CM को सर्टिफिकेट पर घेरा,सुरेश कश्यप बोले- अपने तीन साल के कार्यकाल की चिंता करें
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज, विकास और वंदे मातरम् को लेकर तीखा हमला बोला
सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर साधा निशाना, कहा- भाजपा सांसदों को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
➤ कांग्रेस पर वंदे मातरम् के प्रति अनुचित रवैया अपनाने का आरोप, राष्ट्रीय गौरव से समझौता नहीं करने की बात
➤ हिमाचल की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और विकास की रफ्तार को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
शिमला। हिमाचल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने CPRI मुख्यालय में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाने और उन्हें सर्टिफिकेट देने के बजाय प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और ठप पड़े विकास की चिंता करनी चाहिए।
सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा सांसदों को मुख्यमंत्री से किसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा के भाजपा सांसद अपनी संवैधानिक और राजनीतिक जिम्मेदारी को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों की आवाज कहां और कैसे उठानी है, इसके लिए भाजपा सांसदों को मुख्यमंत्री से सीख लेने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल से जुड़े विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के समक्ष रखे गए, केंद्र ने प्रदेश का पूरा सहयोग किया है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने हिमाचल की जरूरतों को संवेदनशीलता से सुना और हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई।
केंद्र के सहयोग को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना
सुरेश कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलते हैं, उन्हें बुके देते हैं और योजनाओं व विकास कार्यों के लिए धनराशि लेकर हिमाचल लौटते हैं, लेकिन बाद में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना तक भूल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हिमाचल को विशेष श्रेणी राज्य का लाभ मिल रहा है और कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। आपदा हो या विकास योजनाएं, केंद्र सरकार हिमाचल के साथ मजबूती से खड़ी रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक कारणों से केंद्र पर आरोप लगाती रहती है, जबकि प्रदेश के विकास में केंद्र का बड़ा योगदान है।
राजस्व घाटा अनुदान को लेकर भी सरकार को घेरा
राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG को लेकर कश्यप ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक तरफ हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2030 तक देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर हर आर्थिक समस्या के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराती है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में आत्मनिर्भर हिमाचल बनाना चाहती है तो उसे प्रदेश की आय बढ़ाने, गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण करने और कर्ज पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस गति से सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है, वह प्रदेश के आर्थिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
अधिकारियों का कैडर घटाने के प्रस्ताव पर भी निशाना
सांसद सुरेश कश्यप ने आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के कैडर में कमी के प्रस्ताव को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गलत जगह खर्च घटाने का प्रयास कर रही है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों का कैडर कम करने के बजाय अपनी ‘मित्रों की फौज’ का कैडर कम करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को अधिकारियों की संख्या घटाने के बजाय अनावश्यक राजनीतिक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची को कम करना चाहिए।
भाजपा में गुटबाजी के आरोप पर कश्यप का पलटवार
सुरेश कश्यप ने भाजपा में गुटबाज़ी के आरोपों पर मुख्यमंत्री पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का केवल एक गुट है और उसका नाम भारतीय जनता पार्टी है।
उन्होंने कहा कि 2027 आने पर कांग्रेस को खुद पता चल जाएगा कि भाजपा कितनी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में है। उन्होंने कहा कि हाल के पंचायती राज एवं शहरी निकाय चुनावों के परिणामों ने भी प्रदेश की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है।
कश्यप ने दावा किया कि जिला परिषद, बीडीसी, पंचायतों और नगर निकायों में भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिला है। चार नगर निगमों में से तीन में भाजपा ने अपना नेतृत्व स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि यदि इसे सत्ता का सेमीफाइनल माना जाए तो प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों का जवाब देगी।
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर लगाया अनुचित रवैये का आरोप
वंदे मातरम् को लेकर CWC के फैसले पर सुरेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता का सम्मान भाजपा के लिए राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव का विषय है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर वंदे मातरम् के प्रति अनुचित रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगौरव से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
कश्यप ने कहा कि वंदे मातरम्, तिरंगा और भारत माता उनके लिए सर्वोपरि हैं तथा राष्ट्र के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विदेशों में भारत को लेकर उनकी कई टिप्पणियां देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
हिमकेयर योजना को बंद करने के बजाय कमियां दूर करने की मांग
हिमकेयर योजना को लेकर सुरेश कश्यप ने कहा कि इस योजना ने हिमाचल के लाखों जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। गंभीर बीमारी की स्थिति में गरीब व्यक्ति के लिए हिमकेयर एक वरदान के रूप में सामने आई है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका है तो निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी संभावित गड़बड़ी को आधार बनाकर पूरी हिमकेयर योजना को कमजोर या बंद करना समाधान नहीं है। कमियां हैं तो उन्हें दूर किया जाए और दोषी हैं तो उन्हें सजा दी जाए, लेकिन गरीब का इलाज नहीं छीना जाना चाहिए।
सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रदेश में विकास की गति प्रभावित है और आर्थिक स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
बाइट—- सुरेश कश्यप, भाजपा सांसद, शिमला
pooja