हरियाणा में मानसून सुस्त,हिसार में 38.9° पारा, 7 जिले रेड जोन में,गर्मी-उमस ने बढ़ाई परेशानी

हरियाणा में मानसून सुस्त पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ी, हिसार में तापमान 38.9 डिग्री पहुंचा। सात जिले बारिश की भारी कमी वाले रेड जोन में हैं।

हरियाणा में मानसून सुस्त,हिसार में 38.9° पारा, 7 जिले रेड जोन में,गर्मी-उमस ने बढ़ाई परेशानी

हरियाणा में मानसून सुस्त, गर्मी और उमस बढ़ी
हिसार में 38.9 डिग्री पहुंचा तापमान, सात जिले रेड जोन में
पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ एक बार फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच रहा है। हिसार में तापमान 38.9 डिग्री तक दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा नूंह, भिवानी और सिरसा में भी तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के केवल 3 उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं रोहतक, हिसार, जींद, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ समेत प्रदेश के बाकी सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है।

बारिश नहीं होने के कारण दिन के समय गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। हिसार में तेज गर्मी के चलते सड़कों पर भी इसका असर देखने को मिला और दिन के समय कई जगह सड़कें सुनसान नजर आईं। गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।

अगले 4-5 दिन सुस्त रहेगा मानसून

चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, राज्य में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून टर्फ की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी, दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। अब मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसकने की संभावना बन रही है। इसके चलते राज्य में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ेंगी और बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी।

इसका सीधा असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण कई इलाकों में दिन का तापमान बढ़ रहा है और वातावरण में उमस बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों में भी मानसून के कमजोर रहने के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।

1 जून से 26 अगस्त तक 14% कम बारिश

हरियाणा में 1 जून से 26 अगस्त तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक प्रदेश में 257.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य तौर पर औसत बारिश 299.9 मिमी होती है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 14% कम बारिश हुई है।

हालांकि अगस्त महीने के आंकड़े तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाते हैं। अगस्त में अब तक 109.9 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि इस महीने सामान्य औसत बारिश 96.1 मिमी होती है। यानी अगस्त में अब तक 14% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। खासकर धान वाले इलाकों में अगस्त के दौरान बारिश का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी नीचे रहने के कारण उन्हें रेड जोन में रखा गया है।

करनाल और अंबाला में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

अगस्त में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के 7 जिले रेड जोन यानी बारिश की भारी कमी वाली श्रेणी में हैं। इनमें करनाल और अंबाला में सबसे ज्यादा 51% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

इसके अलावा कैथल में 49%, सिरसा में 47%, पंचकूला में 44% और रोहतक में 36% बारिश की कमी दर्ज की गई है। जींद में 27% से 52% तक कमी देखने को मिली है।

धान के इलाकों में बारिश की कमी का असर विशेष रूप से नजर आ रहा है। मानसून के कमजोर पड़ने से इन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है, जबकि प्रदेश के कुछ जिलों में इसके उलट सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

भिवानी में 117% ज्यादा बारिश

प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की स्थिति रेड जोन वाले जिलों से बिल्कुल अलग है। भिवानी में सबसे ज्यादा 117% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इसके अलावा फतेहाबाद में 50% अधिक, कुरुक्षेत्र में 19% अधिक, पलवल में 17% अधिक, चरखी दादरी में 11% अधिक और रेवाड़ी में 3% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इस तरह प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में बारिश की भारी कमी बनी हुई है। फिलहाल अगले 4 से 5 दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सुस्त रहने के पूर्वानुमान के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बने रहने की संभावना है।