हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3,349 करोड़ मंजूर, मार्च 2027 तक पूरा होगा भूमि अधिग्रहण

कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3349 करोड़ मंजूर हुए हैं। 157 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3,349 करोड़ मंजूर, मार्च 2027 तक पूरा होगा भूमि अधिग्रहण

गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3,349 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

157 हेक्टेयर भूमि में 122 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण पूरा

मार्च 2027 तक पूरी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य


हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गगल हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार ने 3,349 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के लिए करीब 157 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसमें 26 हेक्टेयर सरकारी और 131 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है।

विधानसभा में भाजपा विधायकों विपिन सिंह परमार, सुधीर शर्मा और पवन काजल तथा कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परियोजना से जुड़ी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 122 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। वहीं शेष नौ हेक्टेयर निजी और 26 हेक्टेयर सरकारी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

942 परिवार हुए प्रभावित

गगल एयरपोर्ट के विस्तार से कुल 942 परिवार प्रभावित हुए हैं। निजी भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार की ओर से 2,579.22 करोड़ रुपये के अवार्ड घोषित किए गए हैं। इनमें से 2,283.77 करोड़ रुपये का भू-मुआवजा प्रभावित लोगों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 295.45 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी है।

पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत भी सरकार ने 395.87 करोड़ रुपये के अवार्ड घोषित किए हैं। इसमें से 178.93 करोड़ रुपये लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं, जबकि 216.94 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है।

फैक्टर-2 कंपनसेशन देने से सरकार का इन्कार

सरकार ने प्रभावित परिवारों को फैक्टर-2 या प्रोजेक्ट वन कंपनसेशन जैसी विशेष मुआवजा नीति देने से इन्कार किया है। सरकार के अनुसार प्रभावित लोगों को मुआवजा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित बाजार मूल्य के आधार पर दिया जा रहा है।

इस तरह मुआवजे की गणना मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित बाजार मूल्य के आधार पर की जा रही है।

65 हेक्टेयर में विकसित होगी एयरोसिटी

कांगड़ा में प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना पर भी सरकार ने काम आगे बढ़ाने की जानकारी दी है। इसके लिए जुगेहर, भदोत, बांदी खास और बांदी खुर्द में करीब 65 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।

एयरोसिटी के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत 122.32 करोड़ रुपये है। यह लागत मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर आंकी गई है।

टीईएफआर के बाद तय होगी रनवे विस्तार की लागत

गगल हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। एयरपोर्ट का विस्तार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के मास्टर प्लान के अनुरूप किया जा रहा है।

रनवे विस्तार की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (TEFR) तैयार करने का काम वैपकॉस लिमिटेड कर रही है। रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही रनवे विस्तार की संभावित लागत तय की जाएगी।