राखी बांधने की सही दिशा,पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा मानी गई शुभ
रक्षाबंधन 2026 पर भाई को राखी बांधते समय दिशा का ध्यान रखें। पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना गया है। 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भी होगा।
रक्षाबंधन पर भाई को पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठाना शुभ माना गया
➤ उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भी बांध सकते हैं राखी
➤ 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण, भारत में दिखाई नहीं देगा
रक्षाबंधन 2026: 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। रक्षाबंधन के मौके पर भाई की कलाई पर राखी बांधने को लेकर धार्मिक मान्यताओं में कई बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इनमें राखी बांधते समय भाई के बैठने की दिशा को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी बांधते समय भाई को ऐसी दिशा में बैठना चाहिए जिसे शुभ और सकारात्मक माना जाता है। वास्तु के अनुसार भी अलग-अलग दिशाओं का अपना महत्व बताया गया है। इसलिए राखी बांधते समय भाई किस दिशा की ओर मुंह करके बैठे हैं, इसका ध्यान रखने की बात कही जाती है।
राखी बांधते समय भाई का मुंह किस दिशा में होना चाहिए?
राखी बांधते समय भाई को पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठाना शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपरा में पूर्व दिशा को शुभ और देव कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है। इसी वजह से राखी बांधने के दौरान भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह दी जाती है।
अगर पूर्व दिशा की ओर बैठना संभव न हो तो भाई उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भी बैठ सकते हैं। इन दिशाओं को भी शुभ माना गया है।
उत्तर दिशा का भी है विशेष महत्व
धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में उत्तर दिशा को धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में राखी बांधते समय भाई का मुख उत्तर दिशा की ओर होना भी शुभ माना जाता है।
वहीं उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना भी विकल्प के तौर पर बताया गया है। इस तरह रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भाई के बैठने की दिशा का ध्यान रखा जा सकता है।
28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण
इस बार 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके बावजूद रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय दिशा का ध्यान रखने की बात कही गई है।
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई की सुख-समृद्धि की कामना करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर पर पूजा और राखी बांधने की प्रक्रिया के दौरान दिशा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
Akhil Mahajan