दिल्ली में मणिपुर के म्यूजिक टीचर की हत्या, शोर करने से मना करने पर पीट-पीटकर मार डाला
दिल्ली के किलोकरी में मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या हुई। शोर विवाद में 7 बालिग और एक नाबालिग पकड़ा गया।
➤ दिल्ली में मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या
➤ शोर करने से मना करने पर विवाद, पीछा कर घर तक पहुंचने और मारपीट का आरोप
➤ 7 बालिग गिरफ्तार, 15 साल के नाबालिग को भी पुलिस ने पकड़ा
नई दिल्ली। दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के मशहूर म्यूजिशियन और रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि रात में घर के बाहर शोर-शराबा कर रहे कुछ लोगों को शोर कम करने के लिए कहने के बाद विवाद हुआ और आरोपियों ने विक्रम सिंह का पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंचकर उनके साथ मारपीट की। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए विक्रम सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने सात बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 15 साल के एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।
विक्रम सिंह की मौत की खबर फैलते ही किलोकरी में स्थानीय लोगों और नॉर्थ-ईस्ट समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और सवाल उठाया कि जब सड़क पर विक्रम के साथ मारपीट हो रही थी, तब उन्हें बचाने के लिए कोई आगे क्यों नहीं आया। इसके बाद लोगों ने कैंडल लाइट मार्च निकाला और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रात में कूड़ा फेंकने घर से निकले थे विक्रम सिंह
घटना 6 सितंबर की रात करीब साढ़े 11 बजे की बताई गई है। साउथ-ईस्ट दिल्ली के किलोकरी गांव में रहने वाले चोंगथम विक्रम सिंह रात में अपने घर से सिर्फ कूड़ा फेंकने के लिए बाहर निकले थे। घर के नीचे कुछ डिलीवरी एजेंट और ढाबा कर्मचारी कथित तौर पर शोर-शराबा कर रहे थे।
आरोप है कि विक्रम सिंह ने उन्हें शोर करने से मना किया। इसी बात को लेकर उनकी उनसे कहासुनी हो गई। विवाद के बाद विक्रम वहां से निकलकर अपने घर की ओर बढ़ गए। आरोप है कि जिन लोगों से उनकी बहस हुई थी, वे उनका पीछा करते हुए बिल्डिंग तक पहुंच गए।
इसके बाद विक्रम सिंह के साथ मारपीट शुरू हो गई। वह किसी तरह अपने घर तक पहुंचे, लेकिन आरोप है कि हमलावर वहां भी पहुंच गए और उनके साथ बुरी तरह मारपीट की।
गंभीर हालत में अस्पताल ले गए बेटे, इलाज के दौरान मौत
विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा ने उन्हें गंभीर हालत में देखा। इसके बाद वह उन्हें तुरंत ओखला के होली फैमिली अस्पताल ले गए। हालांकि, इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, विक्रम को ब्लंट फोर्स ट्रॉमा यानी किसी भारी चीज से लगी चोटों के साथ अस्पताल लाया गया था। ज्यादा खून बहने की वजह से उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी जान चली गई।
इस घटना के बाद किलोकरी में गुस्सा बढ़ गया। स्थानीय लोगों और नॉर्थ-ईस्ट समुदाय के लोगों ने विरोध करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने 7 बालिग और एक नाबालिग को पकड़ा
मामले में सनलाइट कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने जांच तेज करते हुए सात बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 15 साल के एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है। इनमें कुछ डिलीवरी एजेंट हैं, जबकि कुछ ढाबे पर काम करते हैं।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और स्थानीय इनपुट की मदद से की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू के तौर पर हुई है।
क्या हत्या के पीछे नस्लीय भेदभाव का एंगल भी है?
विक्रम सिंह की हत्या के बाद इस मामले में नस्लीय भेदभाव का सवाल भी उठ रहा है। नॉर्थ-ईस्ट समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने मांग की है कि इस एंगल से भी मामले की जांच की जाए।
हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि अभी तक रेसिस्ट मोटिव की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि हमले की वजह और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
यानी फिलहाल पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि विवाद की वास्तविक शुरुआत किस वजह से हुई और हमले के पीछे सिर्फ शोर-शराबे को लेकर हुआ विवाद था या इसके अलावा भी कोई कारण था।
राहुल गांधी ने अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना
चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा।
8 सितंबर को राहुल गांधी ने X पर घटना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मणिपुर के मशहूर म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह अपने घर के बाहर शोर कम करने के लिए कहने नीचे गए थे और इसी बात पर उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक पिता की हत्या उसके अपने ही घर के बाहर और देश की राजधानी में कर दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनाओं के बाद दिल्ली में रहने वाला हर नॉर्थ-ईस्ट का परिवार यह सवाल पूछ रहा है कि क्या वे यहां सुरक्षित हैं।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर सवाल उठाया और खास तौर पर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ होने वाली घटनाओं को लेकर चिंता जताई। राहुल गांधी ने मामले की जल्द से जल्द जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने विक्रम सिंह के परिवार के प्रति संवेदना जताई।
कौन थे चोंगथम विक्रम सिंह?
चोंगथम विक्रम सिंह सिर्फ एक रिटायर्ड म्यूजिक टीचर नहीं थे, बल्कि मणिपुर के वेस्टर्न म्यूजिक सीन का जाना-पहचाना नाम थे। 1980 के दशक की शुरुआत में वह मणिपुर के मशहूर रॉक बैंड फीनिक्स के लीड गिटारिस्ट रहे थे।
इससे पहले वह अल्ट्रा वायर्स बैंड से जुड़े थे। बाद में उन्होंने ईस्टर्न डार्क जैसे बैंड के साथ भी काम किया। मणिपुर छोड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली को अपना घर बनाया और करीब 17 साल तक म्यूजिक टीचर के तौर पर काम किया।
उनका परिवार भी संगीत से गहराई से जुड़ा रहा है। उनकी मां चोंगथम कमला मणिपुर की मशहूर शास्त्रीय गायिका हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी जताया दुख
विक्रम सिंह की मौत पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी दुख जताया। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की पूरी जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विक्रम सिंह की हत्या के बाद अब पुलिस के सामने उस रात के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने की चुनौती है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, विक्रम पर हमला किसने शुरू किया, हमले में किस आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या इस पूरे मामले में सिर्फ शोर-शराबा ही वजह थी, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटा रही है। फिलहाल सात बालिग आरोपियों की गिरफ्तारी और एक नाबालिग को पकड़े जाने के बाद जांच आगे बढ़ रही है।
Akhil Mahajan