सोनीपत में 40 दिन बाद खुला युवक की ह*त्या का राज, पुलिया के नीचे मिला कंकाल

सोनीपत में 40 दिन बाद विक्की की हत्या का खुलासा, दोस्तों पर 18 हजार रुपए चोरी के शक में हत्या और 10 रुपए का चाकू खरीदने का आरोप

सोनीपत में 40 दिन बाद खुला युवक की ह*त्या का राज, पुलिया के नीचे मिला कंकाल

40 दिन बाद पुलिया के नीचे मिला विक्की का कंकाल
18 हजार रुपए गुम होने पर दोस्तों को हुआ चोरी का शक
10 रुपए का चाकू खरीदकर गला काटने का पुलिस का दावा

सोनीपत में करीब 40 दिन बाद एक युवक की हत्या का खुलासा हुआ है। एक अगस्त 2026 को दो दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने निकले इंदिरा गढ़ी निवासी विक्की की हत्या उसके ही दोस्तों ने कर दी। हरिद्वार से वापस लौटने के बाद विक्रम और प्रीतम उसे दोबारा घर से अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद विक्की वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने कई दिनों तक उसका इंतजार किया और मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। पुलिस में शिकायत के बाद जांच आगे बढ़ी तो शक विक्की के दोनों दोस्तों पर गहराता गया। पुलिस ने विक्रम और प्रीतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली।

चाचा ने पुलिस को दी थी विक्की के लापता होने की शिकायत

एसीपी राजपाल ने सोनीपत में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि इंदिरा गढ़ी निवासी संजय ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भतीजा विक्की पुत्र राजपाल एक अगस्त को अपने दो दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने गया था। हरिद्वार से वापस आने के बाद विक्रम और प्रीतम विक्की को उसके घर से बुलाकर अपने साथ ले गए।

इसके बाद विक्की का परिवार से संपर्क नहीं हुआ और वह घर वापस नहीं आया। परिवार के लोग लगातार उसके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

मोबाइल बंद मिला तो परिवार को हुई अनहोनी की आशंका

विक्की के कई दिनों तक घर नहीं लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। परिवार ने अपने स्तर पर भी विक्की की तलाश की, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर युवक की तलाश शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस ने उन लोगों से पूछताछ की, जो विक्की के साथ हरिद्वार गए थे।

दोस्तों से पूछताछ में खुला हत्या का राज

जांच के दौरान पुलिस का शक विक्रम और प्रीतम पर गहराया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों ने विक्की की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उस स्थान की तलाश शुरू की, जहां उन्होंने विक्की के शव को फेंकने की बात बताई थी। इसके बाद पुलिस गोहाना में पानीपत बाईपास के पास पहुंची।

पानीपत बाईपास के पास पुलिया के नीचे मिला शव

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गोहाना में पानीपत बाईपास के पास पुलिया के नीचे से विक्की का शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक शव की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। लंबे समय तक पड़े रहने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका था और कंकाल में तब्दील हो गया था

एसीपी के अनुसार शव करीब दस दिन तक पुलिया के नीचे पड़ा रहा। इसके चलते शव की पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भेज दिया।

हरिद्वार में 18 हजार रुपए गुम होने के बाद विक्की पर हुआ शक

एसीपी राजपाल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में हत्या की वजह 18 हजार रुपए को लेकर पैदा हुआ विवाद सामने आया है। पुलिस के मुताबिक हरिद्वार घूमने के दौरान प्रीतम के 18 हजार रुपए गुम हो गए थे।

इसके बाद प्रीतम को शक हुआ कि ये रुपए विक्की ने चोरी किए हैं। इसी शक को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार यही विवाद आगे चलकर हत्या की वजह बना।

10 रुपए का चाकू खरीदा और गला काटकर हत्या करने का आरोप

पुलिस के अनुसार विक्रम और प्रीतम ने विक्की की हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों ने 10 रुपए में चाकू खरीदा। इसके बाद विक्की को अपने साथ ले जाकर चाकू से उसका गला काट दिया।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे पानीपत बाईपास के पास पुलिया के नीचे फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इसी स्थान से विक्की का शव बरामद किया।

छोटे भाई ने बताया, दो या तीन अगस्त के आसपास हुई हत्या

विक्की के छोटे भाई अक्षय ने बताया कि उसके मुताबिक दोनों दोस्तों ने विक्की की हत्या दो या तीन अगस्त के आसपास की। परिवार को काफी समय तक इस बात की जानकारी नहीं थी कि विक्की के साथ आखिर क्या हुआ।

विक्की के घर से जाने के बाद जब उसका संपर्क परिवार से नहीं हुआ और मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस की जांच के बाद जब आरोपियों से पूछताछ हुई और शव बरामद किया गया, तब परिवार को हत्या की जानकारी मिली।

पहचान पत्र से हुई कंकाल की पहचान

अक्षय ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल था। शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। उसके ऊपरी हिस्से पर मिले पहचान पत्र के आधार पर उसकी पहचान विक्की के रूप में हुई।

पहचान होने के बाद परिवार को पता चला कि विक्की के साथ क्या हुआ था। अक्षय के अनुसार विक्की की उम्र करीब 35 वर्ष थी और वह ड्राइविंग का काम करता था। परिवार के मुताबिक वह रोजमर्रा की जिंदगी में काम कर परिवार का सहयोग करता था।

विक्की की हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल है। जिस युवक के वापस घर लौटने का परिवार कई दिनों तक इंतजार करता रहा, उसकी हत्या का खुलासा होने के बाद परिजन सदमे में हैं।

रूखी और भटगांव के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में एक रूखी गांव और दूसरा भटगांव का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अब दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

पुलिस रिमांड के दौरान दोनों से हत्या की पूरी साजिश, वारदात की परिस्थितियों और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या में दोनों की क्या-क्या भूमिका रही और वारदात से पहले तथा बाद में उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।