हरियाणा में मानसून सुस्त,3 जिलों में बारिश के आसार, 7 जिले रेड जोन में
हरियाणा में मानसून सुस्त पड़ा है। पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बारिश के आसार हैं। अगस्त में 14 प्रतिशत अधिक बारिश, 7 जिले रेड जोन में हैं।
पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में आज बारिश के आसार
➤ अगस्त में सामान्य से 14 प्रतिशत ज्यादा बारिश, सीजन में 14 प्रतिशत कमी
➤ 7 जिले रेड जोन में, करनाल-अंबाला में 51 प्रतिशत बारिश की कमी
हरियाणा में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। बुधवार को रेवाड़ी और आसपास के इलाकों में हल्की से झमाझम बारिश देखने को मिली, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अब मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज प्रदेश के केवल 3 उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इसके अलावा रोहतक, हिसार, जींद, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ समेत बाकी सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश के जिन इलाकों में बारिश की जरूरत बनी हुई है, वहां आने वाले दिनों में भी राहत सीमित रहने की संभावना है।
सीजन में अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश
हरियाणा में 1 जून से 26 अगस्त तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक कुल 257.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य तौर पर 299.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
हालांकि अगस्त महीने के आंकड़े कुछ अलग तस्वीर दिखा रहे हैं। अगस्त में अब तक 109.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस महीने सामान्य औसत बारिश 96.1 मिमी रहती है। इस लिहाज से अगस्त में अब तक सामान्य से 14 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। यानी पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों में कमी है, लेकिन अगस्त का प्रदर्शन सामान्य औसत से बेहतर रहा है।
बुधवार शाम रेवाड़ी में हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई और लोगों को उमस से कुछ राहत मिली। वहीं हिसार में मौसम साफ रहा। इससे एक दिन पहले शाम के समय यहां बादल जरूर छाए थे, लेकिन बारिश नहीं हुई।
अगले 4-5 दिन सुस्त रहेगा मानसून
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, राज्य में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय मानसून टर्फ की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी, दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। उत्तरी हरियाणा पर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन भी बना हुआ है, लेकिन मानसून ट्रफ के अब हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसकने की संभावना बन रही है।
मौसम प्रणाली में इस बदलाव का असर हरियाणा में भी देखने को मिलेगा। मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसकने से राज्य में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ेंगी और बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
करनाल और अंबाला में बारिश की सबसे ज्यादा कमी
हरियाणा में अगस्त की बारिश के आंकड़े देखें तो धान के इलाकों में बारिश की सबसे ज्यादा कमी देखने को मिल रही है। प्रदेश के 7 जिले रेड जोन यानी बारिश की भारी कमी वाली श्रेणी में हैं।
इन जिलों में करनाल और अंबाला में 51 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा कैथल में 49 प्रतिशत, सिरसा में 47 प्रतिशत, पंचकूला में 44 प्रतिशत और रोहतक में 36 प्रतिशत बारिश की कमी रही है। वहीं जींद में 27 प्रतिशत से 52 प्रतिशत तक कमी देखने को मिली है।
बारिश की इस कमी का असर खास तौर पर उन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है, जहां धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत है। अगस्त में सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में जहां सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई, वहीं कई जिलों में बारिश की भारी कमी बनी हुई है।
भिवानी में सबसे ज्यादा बारिश, फतेहाबाद भी आगे
बारिश के आंकड़ों में हरियाणा के जिलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। भिवानी में सामान्य से 117 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं फतेहाबाद में 50 प्रतिशत अधिक, कुरुक्षेत्र में 19 प्रतिशत अधिक, पलवल में 17 प्रतिशत अधिक, चरखी दादरी में 11 प्रतिशत अधिक और रेवाड़ी में 3 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इस तरह प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि दूसरी ओर कई जिले बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं। यही असमानता अगस्त के कुल आंकड़ों में भी दिखाई देती है। प्रदेश स्तर पर अगस्त में बारिश सामान्य से 14 प्रतिशत अधिक है, लेकिन अलग-अलग जिलों में स्थिति काफी अलग बनी हुई है।
फिलहाल मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक मानसून की गतिविधियां सुस्त रहने वाली हैं। आज पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
Akhil Mahajan