एशियन गेम्स: अमन सहरावत ने वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान को किया चित्त, भारत को दिलाया 20वां गोल्ड

अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में 57 किलो कुश्ती फाइनल में नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग को 11-7 से हराकर भारत को 20वां गोल्ड दिलाया।

एशियन गेम्स: अमन सहरावत ने वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान को किया चित्त, भारत को दिलाया 20वां गोल्ड

➤ अमन सहरावत ने 57 किलोग्राम कुश्ती फाइनल में नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग को 11-7 से हराया
➤ आखिरी मिनट में शानदार काउंटर अटैक से पलटा मुकाबला, अमन ने जीता एशियन गेम्स का पहला गोल्ड
➤ अमन के स्वर्ण से भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 20 हुई, कुल पदक 82 पर पहुंचे


एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए कुश्ती के अखाड़े से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय पहलवान अमन सहरावत जो कि भारत के हरियाणा राज्य के झज्जर जिले के बिरोहर (वीरोहत) गांव के रहने वाले हैं, नें पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती इवेंट के फाइनल में नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर शानदार अंदाज में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। मुकाबला आखिरी मिनट तक बेहद रोमांचक रहा और एक समय अमन 7-6 से पीछे चल रहे थे, लेकिन निर्णायक क्षणों में उन्होंने शानदार काउंटर अटैक करते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया। अमन का यह एशियन गेम्स में पहला गोल्ड मेडल है और उनके स्वर्ण ने भारत के पदकों की संख्या में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

अमन सहरावत ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की। उन्होंने शुरुआती दौर में 2-0 की बढ़त बना ली। पहले तीन मिनट का राउंड खत्म होने तक भारतीय पहलवान अपने नॉर्थ कोरियाई प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे थे। मुकाबले के शुरुआती हिस्से में अमन ने अपनी रणनीति के अनुसार आक्रामकता और बचाव के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखा।

लेकिन दूसरे हिस्से में मुकाबले की तस्वीर तेजी से बदलने लगी। चोंग सोंग ने अपनी विश्व नंबर-1 रैंकिंग के अनुरूप दबाव बनाना शुरू किया। मुकाबले के चौथे और पांचवें मिनट में नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने लगातार आक्रमण किए। इस दौरान अमन सहरावत थके हुए नजर आए और चोंग सोंग ने बढ़त हासिल कर ली।

जब मुकाबले में करीब एक मिनट का समय बाकी था, तब चोंग सोंग ने अमन पर 7-6 की बढ़त बना ली थी। नॉर्थ कोरियाई पहलवान जिस तरह लगातार आक्रामक प्रयास कर रहे थे, उससे मुकाबला उनके पक्ष में जाता दिखाई दे रहा था। लेकिन यहीं से अमन सहरावत ने अपनी रणनीति बदली और अंतिम मिनट में ऐसा दांव लगाया जिसने पूरे मुकाबले का परिणाम बदल दिया।

चोंग सोंग ने अमन का टेकडाउन करने का प्रयास किया। अमन ने उनके इस प्रयास को पढ़ते हुए शानदार काउंटर अटैक किया और विरोधी पहलवान को मैट पर गिराकर महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। इस कार्रवाई के बाद अमन ने बढ़त हासिल कर ली और मुकाबले में उनका आत्मविश्वास भी लौट आया।

मुकाबले के निर्णायक क्षणों में नॉर्थ कोरियाई खेमे ने रेफरी के फैसले को चैलेंज भी किया। हालांकि चैलेंज का फैसला भी उनके पक्ष में नहीं गया। इसके बाद अमन ने अपनी बढ़त को बनाए रखा और अंत में 11-7 के स्कोर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ अमन सहरावत ने एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले 2022 के एशियाई खेलों में अमन को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था। चार साल के अंतराल में उन्होंने अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए इस बार सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

अमन का यह गोल्ड भारत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। उनके स्वर्ण पदक के साथ 2026 एशियन गेम्स में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 20 हो गई है। भारत ने अब तक 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों के कुल पदकों की संख्या 82 हो गई है।

कुश्ती में भी अमन की जीत भारत के लिए खास रही। एशियन गेम्स में भारत के लिए यह कुश्ती का दूसरा गोल्ड मेडल है। अखाड़े में अमन की जीत ने भारतीय दल के पदक अभियान को और मजबूत किया है।

अमन सहरावत की इस जीत की सबसे बड़ी खासियत मुकाबले के आखिरी मिनट में उनका प्रदर्शन रहा। एक समय जब वह 7-6 से पीछे थे, तब उन्होंने दबाव में धैर्य बनाए रखा और विरोधी के आक्रमण को ही अपने पक्ष में इस्तेमाल कर लिया। उनके इसी काउंटर अटैक ने मुकाबले की दिशा बदल दी और भारत के खाते में एक और गोल्ड मेडल आ गया।

अमन की इस उपलब्धि ने यह भी दिखाया कि कुश्ती में मुकाबला आखिरी सेकंड तक खुला रहता है। शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद पिछड़ने और फिर अंतिम मिनट में वापसी करने की उनकी क्षमता ने फाइनल को यादगार बना दिया। भारतीय पहलवान ने महत्वपूर्ण समय पर अपने अनुभव और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नॉर्थ कोरियाई प्रतिद्वंद्वी को मात दी।

भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में अब तक का सफर पदकों के लिहाज से लगातार मजबूत होता जा रहा है। 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज के साथ भारत कुल 82 पदकों तक पहुंच चुका है। अमन सहरावत का स्वर्ण इस पदक अभियान में एक और महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है।