14 किसान नेता जेल भेजे गए, आज महापंचायत; जीवन हत्याकांड में न्याय की मांग

हांसी में 15 अगस्त के पथराव के बाद 14 किसान नेताओं को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेजा गया। आज न्याय संघर्ष समिति की महापंचायत होगी।

14 किसान नेता जेल भेजे गए, आज महापंचायत; जीवन हत्याकांड में न्याय की मांग

14 किसान नेताओं को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
हांसी उपद्रव के बाद न्याय संघर्ष समिति ने बुलाई महापंचायत
CM के ध्वजारोहण से पहले पथराव, SP समेत कई पुलिसकर्मी घायल


हिसार/हांसी। हरियाणा के हांसी में स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम से पहले हुए किसान-पुलिस टकराव और पथराव के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। हांसी पुलिस ने 14 किसान नेताओं को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया। कोर्ट से जेल ले जाते समय किसान नेताओं ने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए।

इस कार्रवाई के बीच न्याय संघर्ष समिति ने आज महापंचायत बुलाई है। जीवन कूंडू हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और किसान नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर आयोजित इस महापंचायत में कांग्रेस सांसद, विधायक और विभिन्न खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात सामने आई है। ऐसे में हांसी में एक बार फिर माहौल गर्म रहने के आसार हैं।

प्रदर्शनकारियों को आगे से बढ़ने से रोकती हांसी पुलिस।

14 किसान नेताओं को भेजा भोंडसी जेल

हांसी में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 14 किसान नेताओं को गिरफ्तार किया था। शनिवार को हुई घटना के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। आज सभी 14 किसान नेताओं को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कोर्ट से बाहर निकलते समय किसान नेताओं ने नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस उन्हें भोंडसी जेल लेकर गई।

इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों और न्याय संघर्ष समिति की नाराजगी और बढ़ गई है। समिति की ओर से आज महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

हांसी में भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया और बचने के लिए शेड के नीचे छिप गए।

बरवाला टोल पर जाम लगाने वालों पर भी केस

हांसी की घटना के बाद पुलिस कार्रवाई का असर हिसार तक भी दिखाई दिया। बरवाला टोल पर जाम लगाने और प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने लोगों व प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

इससे पहले हांसी पुलिस ने 15 अगस्त को हुए उपद्रव के बाद करीब 150 से 200 लोगों की उग्र भीड़, 14 नामजद किसान नेताओं और पूर्व सरपंचों समेत अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की थी। पुलिस की ओर से दर्ज मामले में जानलेवा हमले और राष्ट्रध्वज के अपमान जैसी धाराएं भी शामिल की गई हैं।

हांसी एसपी पत्थर फेंकते हुए।

स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले बिगड़े हालात

पूरा विवाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़ा है। मुख्यमंत्री को हांसी के नेहरू कॉलेज में जिला स्तरीय ध्वजारोहण समारोह में शामिल होना था।

जीवन कूंडू हत्याकांड को लेकर पिछले 10-12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने का ऐलान किया था। पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह प्रदर्शनकारी सिसाये पुल की ओर से कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ने लगे।

पुलिस FIR के मुताबिक, सुबह करीब 6:40 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और दूसरे वाहनों में सवार करीब 150 से 200 लोगों की भीड़ सिसाये पुल पर पहुंची। वहां पहले से पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे।

मौके पर मौजूद कार्यकारी मजिस्ट्रेट उदयवीर झाझड़िया, उप पुलिस अधीक्षक अपराध रविंद्र सांगवान और थाना प्रबंधक शहर हांसी निरीक्षक सुखजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इसके बावजूद भीड़ आगे बढ़ने पर अड़ी रही।

ट्रैक्टर चढ़ाने की धमकी का पुलिस ने लगाया आरोप

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल को धमकी दी गई कि वे वहां से हट जाएं, अन्यथा उन पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मार दिया जाएगा। पुलिस FIR में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदर्शनकारी किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री को हांसी में ध्वजारोहण नहीं करने देने की बात कह रहे थे।

हालात बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद लाठीचार्ज

पुलिस का कहना है कि भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने और पुलिसकर्मियों की ओर ट्रैक्टर बढ़ाने की कोशिश की। स्थिति लगातार बिगड़ने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 16 व 17 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लाठीचार्ज की अनुमति दी।

इसके बाद पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को डेटा रोड कैंची की तरफ खदेड़ा।

घटना के दौरान कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। वहीं पुलिस की ओर से भी कई जवानों के घायल होने की बात सामने आई।

पथराव में हांसी SP के हाथ में लगी चोट

स्थिति को संभालने के लिए हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार खुद मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से दोबारा पथराव शुरू किया गया।

पथराव के दौरान SP विनोद कुमार के हाथ में चोट लग गई। तस्वीरों में उनके हाथ पर चोट के बाद रूमाल बंधा हुआ दिखाई दिया। इसके बावजूद वह मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ डटे रहे।

पुलिस के अनुसार, एसपी ने खुद आगे रहकर जवानों का मनोबल बढ़ाया और भीड़ को तितर-बितर कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस ध्वजारोहण कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की तस्वीरें

घटना से सामने आई तस्वीरों में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते देखा गया। कुछ तस्वीरों में भीड़ की ओर से पथराव और पुलिसकर्मियों के बचाव की स्थिति दिखाई देती है।

पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। वहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।

अब महापंचायत पर टिकी नजर

घटना के बाद अब आज होने वाली महापंचायत पर सभी की नजर है। जीवन कूंडू हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी और किसान नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर न्याय संघर्ष समिति ने महापंचायत का आह्वान किया है।

इसमें कांग्रेस सांसद, विधायक और खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात कही गई है। महापंचायत में आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है।

एक तरफ पुलिस 15 अगस्त की घटना को कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी पक्ष गिरफ्तारियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आज की महापंचायत के बाद हांसी मामले में आंदोलन की अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।