स्कूलों में मोबाइल पर सख्ती, कक्षा में फोन चलाने पर शिक्षकों को रोक; बिना अनुमति वीडियोग्राफी भी प्रतिबंधित
झज्जर के सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल इस्तेमाल पर रोक, बिना अनुमति वीडियोग्राफी प्रतिबंधित, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी
➤ झज्जर के स्कूलों में कक्षा के दौरान शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक
➤ बिना लिखित अनुमति बाहरी लोगों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स की वीडियोग्राफी पर पाबंदी
➤ औचक निरीक्षण में नियम टूटे तो सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई
जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल और वीडियोग्राफी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) झज्जर ने 7 सितंबर 2026 को पत्र क्रमांक G-1-26/1838-45 जारी करते हुए शिक्षकों के कक्षा-कक्ष में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्तियों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स द्वारा बिना अनुमति वीडियो बनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, शिक्षण कार्य के दौरान कोई भी शिक्षक कक्षा-कक्ष में मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेगा। विभाग का उद्देश्य है कि पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन के कारण विद्यार्थियों का ध्यान प्रभावित न हो और विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण तथा अनुशासन कायम रहे।
कक्षा में शिक्षण के दौरान मोबाइल फोन नहीं चला सकेंगे शिक्षक
जारी आदेश में शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इसके तहत कोई भी शिक्षक कक्षा-कक्ष में शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेगा। पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों को मोबाइल फोन स्टाफ रूम में रखने या साइलेंट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य कक्षा के दौरान शिक्षण कार्य को प्राथमिकता देना और विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित एवं अनुशासित माहौल सुनिश्चित करना है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी भी तय की है।
बाहरी व्यक्तियों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के मोबाइल इस्तेमाल पर भी रोक
शिक्षा विभाग ने केवल शिक्षकों तक ही मोबाइल इस्तेमाल संबंधी पाबंदी सीमित नहीं रखी है। बाहरी व्यक्तियों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए भी स्कूल परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर सख्ती की गई है।
निर्देशों के मुताबिक, शिक्षण व्यवस्था को सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों को विद्यालय परिसर में मोबाइल फोन उपयोग की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति, पत्रकार या सोशल मीडिया क्रिएटर बिना जिला शिक्षा अधिकारी अथवा संस्था प्रधान (प्रिंसिपल/हेडमास्टर) की लिखित अनुमति के स्कूल परिसर में वीडियो नहीं बना सकेगा। इसका मतलब है कि विद्यालय परिसर में किसी भी तरह की वीडियोग्राफी से पहले संबंधित अधिकारी या संस्था प्रधान से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा।
स्कूल के मुख्य द्वार और कार्यालय के बाहर लगेंगे चेतावनी बोर्ड
नियमों की जानकारी स्कूल आने वाले लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंचाने के लिए प्रत्येक विद्यालय के मुख्य द्वार और कार्यालय के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर मोबाइल उपयोग और बिना अनुमति वीडियो बनाने को लेकर स्पष्ट सूचना लिखी जाएगी।
नोटिस बोर्ड पर लिखा होगा:
"विद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों का मोबाइल उपयोग वर्जित है। बिना अनुमति वीडियो बनाना कानूनी अपराध है।"
शिक्षा विभाग के इन निर्देशों के बाद स्कूलों में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों को परिसर के भीतर मोबाइल इस्तेमाल और वीडियोग्राफी से संबंधित नियमों की जानकारी पहले ही मिल सकेगी।
BEO करेंगे स्कूलों का औचक निरीक्षण, नियम टूटने पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को भी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का नियमित औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन निरीक्षणों के दौरान यह देखा जाएगा कि स्कूलों में जारी दिशा-निर्देशों की पालना हो रही है या नहीं। शिक्षकों द्वारा कक्षा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बाहरी व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति वीडियोग्राफी सहित आदेशों के उल्लंघन पर नजर रखी जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पढ़ाई के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल और बिना अनुमति वीडियोग्राफी को लेकर जिम्मेदारी तय करने के साथ निगरानी की व्यवस्था भी लागू की है।
पढ़ाई और अनुशासन को लेकर शिक्षा विभाग ने तय किए स्पष्ट नियम
झज्जर के सरकारी और निजी स्कूलों के लिए जारी इन निर्देशों में एक ओर शिक्षकों को कक्षा के दौरान मोबाइल फोन से दूर रखने की व्यवस्था की गई है, वहीं दूसरी ओर बाहरी व्यक्तियों, पत्रकारों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स की वीडियोग्राफी के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य की गई है।
मुख्य द्वार और कार्यालय के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाने तथा BEO के औचक निरीक्षण की व्यवस्था के जरिए इन नियमों की पालना सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। आदेश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan