हरियाणा में सुस्त पड़ा मानसून, पश्चिमी हवाओं से फिर चढ़ेगा पारा, हिसार 38.3°C पर पहुंचा

हरियाणा में 8 सितंबर से मानसून कमजोर होगा। पश्चिमी हवाओं से तापमान बढ़ेगा। हिसार में 38.3°C पारा दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है।

हरियाणा में सुस्त पड़ा मानसून, पश्चिमी हवाओं से फिर चढ़ेगा पारा, हिसार 38.3°C पर पहुंचा

हरियाणा में 8 सितंबर से मानसून की सक्रियता कम होने के आसार

➤ पश्चिमी हवाओं से तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना

➤ हिसार में 38.3°C तापमान, सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक

हरियाणा में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ने लगी है। 8 सितंबर से प्रदेश में मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना है। मौसम विभाग और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 12 सितंबर तक प्रदेश में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय मानसूनी टर्फ रेखा की उत्तरी सीमा श्री गंगानगर, नारनौल, देहरी, पुरुलिया और दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। इसी मौसमी स्थिति के कारण हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। प्रदेश में इस बार मानसून की बारिश भी कम हुई है।

पश्चिमी हवाओं से पारा चढ़ा, हिसार सबसे गर्म

मौसम केंद्र चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के औसतन अधिकतम तापमान में 2.7°C का उछाल दर्ज किया गया है। तापमान में इस बढ़ोतरी का असर दिन की गर्मी पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान हिसार में 38.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है।

इसके अलावा भिवानी में 36.5°C, चरखी दादरी में 36.3°C, सिरसा में 35.9°C और फरीदाबाद-पलवल में 35.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। यानी प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी फिर बढ़ने लगी है।

हालांकि न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 0.2°C की मामूली गिरावट दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान रेवाड़ी के बावल में 22.8°C रिकॉर्ड किया गया।

12 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने के आसार

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ के अनुसार, मानसून टर्फ की अक्षय रेखा और उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से राज्य में 8 सितंबर से मानसून की सक्रियता कम हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि 12 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में आंशिक बादलवाही देखने को मिल सकती है। पश्चिमी हवाओं के चलने से तापमान में वृद्धि होगी। इसके चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि व्यापक स्तर पर मानसून की सक्रिय बारिश के आसार कम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के लोगों को उमस और बढ़ते दिन के तापमान का सामना करना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पश्चिमी हवाओं के कारण दिन का पारा ऊपर जाने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर आंशिक बादलवाही और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल 12 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने का अनुमान है।