अंकित बालियान हत्याकांड: गैंगस्टर पंपू के परिवार को एनकाउंटर का डर, वकील ने कोर्ट में लगाई सुरक्षा की गुहार
अंकित बालियान हत्याकांड में आरोपी गैंगस्टर पंपू के परिवार ने एनकाउंटर की आशंका जताई। वकील ने कोर्ट से सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी मांगी।
पंपू के परिवार को एनकाउंटर का डर, सुरक्षा को लेकर कोर्ट पहुंचा वकील
➤ यूपी पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी में, रास्ते की वीडियोग्राफी की मांग
➤ अंकित हत्याकांड के दो आरोपियों का हो चुका एनकाउंटर, दो अभी फरार
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में आरोपी राकेश कादियान उर्फ गैंगस्टर पंपू की सुरक्षा को लेकर मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। पंपू के परिवार को आशंका है कि यदि यूपी पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर करनाल जेल से उत्तर प्रदेश लेकर जाती है तो उसके साथ रास्ते में कोई अनहोनी हो सकती है। परिवार ने एनकाउंटर की आशंका जताते हुए उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।
आज सोमवार को मामले की सुनवाई होनी है। यूपी पुलिस की नजर कोर्ट के फैसले पर है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस राकेश को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए अपने साथ ले जा सकती है। इसी को देखते हुए राकेश पंपू के वकील एडवोकेट अमन पाल ने अदालत में अर्जी दाखिल कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जेल से उत्तर प्रदेश ले जाने तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग की है।
वकील का कहना है कि परिवार को राकेश के एनकाउंटर की आशंका है। इसके पीछे उन्होंने यह वजह भी बताई है कि अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़े दो आरोपियों का पहले ही एनकाउंटर हो चुका है। ऐसे में परिवार राकेश की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
अंकित बालियान हत्याकांड में जांच पंपू तक पहुंची
अंकित बालियान हत्याकांड में चार आरोपियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा अब राकेश कादियान उर्फ पंपू तक पहुंच गया है। पुलिस को आशंका है कि हत्या में शामिल बताए जा रहे चारों आरोपी राकेश के कथित गैंग नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में यूपी पुलिस राकेश से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस जांच में हत्या से जुड़े चार आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें सुमित और मोहित का पुलिस एनकाउंटर हो चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों में से एक के नाम से लगातार धमकी भरे वीडियो सामने आने की बात भी कही गई है। पुलिस अब इन आरोपियों और राकेश पंपू के बीच कथित संबंधों की जांच कर रही है।
प्रोडक्शन वारंट से पहले सुरक्षा को लेकर कोर्ट में अर्जी
राकेश पंपू के वकील एडवोकेट अमन पाल ने अदालत में दाखिल अर्जी में कहा है कि यदि यूपी पुलिस राकेश को प्रोडक्शन वारंट पर करनाल जेल से लेकर जाती है तो उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की तय होनी चाहिए।
वकील ने मांग की है कि करनाल जेल से उत्तर प्रदेश ले जाने समेत पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। उनका कहना है कि एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाते समय रास्ते में किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रास्ते में एनकाउंटर का डर, परिवार ने जताई चिंता
वकील के अनुसार राकेश पंपू पहले भी पुलिस कस्टडी के दौरान हमले का सामना कर चुका है। ऐसे में परिवार को डर है कि करनाल जेल से उत्तर प्रदेश ले जाते समय उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है या एनकाउंटर किया जा सकता है।
इसी आशंका को आधार बनाकर वकील ने अदालत से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि राकेश को ले जाने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और रास्ते में उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
शामली एसपी के बयान का भी दिया हवाला
एडवोकेट अमन पाल ने अपनी अर्जी में शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के बयान का भी हवाला दिया है। वकील के मुताबिक एसपी ने राकेश पंपू को प्रोडक्शन वारंट पर लाने और उसके कथित गैंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
वकील का कहना है कि इस बयान के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। इसी वजह से उन्होंने अदालत से राकेश की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।
वकील का दावा- हत्या में राकेश की सीधी भूमिका नहीं
राकेश पंपू की ओर से उसके वकील ने दावा किया है कि अंकित बालियान की हत्या में राकेश की कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई है। वकील के मुताबिक अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसमें हत्या के आरोपी राकेश के कथित गैंग नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।
इसी कथित संबंध की जांच के लिए यूपी पुलिस राकेश से पूछताछ करना चाहती है। अब इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राकेश पंपू को प्रोडक्शन वारंट पर यूपी पुलिस के हवाले किया जाता है या नहीं।
पुलिस बोली- कोर्ट की कार्रवाई के बाद स्थिति साफ होगी
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आज कोर्ट में मामले की तारीख है। कोर्ट में होने वाली कार्रवाई और आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा कि राकेश पंपू को प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा या नहीं। फिलहाल यूपी पुलिस उसे कब लेकर जाएगी, इसकी तारीख तय नहीं है।
वहीं करनाल जेल के पुलिस अधीक्षक लखविंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक उनके पास राकेश को लेकर कोर्ट की तरफ से कोई नोटिस या आदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि यूपी पुलिस राकेश को प्रोडक्शन वारंट पर ले जाना चाहती है तो पहले कोर्ट का आदेश जेल प्रशासन के पास आएगा। इसके बाद ही नियमानुसार उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले जाया जा सकेगा।
जानिए कौन है राकेश पंपू
22 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम
पानीपत जिले के सिवाह गांव का रहने वाला राकेश उर्फ पंपू पढ़ा-लिखा है। उसने पानीपत से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) में ग्रेजुएशन किया है। राकेश के पिता सरकारी कर्मचारी थे। उनके देहांत के बाद उनकी जगह राकेश की मां को सरकारी नौकरी मिल गई।
राकेश ने 22 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा। छोटे-मोटे अपराधों से शुरुआत करने के बाद वह हत्या, लूट और डकैती जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने लगा।
सरपंच के परिवार के दो लोगों की हत्या के बाद आया सुर्खियों में
7 नवंबर 2015 को सिवाह गांव के सरपंच खुशदिल कादियान के ताऊ के बेटे सतेंद्र और चाचा दलेल की खेत में सोते समय मुंह में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अमरजीत गैंग के बदमाशों के साथ राकेश का नाम भी सामने आया था। इसके बाद राकेश सुर्खियों में आया।
बाद में राकेश के निशाने पर उसी गांव के पूर्व सरपंच खुशदिल भी रहे। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल खुशदिल को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
नेशनल कबड्डी प्लेयर की हत्या में भी नाम आया
17 मार्च 2016 को नेशनल कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के मामले में पानीपत के राकेश उर्फ पंपू, जींद के खटकड़ निवासी अनिल उर्फ धौला, सोनीपत के मुडलाना निवासी अनिल उर्फ लीला, रोहतक के इस्माइला निवासी अंकित खत्री और सांपला निवासी परमिंद्र उर्फ भोला के नाम सामने आए थे।
इसके बाद राकेश अमरजीत के साथ मिलकर उसकी गैंग में काम करने लगा।
कुक्की गैंग से गैंगवार, अमरजीत के चाचा की हत्या
राकेश ने अमरजीत के शूटरों के साथ मिलकर कुक्की गैंगस्टर के भाई की हत्या कर दी थी। इसके बाद कुक्की के शूटर भठगांव निवासी संजीत ने साथियों के साथ मिलकर 6 जून 2017 को पानीपत में लालबत्ती के पास अमरजीत के चाचा सतबीर पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दोनों गैंग के 8 लोगों की अब तक हत्या हो चुकी है। राकेश का नाम 12 जुलाई 2017 को तहसील कैंप के फतेहपुरी चौक पर स्कॉर्पियो सवार राकेश श्योकंद की हत्या के मामले में भी सामने आया था।
दूसरे जिलों और राजस्थान तक फैलाया नेटवर्क
राकेश ने दूसरे जिलों में भी अपना नेटवर्क फैलाना शुरू कर दिया। वह करनाल, सोनीपत, रोहतक और राजस्थान में भी लूट और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा। धीरे-धीरे उसकी गैंग में कम उम्र के युवक शामिल होने लगे और गैंग का नेटवर्क बढ़ता चला गया।
साल 2017 में गिरफ्तारी के बाद पुलिस राकेश को पानीपत से गुजरात की कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान दूसरे गैंग ने पुलिस की गाड़ी पर हमला कर दिया। हमले में राकेश की छाती में भी गोली लगी थी।
जब पुलिस की बंदूक से गोली नहीं चली तो राकेश ने कहा था कि उसके हाथ खोल दिए जाएं और उसे बंदूक दे दी जाए।
16 मामले दर्ज, जमानत के बाद हुआ भगोड़ा
पंपू पर हत्या, लूट, जानलेवा हमला, अपहरण, जबरन वसूली और रंगदारी मांगने समेत कई मामलों में 16 केस दर्ज हैं। साल 2020 में जमानत पर बाहर आने के बाद राकेश भगोड़ा हो गया। इसके बाद वह फिर से अपराध करने लगा।
दिसंबर 2022 में पानीपत के एक कार सेल्स-पर्चेज व्यापारी से राकेश उर्फ पंपू ने विदेशी नंबर से फोन कर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद राकेश पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। साल 2023 में उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
Akhil Mahajan