास किया गया तो वे इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे।

उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की जांच करवाई जाएगी और गुणवत्ता से संबंधित कमियों को दूर करवाने की मांग उठाई जाएगी। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

फिलहाल, इस मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

ठेकेदार निर्मल सिंह बोले- जहां कमी मिलेगी, उसे दुरुस्त करवाएंगे

निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर ठेकेदार निर्मल सिंह ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य अभी चल रहा है।

ठेकेदार के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान जहां कहीं भी कोई कमी दिखाई देगी, उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। अब देखना होगा कि निर्माण कार्य में सामने आई शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है और भवन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का समाधान कैसे किया जाता है।