हरियाणा की MBA पास लेडी ब्लैकमेलर, डेटिंग एप, अमीर टारगेट, कमाए लाखों
गुरुग्राम में MBA पास सूर्यदिता दास पर अमीर युवक से 90 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। पुलिस ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया, खाते में ₹95 लाख मिले।
➤ डेटिंग एप पर अमीर यूजर्स को चुनकर बनाती थी टारगेट
➤ 90 लाख रुपए वसूलने के बाद भी लगातार बढ़ाती रही डिमांड
➤ पुलिस के जाल में फंसी, खाते में मिले ₹95 लाख फ्रीज
डेटिंग एप पर एक प्रोफाइल, सामने अमीर टारगेट और फिर शुरू हुआ लाखों रुपए का खेल। हरियाणा के गुरुग्राम में MBA पास एक महिला पर एक युवक को कथित तौर पर धमकाकर करीब 90 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। कहानी तब और चौंकाने वाली हो गई, जब पुलिस की जांच में उसके बैंक खाते में करीब 95 लाख रुपए की संदिग्ध रकम मिली। आखिर एक डेटिंग एप से शुरू हुई मुलाकात कथित ब्लैकमेलिंग और लाखों की रकम तक कैसे पहुंची, पुलिस अब इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
हरियाणा के गुरुग्राम में अपने अमीर बॉयफ्रेंड से करीब 90 लाख रुपए वसूलने के मामले में गिरफ्तार 24 वर्षीय सूर्यदिता दास को लेकर पुलिस ने चौंकाने वाली जानकारी सामने रखी है। पुलिस पूछताछ के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के एक साधारण परिवार से आने वाली सूर्यदिता ने गुरुग्राम की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से MBA किया और बाद में एक जानी-मानी इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी में नौकरी शुरू की। पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम में पढ़ाई और नौकरी के दौरान उसे शहर की चकाचौंध और लग्जरी लाइफ पसंद आने लगी।
महंगे कपड़े, कारें, देर रात पार्टी और घूमने-फिरने की इच्छाएं पूरी करने के लिए उसने डेटिंग एप सीकिंग (Seeking) पर प्रोफाइल बनाया और वहां अमीर लोगों को टारगेट करना शुरू किया। इसी एप के जरिए उसकी मुलाकात सेक्टर-47 में रहने वाले अंकित से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और इसके बाद सूर्यदिता ने अंकित से मोटी रकम लेकर मुलाकातें शुरू कर दीं। कुछ समय बाद जब अंकित ने उससे मिलना बंद कर दिया तो आरोप है कि सूर्यदिता ने उसे झूठे केस में फंसाने और परिवार से मिलकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इन धमकियों से डरकर अंकित ने सूर्यदिता के खाते में करीब 90 लाख रुपए ट्रांसफर और अन्य माध्यमों से दिए, लेकिन इसके बाद भी उसकी पैसों की मांग खत्म नहीं हुई। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी महिला को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में करीब 95 लाख रुपए मिले, जिन्हें पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज करा दिया है।
पुलिस के मुताबिक, सूर्यदिता दास फिलहाल गुरुग्राम के पॉश इलाके सुशांत लोक में रह रही थी। उसने गुरुग्राम की एक यूनिवर्सिटी से MBA किया। दो साल का MBA पूरा करने के बाद उसने गुरुग्राम की ही एक इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी में नौकरी शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, पढ़ाई और नौकरी के लिए गुरुग्राम में रहने के दौरान सूर्यदिता शहर की लग्जरी लाइफ से प्रभावित हुई। उसे देर रात पार्टी करना, महंगे कपड़े, कारें और घूमना-फिरना पसंद था। हालांकि, अपनी आमदनी के हिसाब से इन इच्छाओं को पूरा करना उसके लिए आसान नहीं था।
अमीर लोगों को टारगेट करने के लिए चुना Seeking एप
पुलिस के मुताबिक, सूर्यदिता ने जल्दी पैसा कमाने के लिए Seeking डेटिंग एप पर अपना प्रोफाइल बनाया। इस एप पर यूजर्स को अपनी इनकम, बैकग्राउंड और अपनी उम्मीदों की जानकारी देनी होती है। एप को खास तौर पर अमीर लोगों के बीच इस्तेमाल किए जाने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर बताया गया है।
इस एप पर पुरुष यूजर को प्रोफाइल बनाने के लिए 350 डॉलर की फीस देनी पड़ती है, जबकि महिला यूजर का प्रोफाइल फ्री में बनाया जाता है। खासकर कॉलेज स्टूडेंट आईडी से साइन अप करने वाली महिलाओं के लिए प्रोफाइल फ्री बनाया जाता है।
पुलिस की जांच के मुताबिक, सूर्यदिता ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाया और एप पर खुद को छात्र के तौर पर पेश करते हुए ऐसे लोगों से संपर्क किया, जिन्हें वह आर्थिक रूप से सक्षम मानती थी।
तीन साल पहले अंकित को बनाया टारगेट
पुलिस के मुताबिक, करीब तीन साल पहले Seeking एप के जरिए सूर्यदिता की मुलाकात गुरुग्राम के सेक्टर-47 में रहने वाले अंकित से हुई। पुलिस का कहना है कि अंकित एक अच्छे परिवार से ताल्लुक रखता है और सूर्यदिता ने उसे अपने लिए एक सॉफ्ट टारगेट के तौर पर चुना।
दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद सूर्यदिता ने अंकित से मुलाकातें शुरू कीं। पुलिस के अनुसार, ये मुलाकातें पेड मीटिंग के तौर पर होती थीं और इसके बदले आरोपी महिला उससे मोटी रकम लेती थी।
मुलाकातें बंद हुईं तो शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस के मुताबिक, जब अंकित ने आगे सूर्यदिता से मिलना बंद कर दिया तो मामले ने दूसरा रूप ले लिया। आरोप है कि इसके बाद सूर्यदिता ने अंकित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
पीड़ित के मुताबिक, उसे धमकी दी गई कि अगर उसने पैसे देना बंद किया तो उसके खिलाफ दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ और झूठा रेप केस दर्ज करा दिया जाएगा। इन धमकियों के कारण अंकित सामाजिक प्रतिष्ठा, परिवार की इज्जत और करियर खराब होने के डर से दबाव में आ गया।
किश्तों में करीब 90 लाख रुपए देने का आरोप
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह सूर्यदिता को लगातार पैसे देता रहा। उसके अनुसार, उसने करीब 10-12 लाख रुपए बैंक अकाउंट में और 60-65 लाख रुपए नकद दिए। इस तरह कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर आरोपी महिला ने किश्तों में करीब 90 लाख रुपए पहले ही वसूल लिए थे।
इसके बावजूद पुलिस के मुताबिक, सूर्यदिता की पैसों की मांग जारी रही। लगातार बढ़ती मांग और मानसिक व आर्थिक दबाव से परेशान होकर अंकित ने आखिरकार पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
₹50 हजार के लिए पुलिस ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। पुलिस टीम ने ₹50,000 के नोटों पर गुप्त हस्ताक्षर किए और ये पैसे पीड़ित को देकर उसे सूर्यदिता से मिलने के लिए भेजा।
जैसे ही सूर्यदिता ने पीड़ित से ₹50,000 नकद लिए, पहले से सादे कपड़ों में मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। इस तरह पुलिस ने आरोपी महिला को कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग की रकम लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाते में मिले ₹95 लाख, पुलिस ने किए फ्रीज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सूर्यदिता के बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच में उसके खाते में करीब ₹95 लाख की संदिग्ध राशि मिली। इतनी बड़ी रकम सामने आने के बाद पुलिस ने राशि को कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज करा दिया।
अब पुलिस इस मनी ट्रेल की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि खाते में मौजूद रकम कहां से आई और क्या सूर्यदिता ने इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को भी अपना शिकार बनाया था।
अकेली थी या कोई और भी था, इसकी जांच जारी
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित ब्लैकमेलिंग के इस पूरे खेल में सूर्यदिता अकेली थी या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था। इसी सिलसिले में आरोपी महिला को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके बैंक खातों तथा पैसों के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि ₹95 लाख की रकम का पूरा स्रोत क्या है और क्या इस मामले के अलावा भी कोई अन्य पीड़ित सामने आता है।
Akhil Mahajan