हरियाणा रोडवेज में मुफ्त यात्रा पर बड़ा फैसला: पुलिस-जेल कर्मियों के अलावा इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बस पास का लाभ, आदेश जारी
हरियाणा रोडवेज ने मुफ्त और रियायती यात्रा के नियम स्पष्ट किए। पुलिस-जेल कर्मियों के अलावा मिनिस्ट्रियल स्टाफ, CMO, CSO और वित्त विभाग कर्मचारी बाहर रहेंगे।
➤ हरियाणा रोडवेज में मुफ्त यात्रा को लेकर नियम साफ, मिनिस्ट्रियल स्टाफ समेत कई कर्मचारियों को नहीं मिलेगी छूट
➤ पुलिस और जेल कर्मचारियों को ही रियायती बस यात्रा की सुविधा, गृह विभाग के बाबू वर्ग को लाभ नहीं
➤ CMO, CSO और वित्त विभाग के कर्मचारियों को भी मुफ्त यात्रा से बाहर रखा, परिवहन निदेशालय ने जारी किए निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज की बसों में निःशुल्क और रियायती यात्रा सुविधा को लेकर परिवहन विभाग ने नियमों की स्थिति स्पष्ट कर दी है। राज्य परिवहन निदेशालय की ओर से जारी ताजा निर्देशों में साफ किया गया है कि गृह विभाग या हरियाणा पुलिस में कार्यरत मिनिस्ट्रियल स्टाफ को पुलिस कर्मचारियों के समान मुफ्त या रियायती बस यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुख्य सचिव कार्यालय (CSO) और वित्त विभाग में कार्यरत कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में नहीं आएंगे। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी विभाग में कार्यरत होने के आधार पर कर्मचारी पुलिस और जेल कर्मचारियों के लिए निर्धारित रियायती यात्रा सुविधा का लाभ नहीं ले सकते।
इस संबंध में राज्य परिवहन निदेशालय, हरियाणा (चंडीगढ़) की ओर से महाप्रबंधक, राज्य परिवहन हरियाणा, चंडीगढ़ को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों के बाद संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और जेल कर्मचारियों के लिए ही निर्धारित है रियायती यात्रा का नियम
परिवहन विभाग के वरिष्ठ लेखा अधिकारी की ओर से जारी पत्र में रियायती बस यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। सरकारी निर्देशों के तहत यह सुविधा पुलिस और जेल कर्मचारियों के लिए निर्धारित की गई है।
इस श्रेणी में गृह विभाग या हरियाणा पुलिस में तैनात असिस्टेंट अथवा मिनिस्ट्रियल स्टाफ को शामिल नहीं किया गया है। यानी पुलिस विभाग या गृह विभाग में काम करने वाला कोई कर्मचारी केवल विभाग में अपनी तैनाती के आधार पर पुलिस या जेल कर्मचारियों की तरह मुफ्त या रियायती बस यात्रा का हकदार नहीं होगा।
इसका सीधा मतलब है कि बाबू वर्ग और सहायक स्तर के कर्मचारियों के लिए पुलिस कर्मियों को दी जाने वाली रियायती यात्रा सुविधा लागू नहीं होगी।
गृह विभाग में तैनाती से नहीं मिलेगा मुफ्त बस यात्रा का अधिकार
परिवहन विभाग ने अपने निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि गृह विभाग या हरियाणा पुलिस में कार्यरत मिनिस्ट्रियल स्टाफ को पुलिस कर्मियों के समान सुविधा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
ऐसे कर्मचारी अगर असिस्टेंट या अन्य मिनिस्ट्रियल पदों पर कार्यरत हैं तो उन्हें केवल गृह विभाग या पुलिस विभाग का कर्मचारी होने के कारण बस पास या मुफ्त यात्रा की पात्रता नहीं मिलेगी।
विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का उद्देश्य रियायती यात्रा सुविधा के लिए पात्र कर्मचारियों की श्रेणी को स्पष्ट करना है, ताकि बस यात्रा से जुड़े नियमों को लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे।
CMO, CSO और वित्त विभाग के कर्मचारी भी दायरे से बाहर
परिवहन विभाग ने केवल गृह विभाग और पुलिस के मिनिस्ट्रियल स्टाफ को लेकर ही स्थिति साफ नहीं की है, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), मुख्य सचिव कार्यालय (CSO) और Finance Department (वित्त विभाग) के कर्मचारियों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आदेश के अनुसार, इन विभागों में कार्यरत कर्मचारी भी इस निःशुल्क यात्रा सुविधा के पात्र नहीं होंगे। यानी CMO, CSO और वित्त विभाग में कार्यरत होने मात्र से किसी कर्मचारी को पुलिस और जेल कर्मचारियों के लिए निर्धारित रियायती बस यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा।
परिवहन निदेशालय ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए
राज्य परिवहन निदेशालय, हरियाणा (चंडीगढ़) की ओर से जारी लिखित निर्देशों में संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि रियायती बस यात्रा सुविधा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी, जो इसके लिए निर्धारित श्रेणी में आते हैं। पुलिस और जेल कर्मचारियों के लिए लागू सुविधा को गृह विभाग, पुलिस के मिनिस्ट्रियल स्टाफ, CMO, CSO और वित्त विभाग के कर्मचारियों तक स्वतः विस्तारित नहीं किया जा सकता।
इस आदेश से हरियाणा रोडवेज में मुफ्त और रियायती यात्रा सुविधा को लेकर पात्रता की स्थिति साफ हो गई है। अब संबंधित अधिकारियों को इन्हीं निर्देशों के आधार पर बस पास और यात्रा सुविधा से जुड़े मामलों में कार्रवाई करनी होगी।
Akhil Mahajan