पलवल में मंच पर भिड़े पूर्व विधायक नयनपाल रावत और सूरजपाल अम्मू, माइक छीना तो आपत्तिजनक शब्द कहकर निकले

पलवल में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध प्रदर्शन में सूरजपाल अम्मू और नयनपाल रावत के बीच मंच पर विवाद हुआ, अम्मू आपत्तिजनक शब्द कहकर चले गए।

पलवल में मंच पर भिड़े पूर्व विधायक नयनपाल रावत और सूरजपाल अम्मू, माइक छीना तो आपत्तिजनक शब्द कहकर निकले

पलवल प्रदर्शन में सूरजपाल अम्मू और नयनपाल रावत के बीच मंच पर विवाद
अम्मू ने BJP पर निशाना साधा, रावत को रोकने पर आपत्तिजनक शब्द कहकर धरने से निकले
UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध में पांच घंटे बाजार बंद रखकर हुआ प्रदर्शन


हरियाणा के पलवल में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध में सोमवार को बाजार बंद रखकर मीनार गेट पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू भी कार्यक्रम में पहुंचे। मंच पर पूर्व विधायक नयनपाल रावत भी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान अम्मू के बयान को लेकर दोनों के बीच मंच पर विवाद हो गया।

सूरजपाल अम्मू ने मंच से संबोधन के दौरान भाजपा की चमचागिरी करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं करना चाहिए था। अम्मू ने नयनपाल रावत का नाम लेते हुए कहा कि रावत पहले भाजपा में थे और उस समय उन्होंने मजे किए, लेकिन अब भाजपा ने उन्हें ही निपटा दिया।

अम्मू के इतना कहते ही नयनपाल रावत मंच पर पहुंच गए और उन्हें रोकते हुए कहा कि यहां केवल मुद्दे की बात की जानी चाहिए। इसके बाद रावत ने अम्मू से माइक ले लिया। उन्होंने कहा कि अम्मू उनके भाई हैं, लेकिन यहां सभी लोग एक मुद्दे को लेकर एकत्रित हुए हैं। इसलिए व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहिए और UGC इक्विटी रेगुलेशन के विरोध की बात करनी चाहिए।

इसके बाद सूरजपाल अम्मू आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धरने से चले गए। उनके बयान और मंच पर हुए विवाद के बाद प्रदर्शन स्थल पर माहौल गरमा गया।

पांच घंटे तक मीनार गेट पर चला प्रदर्शन, बाजार रहा बंद

UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध में मीनार गेट पर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक पांच घंटे धरना दिया गया। विरोध-प्रदर्शन के तहत सवर्ण समाज के लोगों ने बाजार बंद रखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में यूजीसी के नियमों को ‘काला कानून’ बताने वाले बैनर और पोस्टर थे। प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि इन नियमों से छात्रों के बीच आपसी वैमनस्य बढ़ेगा और कानूनों का दुरुपयोग होगा।

इसी प्रदर्शन के दौरान मंच पर नयनपाल रावत और सूरजपाल अम्मू के बीच विवाद हुआ। दोनों नेताओं के बीच हुई कहासुनी चर्चा का विषय बन गई।

अम्मू बोले- भाजपा की चमचागिरी करने वालों को कार्यक्रम नहीं करना चाहिए

कार्यक्रम छोड़कर जाते समय सूरजपाल अम्मू ने कहा कि भाजपा की चमचागिरी करने वाले लोगों को यह कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार उन्होंने चुनी है तो वे सरकार से क्या मांग रहे हैं।

अम्मू ने यह भी कहा कि यहां भाजपा के पदाधिकारी उनके साथ ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों को टिकट चाहिए, जबकि सामान्य वर्ग को टिकट नहीं चाहिए। अम्मू ने कहा कि सामान्य वर्ग उठाना जानता है तो गिराना भी जानता है।

नयनपाल रावत बोले- अम्मू को सवर्ण समाज देखेगा

मंच पर हुए विवाद को लेकर पूर्व विधायक नयनपाल रावत ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने कहा कि सूरजपाल अम्मू के बयान को सवर्ण समाज देखेगा, लेकिन यहां सभी लोग राजनीति से ऊपर उठकर आए हैं।

रावत ने कहा कि वे लोग समाज की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहना चाहते।

ब्राह्मण सभा प्रधान ने अम्मू के बयान की निंदा की

पलवल ब्राह्मण सभा के प्रधान अमन भारद्वाज ने भी सूरजपाल अम्मू के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यहां सभी लोग राजनीति से ऊपर उठकर पहुंचे थे। ऐसे में किसी को भी बयान देने से पहले मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए

अमन भारद्वाज ने कहा कि सूरजपाल अम्मू को इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। उन्होंने अम्मू के बयान की निंदा की।

2019 में निर्दलीय विधायक बने थे नयनपाल रावत, बाद में BJP को दिया समर्थन

नयनपाल रावत वर्ष 2019 में पृथला से निर्दलीय विधायक बने थे। बाद में उन्होंने भाजपा सरकार को समर्थन दे दिया था। वहीं सूरजपाल अम्मू भी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भाजपा छोड़ दी थी

पलवल में सोमवार को हुए प्रदर्शन में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध के बीच दोनों नेताओं के बीच हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियमों को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं और इन्हें ‘काला कानून’ बताते हुए विरोध जताया।