16 सितंबर से निजी अस्‍पतालों में बंद होगी आयुष्‍मान योजना , 1 200 करोड़ पेंडेंसी से नाराज निजी अस्पतालों की चेतावनी

हरियाणा में आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर निजी अस्पतालों ने 24 घंटे सेवाएं रोकीं। IMA ने 1,200 करोड़ बकाया बताते हुए 16 सितंबर से सेवा बंद की चेतावनी दी

16 सितंबर से निजी अस्‍पतालों में बंद होगी आयुष्‍मान योजना , 1 200 करोड़ पेंडेंसी से नाराज निजी अस्पतालों की चेतावनी

➤ आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर निजी अस्पतालों का विरोध
➤ IMA का दावा- करीब 1,200 करोड़ रुपये बकाया, 16 सितंबर से सेवा बंद करने की चेतावनी
➤ स्वास्थ्य विभाग बोला- इस साल 570 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका, बाकी राशि प्रक्रिया में


हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने बकाया भुगतान को लेकर 1 सितंबर 2026 को 24 घंटे सेवाएं बंद रखीं। निजी अस्पतालों का कहना है कि सरकार की ओर से लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया है और उनकी बड़ी रकम अटकी हुई है। IMA हरियाणा ने चेतावनी दी है कि अगर बकाया राशि जल्द जारी नहीं हुई तो 16 सितंबर से आयुष्मान योजना की सेवाएं पूरी तरह बंद की जा सकती हैं।

हालांकि, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के दावे से अलग जानकारी दी है। विभाग का कहना है कि आयुष्मान सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और इस साल निजी अस्पतालों को 570 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बाकी राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

मंगलवार को एक भी क्लेम दाखिल नहीं किया

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन अजय महाजन ने बताया कि निजी अस्पताल सामान्य तौर पर हर दिन करीब 2,500 क्लेम दाखिल करते हैं। लेकिन विरोध के चलते 1 सितंबर को एक भी क्लेम दाखिल नहीं किया गया

उन्होंने कहा कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों का इलाज करना चाहते हैं, लेकिन सरकार डॉक्टरों के खर्च पर लगातार इस तरह काम नहीं कर सकती।

IMA बोली- जनवरी से करीब 1,200 करोड़ रुपये बकाया

IMA हरियाणा की अध्यक्ष सुनीला सोनी ने दावा किया कि निजी अस्पतालों का करीब 1,200 करोड़ रुपये का भुगतान जनवरी से लंबित है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से भुगतान को लेकर बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

IMA ने करीब एक सप्ताह पहले आयुष्मान हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी, हरियाणा के CEO को पत्र भेजकर 1 सितंबर को सेवाएं रोकने की चेतावनी दी थी।

पत्र में कहा गया था कि अस्पतालों के भुगतान की समस्या काफी समय से बनी हुई है और यह प्रतीकात्मक विरोध सरकार, संबंधित अधिकारियों, मीडिया और आम लोगों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने के लिए किया गया।

छह महीने से ज्यादा समय से अटके हैं भुगतान

IMA के अनुसार निजी अस्पतालों के भुगतान छह महीने से ज्यादा समय से लंबित हैं। जबकि क्लेम का भुगतान 15 दिन में करने की समयसीमा तय की गई थी।

सुनीला सोनी ने कहा कि जब भी निजी अस्पतालों ने सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी, सरकार की ओर से कुछ भुगतान जारी कर दिए गए। इसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया, लेकिन समस्या फिर सामने आ गई।

उन्होंने कहा कि इस बार भुगतान में देरी अब तक की सबसे लंबी देरी है।

बजट और कर्मचारियों की कमी को बताया वजह

IMA ने भुगतान में देरी के पीछे कम बजट, लाभार्थियों की बड़ी संख्या और क्लेम निपटाने के लिए कर्मचारियों की कमी को प्रमुख कारण बताया है।

सुनीला सोनी के मुताबिक इन कारणों से क्लेम समय पर निपट नहीं पा रहे हैं और निजी अस्पतालों का भुगतान लगातार अटक रहा है।

हरियाणा में करीब 650 अस्पताल योजना से जुड़े

हरियाणा में करीब 650 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। इनमें सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं।

इससे पहले अगस्त 2025 में भी निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज 19 दिनों तक रोक दिया था। सरकारी एजेंसियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद सेवाएं दोबारा शुरू की गई थीं।

स्वास्थ्य विभाग का दावा- इस साल 570 करोड़ रुपये दिए

दूसरी ओर, स्टेट हेल्थ अथॉरिटी, हरियाणा ने बताया कि इस साल निजी अस्पतालों को 570 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। विभाग के अनुसार बाकी बकाया राशि का भुगतान प्रक्रिया में है।

स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह भी बताया कि 200 निजी अस्पतालों ने नए सिरे से सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन किया है, जबकि 75 अस्पतालों ने नई विशेषज्ञ सेवाएं जोड़ने के लिए आवेदन किया है। विभाग के मुताबिक इससे पता चलता है कि निजी अस्पताल अभी भी योजना से जुड़े रहना चाहते हैं।

बुधवार को IMA और आयुष्मान CEO के बीच होगी बैठक

भुगतान के मुद्दे पर अब IMA प्रतिनिधियों को बुधवार को आयुष्मान CEO के साथ बातचीत के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में बकाया भुगतान और 16 सितंबर से सेवा बंद करने की चेतावनी को लेकर चर्चा होगी।

फिलहाल निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के दावों में बड़ा अंतर सामने आ रहा है। एक तरफ IMA करीब 1,200 करोड़ रुपये बकाया होने की बात कह रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग इस साल 570 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने और बाकी राशि प्रक्रिया में होने की बात कह रहा है। अब बुधवार की बैठक के बाद इस विवाद पर आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।