स्पेन में हरियाणवी युवक की मौत
करनाल के 28 वर्षीय रविंद्र की स्पेन में अचानक मौत हो गई। 11 साल पहले विदेश गए युवक की शादी की तैयारी चल रही थी, परिवार ने शव भारत लाने में मदद मांगी।
➤ 28 वर्षीय रविंद्र की स्पेन में अचानक मौत
➤ 2015 में 12 लाख रुपए खर्च कर गया था विदेश
➤ शव भारत लाने के लिए परिवार ने सरकार से मदद मांगी
हरियाणा के करनाल जिले के महमल थ्रोटा गांव निवासी 28 वर्षीय रविंद्र की स्पेन में अचानक मौत हो गई। शुक्रवार को सीने में दर्द होने के बाद उसके साथी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविंद्र के निधन की सूचना फोन के जरिए परिवार तक पहुंची। वह परिवार का इकलौता बेटा था और करीब 11 साल पहले विदेश गया था। परिवार को उम्मीद थी कि स्पेन में उसकी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह वहां स्थायी रूप से रह सकेगा। इसी बीच परिवार उसकी शादी के बारे में भी सोच रहा था और जल्द ही उसके लिए लड़की देखने की तैयारी थी, लेकिन अचानक हुई मौत ने परिवार की सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
रविंद्र वर्ष 2015 में करीब 12 लाख रुपए खर्च करके विदेश गया था। परिवार के मुताबिक, विदेश जाने के बाद कागजी दिक्कतों के कारण उसे पहले पुर्तगाल जाना पड़ा। कुछ दिनों बाद वह स्पेन चला गया। वहां वह एक रेस्टोरेंट में काम करता था और अपना खर्च चलाता था। परिवार के अनुसार, उसे वहां किसी तरह की परेशानी नहीं थी। स्पेन में उसके कागज की प्रक्रिया चल रही थी और परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी परमानेंट रेजिडेंसी (PR) की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को रविंद्र को अचानक सीने में दर्द हुआ। इसके बाद उसके साथियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शाम करीब 6 बजे रविंद्र के मामा के बेटे का फोन परिवार के पास आया। वह भी स्पेन में रविंद्र के पास ही रहता है। उसने परिवार को रविंद्र की मौत की जानकारी दी और बताया कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई।
रविंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पोते की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके दादा की आंखों में भी आंसू आ गए। परिवार ने जिस बेटे के भविष्य को लेकर कई सपने देखे थे, उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।
रविंद्र के पिता गुरमुख सिंह पिछले कई सालों से जर्मनी में रह रहे हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह जर्मनी से स्पेन के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार की ओर से रविंद्र के शव को भारत लाने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है, ताकि उसे गांव लाकर परिवार और परिचित अंतिम विदाई दे सकें।
गांव में रविंद्र की मां और छोटी बहन रहती हैं। परिवार के मुताबिक, रविंद्र की शादी के लिए जल्द ही लड़की देखने की तैयारी थी। उसके भविष्य और शादी को लेकर परिवार ने कई उम्मीदें लगा रखी थीं, लेकिन शादी की तैयारियों से पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रविंद्र के चाचा गुरमीत सिंह ने सरकार से शव जल्द भारत लाने में मदद करने की अपील की है। परिवार चाहता है कि जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी हो, ताकि रविंद्र का शव भारत लाकर उसे अंतिम विदाई दी जा सके। अचानक हुई मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
Akhil Mahajan