फर्जी डिग्री पर नौकरी? पूर्व प्राचार्य के खिलाफ शिकायत
सोनीपत में सेवानिवृत्त पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह पर फर्जी एमए डिग्री के आधार पर नौकरी करने का आरोप है। शिक्षा विभाग ने डीसीपी कार्यालय में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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- सेवानिवृत्त प्राचार्य पर फर्जी एमए डिग्री के आधार पर नौकरी करने का आरोप
- शिक्षा विभाग ने डीसीपी कार्यालय में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की
- मगध विश्वविद्यालय ने डिग्री और अंकतालिका को बताया फर्जी, पुलिस करेगी जांच
सोनीपत में गोहाना के गांव बरोदा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक डिग्री के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच पूरी होने के बाद डीसीपी कार्यालय में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए राजेंद्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एमए (राजनीति विज्ञान) की कथित फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की और लंबे समय तक सेवा की। अब पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर उचित धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
मामले की शुरुआत सीएम विंडो पर की गई शिकायत से हुई थी। बरोदा स्कूल में कार्यरत शिक्षक राजबीर सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया था कि पूर्व प्राचार्य की शैक्षणिक डिग्री संदिग्ध है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू की।
शिक्षा विभाग ने संबंधित एमए डिग्री और अंकतालिका का सत्यापन मगध विश्वविद्यालय से कराया। विभाग को मिली रिपोर्ट में विश्वविद्यालय ने संबंधित डिग्री और अंकतालिका को फर्जी बताया। इसके बाद जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई।

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मुख्यालय स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों को पूर्व प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए। आदेशों के अनुपालन में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने डीसीपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी।
बताया जा रहा है कि राजेंद्र सिंह की नियुक्ति करीब 29 वर्ष पहले पीजीटी के पद पर हुई थी। नवंबर 2024 में उन्हें पदोन्नत कर प्राचार्य बनाया गया था और 30 जून 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। अब पुलिस जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
pooja