फल-सब्जियां फिर भी फाइबर कम?डाइट में कहां हो रही है गलती?

फल-सब्जियां खाने के बावजूद फाइबर की कमी हो सकती है। जानिए दाल, चना, साबुत अनाज और पानी को डाइट में शामिल करना क्यों जरूरी है।

फल-सब्जियां फिर भी फाइबर कम?डाइट में कहां हो रही है गलती?

सिर्फ फल-सब्जियां खाना पर्याप्त नहीं, दाल और साबुत अनाज भी जरूरी

➤ 10 साल से अधिक उम्र वालों को रोज कम से कम 25 ग्राम फाइबर की सलाह

➤ जूस की जगह साबुत फल और फाइबर के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी

सेहतमंद रहने के लिए संतुलित खान-पान बेहद जरूरी है। रोज के भोजन से शरीर को विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। फाइबर को अक्सर केवल पाचन और कब्ज से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह शरीर के लिए इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यही वजह है कि डाइट में पर्याप्त फाइबर होना जरूरी माना जाता है।

कई लोगों को लगता है कि अगर वे रोज फल और सब्जियां खा रहे हैं तो उनके शरीर को पर्याप्त फाइबर मिल रहा होगा। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है। केवल फल-सब्जियां खाने से फाइबर की रोजाना जरूरत पूरी हो जाए, यह जरूरी नहीं। डाइट में फाइबर वाले अलग-अलग खाद्य पदार्थों को शामिल करने के साथ पूरे खान-पान को संतुलित रखना भी जरूरी है।

फल-सब्जियां खाने के बाद भी क्यों रह सकती है फाइबर की कमी?

आजकल की बदलती जीवनशैली में लोगों के खान-पान में फाइबर की कमी आम समस्या बनती जा रही है। कई लोगों की प्लेट में हरी सब्जियों की मात्रा कम होती है और फल खाने के बजाय वे जूस पीना ज्यादा पसंद करते हैं। इसी तरह दाल, चना, राजमा और बीन्स रोज के भोजन का नियमित हिस्सा नहीं होते।

इसके अलावा साबुत अनाज की जगह मैदा और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ गया है। ऐसे खान-पान के कारण शरीर को मिलने वाले फाइबर की मात्रा कम हो सकती है। इसलिए अगर डाइट में फल और सब्जियां मौजूद हैं, तब भी यह देखना जरूरी है कि दालें, फलियां और साबुत अनाज पर्याप्त मात्रा में लिए जा रहे हैं या नहीं।

रोज कम से कम 25 ग्राम फाइबर लेने की सलाह

फाइबर पाचन तंत्र को ठीक रखने, मल को नरम करने और कब्ज से बचाने में मदद करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गाइडलाइन के मुताबिक 10 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रोज कम से कम 25 ग्राम प्राकृतिक डाइटरी फाइबर जरूर लेना चाहिए।

फाइबर की जरूरत को पूरा करने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग स्रोतों को डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर है। फल और सब्जियों के साथ दालें, चना, राजमा, बीन्स और साबुत अनाज भी भोजन में शामिल किए जाने चाहिए।

सिर्फ एक फल खाने से पूरी नहीं होगी फाइबर की जरूरत

फल फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं, लेकिन रोज सिर्फ एक फल खा लेने से शरीर की फाइबर की पूरी जरूरत पूरी नहीं होती। आहार विशेषज्ञ सभी वयस्कों के लिए रोज करीब 400 ग्राम फल और सब्जियां खाने की सलाह देते हैं।

इसलिए फाइबर के लिए पूरी थाली पर ध्यान देना जरूरी है। फल के साथ पर्याप्त सब्जियां, दालें, चना, राजमा, बीन्स और साबुत अनाज को भी भोजन में शामिल करना चाहिए। यानी फाइबर की पूर्ति के लिए सिर्फ फलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।

जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प

अगर डाइट में फाइबर बढ़ाना है तो फल को पूरा खाना जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प है। जूस बनाते समय फल का गूदा अलग हो जाता है, जिससे उसमें मौजूद फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। इसके अलावा फलों के जूस के सेवन से शुगर की मात्रा भी बढ़ सकती है

पैक्ड जूस को कई अध्ययनों में सेहत के लिए नुकसानदायक बताया गया है। ऐसे में फाइबर पाने के लिए फल का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना ज्यादा बेहतर विकल्प होता है।

दाल, चना, राजमा और साबुत अनाज को डाइट में करें शामिल

फाइबर केवल फल और सब्जियों से ही नहीं मिलता। दाल, चना, राजमा, बीन्स, ओट्स और साबुत अनाज भी इसके अच्छे स्रोत हैं। इसलिए रोज के भोजन में इन चीजों की मौजूदगी पर ध्यान देना जरूरी है।

अगर किसी व्यक्ति की डाइट में सफेद ब्रेड, मैदा, नूडल्स और दूसरे रिफाइंड अनाज ज्यादा हैं, जबकि दाल और साबुत अनाज की मात्रा कम है, तो उसके भोजन में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है। ऐसे में रोज के खाने में दाल या कोई दूसरी फलीदार चीज जरूर शामिल करनी चाहिए।

फाइबर बढ़ाते समय पानी पीना न भूलें

डाइट में फाइबर बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति अचानक अपनी डाइट में बहुत ज्यादा फाइबर वाली चीजें शामिल कर लेता है तो कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने या भारीपन जैसी शिकायत हो सकती है।

इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर है। साथ ही दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इस तरह फल, सब्जियां, दालें, फलियां और साबुत अनाज को संतुलित मात्रा में शामिल करके डाइट में फाइबर की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने पर ध्यान दिया जा सकता है।