लॉरेंस गैंग का मोस्ट वांटेड हरियाणा में गिरफ्तार

हरियाणा STF ने 5 लाख के इनामी शक्ति कुमार को हिसार से गिरफ्तार किया। आरोपी पर पंजाब के शोरूम मालिक संजय वर्मा हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है।

लॉरेंस गैंग का मोस्ट वांटेड हरियाणा में गिरफ्तार

➤ हरियाणा STF ने हिसार से 5 लाख के इनामी शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया
➤ आरोपी के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस बरामद
➤ अबोहर के शोरूम मालिक संजय वर्मा हत्याकांड में रेकी और वारदात में शामिल होने का आरोप


हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लॉरेंस ग्रुप से जुड़े और 5 लाख रुपये के इनामी आरोपी शक्ति कुमार को हिसार से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शक्ति कुमार पंजाब के अबोहर में हुए शोरूम मालिक संजय वर्मा हत्याकांड में शामिल था और वारदात के बाद से फरार चल रहा था। STF ने उसे हिसार के राजगढ़ रोड स्थित बाईपास फ्लाईओवर के पास से पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि संजय वर्मा हत्याकांड के अलावा वह किन-किन मामलों में शामिल रहा है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शक्ति कुमार ने बताया कि अबोहर के राजावाली निवासी आरजू बिश्नोई से उसकी दोस्ती थी। आरोपी के मुताबिक, आरजू के कहने पर ही वह लॉरेंस ग्रुप से जुड़ा था। पुलिस का कहना है कि संजय वर्मा हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी रामरतन का एनकाउंटर हो चुका है। पूछताछ में शक्ति ने यह भी बताया कि रामरतन ने उसे हथियार उपलब्ध कराए थे।

संजय वर्मा हत्याकांड में 5 लाख का इनाम था

शक्ति कुमार पर पंजाब में हुए संजय वर्मा हत्याकांड के मामले में 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, वह वारदात के बाद लगातार फरार चल रहा था।

जांच के मुताबिक, 7 जुलाई 2025 को अबोहर में न्यू वियरवेल शोरूम के मालिक संजय वर्मा की हत्या से पहले आरोपी ने शोरूम और संजय वर्मा की रेकी की थी। पुलिस का आरोप है कि यह रेकी आरजू बिश्नोई और अक्षय डेलू के कहने पर की गई थी। इसके बाद साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

शोरूम के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने की थी फायरिंग

संजय वर्मा की हत्या करीब एक साल पहले अबोहर में हुई थी। पुलिस के अनुसार, संजय सुबह अपने शोरूम न्यू वियरवेल के बाहर कार से उतर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी थी।

वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज में भी वारदात से पहले और बाद की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई थीं। एक फुटेज में कुछ संदिग्ध शोरूम के पास एक रेहड़ी के पीछे खड़े दिखाई दिए थे। पुलिस के अनुसार, वे वहां हथियार तैयार करते हुए नजर आए थे।

दूसरे फुटेज में बदमाश वारदात के बाद कुछ दूरी पर बाइक छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार होते दिखाई दिए थे।

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जिम्मेदारी लेने का दावा

संजय वर्मा की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें लॉरेंस ग्रुप से जुड़े लोगों की ओर से वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस ने इस पोस्ट और उससे जुड़े लोगों को भी जांच का हिस्सा बनाया था।

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने वारदात में शामिल संदिग्धों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर कार्रवाई शुरू की। इसी जांच में शक्ति कुमार का नाम भी सामने आया और उस पर इनाम घोषित किया गया।

रेकी से लेकर वारदात तक भूमिका की जांच

STF के अनुसार, शक्ति कुमार ने पूछताछ में संजय वर्मा के शोरूम की रेकी करने की बात बताई है। पुलिस के मुताबिक, उसने शोरूम और संजय वर्मा की गतिविधियों पर नजर रखी थी।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश में किस-किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात के लिए हथियार कहां से आए और हत्या के बाद आरोपियों को किस स्तर पर मदद मिली।

हिसार में अवैध हथियार रखने का भी केस

शक्ति कुमार की गिरफ्तारी के बाद हिसार में भी उसके खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, थाना आजाद नगर में 2 अक्टूबर 2026 को आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

STF फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और पुराने मामलों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पंजाब पुलिस के हवाले किया जाएगा आरोपी

हरियाणा STF की कार्रवाई के बाद अब आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पंजाब पुलिस के हवाले किया जाएगा। पंजाब पुलिस संजय वर्मा हत्याकांड में उसकी भूमिका को लेकर आगे पूछताछ करेगी।

STF भी आरोपी के पूरे क्रिमिनल बैकग्राउंड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शक्ति कुमार के खिलाफ हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं और क्या वह किसी अन्य आपराधिक वारदात में भी शामिल रहा है।

फिलहाल इस गिरफ्तारी से संजय वर्मा हत्याकांड की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। पुलिस अब पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की क्या भूमिका रही।