हरभजन हत्याकांड में विदेश से जुड़ा कनेक्शन, मां-बेटा गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

यमुनानगर हरभजन हत्याकांड में मां-बेटा रूशील नंदा और सुनीता देवी गिरफ्तार हुए। विदेश से आई 50 हजार रुपये की रकम शूटरों तक पहुंचाने का आरोप सामने आया।

हरभजन हत्याकांड में विदेश से जुड़ा कनेक्शन, मां-बेटा गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

➤ हरभजन हत्याकांड में मां-बेटा रूशील नंदा और सुनीता देवी गिरफ्तार
➤ विदेश से ज्वाइंट अकाउंट में आई 50 हजार रुपये की रकम शूटरों तक पहुंचाने का आरोप
➤ हथियार, कारतूस और जीपीएस से मदद करने वाले कई आरोपी पकड़े गए, शूटर अभी फरार


यमुनानगर के हरभजन सिंह हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ विदेश से जुड़ी रकम का कनेक्शन सामने आया है। मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर तीन सितंबर को प्रेमनगर निवासी 62 वर्षीय ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में सीआइए-टू ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान यमुनानगर शहर के करतारपुरा निवासी रूशील नंदा और उसकी मां सुनीता देवी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि रूशील नंदा का भाई गर्विश नंदा विदेश में रहता है और उसने रूशील तथा सुनीता देवी के ज्वाइंट अकाउंट में बड़ी रकम भेजी थी। पुलिस के अनुसार इस रकम में से 50 हजार रुपये वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों तक पहुंचाए गए।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विदेश में रहने वाला गर्विश नंदा गैंगस्टर काला राणा के भाई कुख्यात नोनी राणा का दोस्त है। पुलिस अब इस कनेक्शन को भी मामले की जांच के दौरान देख रही है। आरोप है कि विदेश से भेजी गई रकम रूशील नंदा और उसकी मां सुनीता देवी के ज्वाइंट अकाउंट में पहुंची और इसके बाद यह राशि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों तक पहुंचाई गई।

मामला तीन सितंबर का है, जब प्रेमनगर निवासी ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में आरोपितों तथा शूटरों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई तेज की गई। अब तक की जांच में वारदात में मदद करने वाले कई लोगों की भूमिका सामने आई है।

सीआइए-टू ने इससे पहले कुरुक्षेत्र निवासी आर्यन उर्फ नानी और राकेश को 10 सितंबर को छोटी पाबनी के पास मुठभेड़ के बाद गोली लगने के बाद काबू किया था। पूछताछ में पुलिस के सामने वारदात से जुड़े कई अहम तथ्य आए। पुलिस के अनुसार दोनों ने शूटरों को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि विशाल ने शूटरों को बाइक उपलब्ध कराई थी, जबकि किशन ने मृतक हरभजन सिंह की कार में जीपीएस चिप लगाकर उसकी लोकेशन उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा करनाल निवासी मनीष पर बदमाशों को कार और घर की तस्वीरें उपलब्ध कराने का आरोप है। इस तरह जांच में वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों तक मदद पहुंचाने वाले कई लोगों की भूमिका सामने आई है।

पुलिस की जांच के अनुसार हरभजन सिंह की गतिविधियों और लोकेशन से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए उनकी कार में जीपीएस चिप लगाई गई थी। इसके जरिए लोकेशन उपलब्ध कराई गई और वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों तक जरूरी जानकारी पहुंचाई गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

मामले में रूशील नंदा और सुनीता देवी की गिरफ्तारी के बाद विदेश से आई रकम और उसके कथित इस्तेमाल को लेकर भी जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रकम किस तरह आरोपितों तक पहुंची और वारदात में शामिल लोगों के बीच इसकी क्या भूमिका रही।

हरभजन सिंह हत्याकांड में पुलिस अब तक कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि शूटर अभी फरार बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां वारदात से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच