बेटियां नहीं पहुंचीं, समाज ने निभाया फर्ज,वृद्धाश्रम में अंतिम सांस लेने वाले शिवचरण को दी श्रद्धांजलि

सोनीपत के वृद्धाश्रम में रहने वाले शिवचरण रामरतन गुप्ता के निधन के बाद सामाजिक संस्थाओं ने अंतिम संस्कार से लेकर श्रद्धांजलि तक जिम्मेदारी निभाई। बेटियों के नहीं पहुंचने पर समाजसेवियों ने बुजुर्गों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए।

बेटियां नहीं पहुंचीं, समाज ने निभाया फर्ज,वृद्धाश्रम में अंतिम सांस लेने वाले शिवचरण को दी श्रद्धांजलि

सोनीपत में शिवचरण रामरतन गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक संस्थाओं ने निभाया अंतिम फर्ज
4 अगस्त को वृद्धाश्रम में हुआ था निधन, 12 अगस्त को हरिद्वार में प्रवाहित की गईं अस्थियां
बेटियों के नहीं पहुंचने पर समाजसेवियों ने जताया दुख, वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को लेकर उठे सवाल

सोनीपत। मुंबई में लंबे समय तक कपड़ा व्यापारी के रूप में पहचान रखने वाले शिवचरण रामरतन गुप्ता के निधन के करीब 12 दिन बाद रविवार को सोनीपत में उनकी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके अंतिम समय को याद किया।

शिवचरण रामरत्न गुप्ता तीन साल से सोनीपत के वृद्ध आश्रम में रह रहे थे। आज सोनीपत में उनकी श्रद्धांजलि सभा रखी गई - Dainik Bhaskar

सनातन धर्म मंदिर गीता भवन में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धांजलि सभा हुई। इस दौरान विधिवत हवन-यज्ञ किया गया और शिवचरण की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शहर के लोगों ने उन्हें नमन किया।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत हवन-यज्ञ से हुई

कार्यक्रम में सोनीपत मेयर राजीव जैन, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दीवान, वृद्धाश्रम संचालक आनंद, रक्षक सेवा भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा, पूर्व आईजी सुमन मंजरी, समाजसेविका ऊषा भंडारी, एडवोकेट एवं समाजसेवी देवेन्द्र सहित कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

तीन साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे शिवचरण

शिवचरण रामरतन गुप्ता पिछले करीब तीन वर्षों से सोनीपत स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनका निधन 4 अगस्त को वृद्धाश्रम में ही हुआ था।

आश्रम प्रबंधन की ओर से उनके निधन की जानकारी उनकी बेटियों को दी गई थी। परिवार की ओर से बताया गया था कि बेटियां अंतिम संस्कार में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के बजाय वीडियो कॉल के माध्यम से प्रक्रिया देखेंगी।

आश्रम संचालक के अनुसार, वीडियो कॉल के जरिए बेटियों को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया दिखाई गई थी। बेटी प्रिया ने अंतिम संस्कार के लिए ऑनलाइन 5100 रुपये भी भेजे थे।

इसके बाद सामाजिक संस्थाओं और आश्रम प्रबंधन की ओर से बेटियों से सोनीपत पहुंचने की अपील की गई थी। हालांकि, श्रद्धांजलि सभा में भी उनकी बेटियां शामिल नहीं हुईं।

सामाजिक संस्थाओं ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी

शिवचरण के निधन के बाद सामाजिक संस्थाओं के लोगों ने उनकी अंतिम यात्रा से लेकर अस्थि विसर्जन तक की जिम्मेदारी निभाई। 12 अगस्त को सामाजिक संस्था के लोग हरिद्वार पहुंचे और उनकी अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं।

इस दौरान रक्षक सेवा भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा ने उनकी बेटियों से सोनीपत पहुंचने की अपील भी की थी। उन्होंने बेटियों को सुरक्षा सहित हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था।

रविवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने मिलकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

आनंद बोले- अपनों की जगह बेगानों ने निभाया फर्ज

वृद्धाश्रम संचालक आनंद ने कहा कि शिवचरण रामरतन गुप्ता महाराष्ट्र के रहने वाले थे और पिछले करीब तीन साल से उनके वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके अनुसार, शहर के गणमान्य लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने एकजुट होकर शिवचरण को श्रद्धांजलि दी।

आनंद ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा साधारण जरूर थी, लेकिन इसमें अपनों की जगह समाज के लोगों ने जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने बताया कि शिवचरण की बेटियों से कई बार बातचीत भी हुई थी।

उनके अनुसार, एक बेटी ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर सोनीपत नहीं आने की बात कही थी। आनंद ने कहा कि शिवचरण के दाह संस्कार का वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों पर इसका असर पड़ा है।

उन्होंने बताया कि वृद्धाश्रम में रह रहे दो अन्य बुजुर्गों के परिवारों ने अब अपने माता-पिता को वापस घर ले जाने की सहमति जताई है। उन्हें उम्मीद है कि आगे दूसरे परिवार भी अपने बुजुर्गों की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे।

मेयर राजीव जैन ने दी श्रद्धांजलि

सोनीपत मेयर राजीव जैन पुष्प अर्पित करते हुए

सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर शिवचरण रामरतन गुप्ता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने हवन-यज्ञ में भी हिस्सा लिया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने मिलकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शिवचरण को श्रद्धांजलि दी।

कमल दीवान बोले- ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए

कांग्रेस जिलाअध्यक्ष कमल दिवान पुष्प अर्पित करते हुए

कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि सोनीपत के लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने शिवचरण रामरतन गुप्ता को श्रद्धांजलि दी है।

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए। हर संतान को अपने बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए और ऐसे हालात पैदा नहीं होने चाहिए, जिनमें माता-पिता को घर छोड़कर वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर होना पड़े।

पूर्व आईजी सुमन मंजरी ने बेटियों की जिम्मेदारी पर उठाया सवाल

पूर्व आईजी सुमन मंजरी ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए गए हैं और कानून भी बराबरी का अधिकार देता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में बेटियों को भी माता-पिता के प्रति अपने सामाजिक दायित्व को निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवचरण की तीनों बेटियों ने पिता के अंतिम समय में उनके साथ रहने का अवसर गंवा दिया, जिसका समाज को भी मलाल है।

सुमन मंजरी ने सामाजिक संस्थाओं की ओर से निभाई गई जिम्मेदारी की सराहना की।

ऊषा भंडारी बोलीं- बेटियों को भी आगे आना चाहिए

समाजसेविका ऊषा भंडारी ने कहा कि आज बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे में उन्हें भी बेटों की तरह माता-पिता के प्रति सामाजिक दायित्व निभाना चाहिए।

उन्होंने अपील की कि बेटियां आगे आएं और अपने माता-पिता की सेवा की जिम्मेदारी उठाएं। किसी भी बुजुर्ग को परिवार से दूर होकर वृद्धाश्रम में रहने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

मनजीत तिहाड़ा ने जताया दुख

रक्षक सेवा भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा ने कहा कि शिवचरण रामरतन गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुई।

उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम संचालक आनंद ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं भी उनके साथ खड़ी रहीं। बेटियों से बार-बार सोनीपत आने की अपील की गई थी और सुरक्षा सहित हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन वे नहीं आईं।

मनजीत तिहाड़ा ने कहा कि इस बात का दुख हमेशा रहेगा।

समाजसेवी जगत बोले- बेटियों की कोई मजबूरी रही होगी

पुलिसकर्मी और समाजसेवी जगत ने कहा कि शिवचरण की बेटियां एक बार भी सोनीपत नहीं पहुंचीं। इसके पीछे उनकी कोई बड़ी मजबूरी रही होगी, ऐसा भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सोनीपत की सामाजिक संस्थाओं ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अंतिम संस्कार से लेकर श्रद्धांजलि सभा तक पूरी प्रक्रिया में साथ दिया।

वृद्धाश्रम में रह रहे करीब 28 बुजुर्ग

वृद्धाश्रम संचालक आनंद के अनुसार, वर्तमान में आश्रम में करीब 28 महिला और पुरुष बुजुर्ग रह रहे हैं।

शिवचरण रामरतन गुप्ता के मामले के बाद कुछ परिवारों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को वापस घर ले जाने की इच्छा जताई है। आश्रम प्रबंधन को उम्मीद है कि यह बदलाव आगे भी जारी रहेगा और परिवार अपने बुजुर्गों की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे।