जंतर-मंतर जा रहे नेताओं को रोका,विजेता दहिया बोले- मैं हरियाणवी हूं, डरता नहीं
जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हरियाणवी नेताओं को सोनीपत स्टेशन पर रोके जाने का दावा किया गया है। CJP प्रवक्ता विजेता दहिया ने सोनम वांगचुक को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे नेताओं को सोनीपत स्टेशन पर रोके जाने का दावा
CJP प्रवक्ता विजेता दहिया ने सोनम वांगचुक को जबरन उठाने का आरोप लगाया
दिल्ली और हरियाणा बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात, संसद मार्च को लेकर हाई अलर्ट
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हरियाणा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर रोकने का दावा किया गया है। आम आदमी पार्टी नेता विमल किशोर ने आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को संसद मार्च में शामिल होने से रोका गया।
दूसरी ओर, पंजाब से भी बड़ी संख्या में युवाओं के दिल्ली कूच करने की सूचना के बाद हरियाणा-दिल्ली सीमा और नेशनल हाईवे-44 पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विजेता दहिया का आरोप- 'वांगचुक को किडनैप किया गया'
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता और सोनीपत निवासी विजेता दहिया ने दावा किया कि 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के जबरन उठा लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और फिर सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। दहिया ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए 'काला दिन' बताया।
बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरते
दैनिक भास्कर से बातचीत में विजेता दहिया ने कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस कभी भी उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले सकती है।
उन्होंने कहा, "हम हरियाणवी हैं, डरते नहीं हैं। अगर गिरफ्तार करना है तो कर लो।"
दहिया ने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर पूरे देश को एकजुट होने की जरूरत है।
संसद मार्च को लेकर हाई अलर्ट
संसद मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा के कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पानीपत जीटी रोड टोल प्लाजा समेत कई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, डीएसपी, एसएचओ और सीआईए टीमों की तैनाती की गई है।
प्रशासन की कोशिश है कि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
क्या है पूरा मामला?
मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर 'कॉकरोच' कहे जाने के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शुरू हुआ था। इसके बाद NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज हो गया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।
pooja