पंचकूला के स्कूल में बच्ची से मारपीट के बाद हंगामा, अभिभावकों का प्रदर्शन मेन गेट बंद, मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने पहुंचकर लिया जायजा
पंचकूला स्कूल में बच्ची से मारपीट के बाद अभिभावकों ने हंगामा किया। मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष स्कूल पहुंचे, बाल अधिकार आयोग ने शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी।
➤ बच्ची से मारपीट की घटना के विरोध में स्कूल पहुंचे अभिभावक, प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
➤ मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने स्कूल पहुंचकर लिया मामले का जायजा, बाल अधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट
➤ पीजीआई के डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की नाक की हड्डी में फ्रैक्चर, हालत अब खतरे से बाहर
पंचकूला। स्कूल में एक मासूम बच्ची के साथ हुई गंभीर घटना के बाद अब अभिभावकों का गुस्सा सामने आने लगा है। शनिवार को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता एकत्रित हो गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई और अब मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि घटना के बाद दूसरे बच्चे भी डरे हुए हैं और स्कूल में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हंगामा बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन ने मुख्य गेट बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया।
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल
स्कूल के बाहर पहुंचे अभिभावकों ने प्रबंधन और प्रिंसिपल के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि बच्चों की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक बच्चों की देखरेख के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जाए।
अभिभावकों का कहना है कि घटना का वीडियो देखने के बाद दूसरे बच्चे भी भयभीत हैं। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी उन्हें स्कूल के बाहर से हटाने का आरोप लगाया। हंगामे को देखते हुए स्कूल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने स्कूल पहुंचकर लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने कहा कि आयोग इस घटना का गंभीरता से अध्ययन करेगा। स्कूल प्रशासन की ओर से किसी शिक्षक, प्रिंसिपल या अन्य कर्मचारी की गलती सामने आने पर कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी।
जस्टिस बत्रा ने यह भी कहा कि आयोग बच्चों की मानसिकता और उनके व्यवहार को समझने के लिए एक विशेष व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश सरकार से करेगा। इससे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों का समय रहते आकलन करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
बाल अधिकार आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा नोटिस
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचीं और बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर उसके इलाज की जानकारी ली।
आयोग ने पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर घटना की रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। आयोग ने बच्ची के शारीरिक उपचार के साथ-साथ उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई है।
बच्ची की नाक की हड्डी में फ्रैक्चर, हालत खतरे से बाहर
पीजीआई के डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के चेहरे पर चोट आई है और उसकी नाक की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। उसके शरीर पर अन्य चोटें भी हैं। नागरिक अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उसका इलाज पीजीआई में चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बच्ची की जान अब खतरे से बाहर है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत प्राप्त हो चुकी है। आरोपित छात्र नाबालिग है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों से भी राय मांगी है। जांच में घटना के कारणों और स्कूल में निगरानी व्यवस्था की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
शिक्षा मंत्री पहले ही गठित कर चुके हैं जांच कमेटी
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने घटना का वीडियो देखने के बाद कहा था कि इसे देख पाना भी मुश्किल है। उन्होंने मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने कहा था कि कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब इस मामले में शिक्षा विभाग की कमेटी, पुलिस और दोनों आयोगों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अभिभावकों की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
Akhil Mahajan