बीरू ह*त्याकांड पर धमकी,विदेशी नंबर से कॉल, वॉट्सएप पर डराने का आरोप
करनाल के बीरू वाल्मीकि हत्याकांड पर आवाज उठाने वालों ने धमकियों की शिकायत दी। विदेशी नंबर, वॉट्सएप रिकॉर्डिंग और इंस्टाग्राम से धमकी के आरोप लगे।
बीरू हत्याकांड पर आवाज उठाने वालों को धमकी मिलने के दो मामले सामने आए
➤ विदेशी नंबर से कॉल-वॉट्सएप रिकॉर्डिंग भेजने और इंस्टाग्राम से धमकी का आरोप
➤ पुलिस ने दोनों शिकायतों पर अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की
करनाल। बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद इसे लेकर आवाज उठाने और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोगों को कथित तौर पर धमकियां मिलने के मामले सामने आए हैं। करनाल में दो लोगों ने अलग-अलग शिकायतें देकर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। एक मामले में विदेशी मोबाइल नंबर से कॉल करने और वॉट्सएप के जरिए धमकी भरी रिकॉर्डिंग भेजने की बात कही गई है, जबकि दूसरे मामले में इंस्टाग्राम के माध्यम से धमकी देने और वसूली की मांग किए जाने का आरोप है।
दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
सुरक्षा के साथ हथियार के लाइसेंस की मांग
गांव कमालपुर रोडान निवासी राजिंद्र मान ने 21 अगस्त को पुलिस अधीक्षक करनाल को शिकायत दी। उन्होंने शिकायत में बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं और बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के विषय में आवाज उठाने के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
राजिंद्र मान के अनुसार, उन्हें एक विदेशी मोबाइल नंबर से कॉल की गई। इसके बाद इसी नंबर से जुड़े वॉट्सएप के माध्यम से कथित तौर पर कई धमकी भरे संदेश और रिकॉर्डिंग भेजी गईं।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि इन रिकॉर्डिंग में उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही, रिकॉर्डिंग में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
राजिंद्र मान ने पुलिस को बताया कि उन्हें पहले भी जान से मारने की धमकियां मिलती रही हैं। अब विदेशी नंबर से कॉल और वॉट्सएप पर रिकॉर्डिंग भेजे जाने के बाद उन्होंने अपने और परिवार के जान-माल को खतरा बताया है।
वॉट्सएप पर रिकॉर्डिंग भेजकर डराने का आरोप
शिकायत में कुछ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। राजिंद्र मान का आरोप है कि धमकी देने वालों ने उन्हें और उनके परिवार को डराने के लिए वॉट्सएप पर रिकॉर्डिंग भेजीं।
उन्होंने पुलिस से अपने और परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने गन लाइसेंस दिए जाने की मांग भी की है।
राजिंद्र मान ने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
10 अगस्त को आईं छह रिकॉर्डिंग
शिकायत में राजिंद्र मान ने धमकी से जुड़ी कॉल और रिकॉर्डिंग का समय भी बताया है। उनके अनुसार, आरोपियों की ओर से 10 अगस्त को सुबह 11:38 बजे कॉल की गई थी। इसके बाद 11:39, 11:40, 11:43 और 11:44 बजे धमकी वाली रिकॉर्डिंग भेजे जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
शिकायत में कुल छह रिकॉर्डिंग होने की बात कही गई है। राजिंद्र मान का कहना है कि इन रिकॉर्डिंग में जान से मारने की धमकी देने के अलावा जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 21 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय करनाल से शिकायत थाना इंद्री पहुंची। इसके बाद शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा कल देर शाम दर्ज किया।
दूसरे मामले में इंस्टाग्राम से धमकी और वसूली का आरोप
बीरू वाल्मीकि हत्याकांड को लेकर सामने आए दूसरे मामले में भी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है। इसमें इंस्टाग्राम के जरिए धमकी देने और वसूली की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने इस शिकायत को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। दोनों मामलों में पुलिस अब शिकायतों में लगाए गए आरोपों, कॉल, वॉट्सएप रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद इस मामले को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों को कथित धमकियां मिलने से सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी देने के पीछे कौन लोग हैं और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पूरी सच्चाई क्या है।
Akhil Mahajan