पंचकूला स्कूल की घटना पर भावुक हुए शिक्षा मंत्री, बोले- वीडियो देखना भी मुश्किल
पंचकूला स्कूल की घटना पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भावुक हुए। जांच के लिए मुख्यालय स्तर की कमेटी गठित, कल सुबह तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
➤ महिपाल ढांडा ने कहा- मासूम बच्ची के साथ हुई घटना का वीडियो देख पाना भी मुश्किल
➤ मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी गठित, कल सुबह तक आएगी रिपोर्ट
➤ लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल में केजी की बच्ची के साथ हुई गंभीर घटना ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को भी भावुक कर दिया। घटना का वीडियो देखने के बाद उन्होंने कहा कि मामला सामने आते ही उन्होंने वीडियो देखा, लेकिन सच्चाई यह है कि उसे देख पाना भी बेहद मुश्किल है। मंत्री ने बच्ची के साथ हुई घटना पर संवेदना जताते हुए साफ किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित
शिक्षा मंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने विभाग के आला अधिकारियों को तत्काल जरूरी निर्देश दिए। उनके निर्देश पर मुख्यालय स्तर की कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी को मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
मंत्री के अनुसार, कमेटी की रिपोर्ट कल सुबह तक आने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य जिम्मेदार लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में बच्ची के साथ हुई थी गंभीर घटना
उल्लेखनीय है कि यह मामला पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल का है। आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने केजी की बच्ची पर पत्थरों और गमले से हमला किया। घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे पहले सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने के कारण पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद स्कूल परिसर में छोटे बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित छात्र के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।
अभिभावक बच्चों से नियमित बातचीत करें
ऐसी घटनाओं के बाद अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों से स्कूल में होने वाली गतिविधियों के बारे में नियमित और सहज बातचीत करें। बच्चों को समझाएं कि यदि कोई उन्हें चोट पहुंचाता है, डराता है या परेशान करता है तो वे बिना झिझक शिक्षक या माता-पिता को बताएं।
बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, जैसे अधिक गुस्सा, डर, चुप्पी या स्कूल जाने से इनकार करना दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अभिभावक स्कूल प्रबंधन से यह भी जानकारी लें कि कक्षाओं, इंटरवल और खेल के समय छोटे बच्चों की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था है।
यदि स्कूल में किसी बच्चे को गंभीर चोट लगती है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। साथ ही घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन को लिखित रूप में दें और जरूरत पड़ने पर पुलिस को भी शिकायत करें।
Akhil Mahajan