हरियाणा में बाबा महेश पुरी को सौंपी डेरे की गद्दी, साधु ह*त्या केस के बाद दूजपुरी को गांव निकाला
कैथल के बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु हत्या केस के बाद ग्रामीणों ने पंचायत कर महंत दूजपुरी को गांव निकाला और बाबा महेश पुरी को गद्दी सौंपी।
➤ साधु शिव शंकर पुरी की हत्या और महंत दूजपुरी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने पंचायत कर गांव में प्रवेश पर रोक लगाई
➤ बाबा लदाना के बाबा राजपुरी डेरे में सर्वसम्मति से बाबा महेश पुरी को सौंपी गई महंत की गद्दी
➤ डेरे की देखरेख और आय-व्यय का ब्योरा रखने के लिए ग्रामीणों की कमेटी भी बनाई गई
हरियाणा के कैथल जिले के गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिव शंकर पुरी की हत्या और महंत दूजपुरी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। पूरे गांव के ग्रामीण डेरा बाबा राजपुरी परिसर में इकट्ठे हुए और पंचायत कर सर्वसम्मति से बाबा महेश पुरी को महंत की गद्दी सौंप दी। साथ ही पंचायत में दूजपुरी को गांव निकाला देने का फैसला किया गया और गांव में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
प्रदेश में शायद ऐसा पहली बार हुआ, जब हत्या के आरोपी महंत का ग्रामीणों ने पंचायत कर गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी। साधु शिव शंकर पुरी की हत्या के बाद गांव में लगातार चल रहे घटनाक्रम के बीच ग्रामीणों ने डेरे की व्यवस्था को लेकर यह फैसला लिया।
डेरे में जमा हुई ग्रामीणों की भीड़, सम्मान के साथ गद्दी पर बैठाया
परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने नए महंत बाबा महेश पुरी को पूरे सम्मान के साथ गद्दी पर बैठाया। इसके बाद ग्रामीणों ने उनके पैर छूकर प्रणाम किया। इस दौरान डेरे में ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
डेरे की देखरेख के लिए ग्रामीणों की एक कमेटी भी बनाई गई है। यह कमेटी डेरे की देखरेख करने के साथ-साथ आय और व्यय का ब्योरा भी रखेगी।
कमालपुर से बाबा लदाना लाए गए महेश पुरी
बता दें कि महंत महेश पुरी अब तक गांव कमालपुर स्थित बाबा राजपुरी डेरे में रह रहे थे। अब उन्हें गांव कमालपुर से बाबा लदाना लाया गया। इस दौरान जिलेभर के डेरे और मंदिरों से साधु समाज के लोग भी डेरे में पहुंचे।
साधु समाज और ग्रामीणों की मौजूदगी में महेश पुरी को महंत की गद्दी पर बैठाया गया। वहीं ग्रामीण और प्रशासन मिलकर डेरे में पशुओं और फसलों की देखरेख कर रहे हैं।
ग्रामीण बोले- 2004 में प्रयागराज से आया था दूजपुरी
गांव के लोगों ने बताया कि दूजपुरी वर्ष 2004 में बाबा लदाना डेरे में आया था। वह यूपी के प्रयागराज से डेरे में पहुंचा था। उस समय ओमपुरी डेरे के महंत थे।
दूजपुरी डेरे में रहकर ओमपुरी का चेला बन गया। वर्ष 2012 में ओमपुरी के बाद ग्रामीणों ने दूजपुरी को डेरे की गद्दी सौंप दी। इसके बाद से दूजपुरी लगातार डेरे की गद्दी पर थे।
डेरे के विश्राम गृह में मिला था साधु का शव
बता दें कि कैथल के गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में एक साधु की हत्या कर दी गई थी। डेरे में बने विश्राम गृह में साधु का शव पड़ा मिला था। शरीर पर चोट के निशान मिले थे और बाल भी उखाड़े हुए थे।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अनुयायी मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। साधु की हत्या के मामले ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी थी।
जांच में हत्या का मामला सामने आने के बाद पांच गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि डेरे के मुख्य महंत दूजपुरी ने साधु की सिगरेट उठाने पर पीट-पीटकर हत्या की है। मामला धर्म और हत्या से जुड़ा होने के कारण सीआईए, एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ और सदर थाना पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
पुलिस ने महंत दूजपुरी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
Akhil Mahajan