चावल खाते हैं तो जान लें ये बात,ब्राउन राइस शुगर, वजन और हार्ट के लिए क्यों बेहतर?
ब्राउन राइस सफेद चावल से ज्यादा फाइबर, पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट देता है। जानिए ब्लड शुगर, वजन, हृदय और ग्लूटेन के लिए इसके फायदे
ब्राउन राइस में सफेद चावल से ज्यादा फाइबर और पोषक तत्व पाए जाते हैं
➤ कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिल सकती है
➤ ग्लूटेन फ्री होने के साथ वजन और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर विकल्प
चावल भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है। देश के कई हिस्सों में चावल के बिना भोजन अधूरा माना जाता है। हालांकि, चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होने के कारण डायबिटीज और अधिक वजन वाले लोगों को अक्सर इसके सेवन की मात्रा पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। ऐसे में चावल खाने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि हर तरह का चावल शरीर पर एक जैसा असर नहीं डालता।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्राउन राइस सफेद चावल की तुलना में कई मामलों में बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक पाए जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी सफेद चावल की तुलना में कम होता है। यही वजह है कि संतुलित मात्रा में ब्राउन राइस का सेवन ब्लड शुगर, वजन और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
सफेद चावल और ब्राउन राइस में क्या अंतर है?
सफेद चावल को रिफाइंड किया जाता है। इससे इसकी पकाने की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और स्वाद बेहतर हो जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं। दूसरी ओर, ब्राउन राइस एक संपूर्ण साबुत अनाज है। इसमें अनाज की बाहरी परत का अधिक हिस्सा मौजूद रहता है, जिसके कारण इसमें फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है।
ब्राउन राइस में मौजूद पोषक तत्व इसे नियमित आहार में शामिल करने का एक बेहतर विकल्प बना सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जो अपने भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं।
डायबिटीज में क्यों माना जाता है बेहतर?
ब्राउन राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की गति को दर्शाता है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ आमतौर पर ब्लड शुगर को अपेक्षाकृत धीरे बढ़ाते हैं।
इसी कारण ब्राउन राइस का सेवन ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है। हालांकि, डायबिटीज वाले लोगों के लिए केवल चावल का प्रकार ही नहीं, बल्कि उसकी मात्रा और पूरे भोजन का संतुलन भी महत्वपूर्ण होता है।
ब्राउन राइस में पाए जाते हैं प्लांट बेस्ड कंपाउंड्स
ब्राउन राइस में कई तरह के प्लांट बेस्ड कंपाउंड्स पाए जाते हैं। अध्ययनों में इन यौगिकों को कई स्वास्थ्य लाभों से जोड़ा गया है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व भी मिलते हैं।
इन पोषक तत्वों की मौजूदगी शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार के रोगों के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है। ब्राउन राइस को वजन नियंत्रित करने से लेकर हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता रहा है।
हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार
ब्राउन राइस एक साबुत अनाज है और इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
ब्राउन राइस में खनिज, एंटीऑक्सीडेंट, लिग्नन्स और डायट्री फाइबर भी पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी ब्राउन राइस को आहार में शामिल करना फायदेमंद विकल्प हो सकता है।
ग्लूटेन की भी नहीं होगी टेंशन
ब्राउन राइस की एक खास बात यह है कि यह ग्लूटेन फ्री होता है। ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो गेहूं, जौ और राई जैसे अनाज में पाया जाता है। कुछ लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी या संवेदनशीलता की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में पेट दर्द, दस्त, सूजन और उल्टी जैसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
ब्राउन राइस स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन फ्री होने के कारण ऐसे लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। कुछ शोधों में यह भी संकेत मिला है कि इस तरह के आहार का सेवन कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों के जोखिम को कम करने में लाभकारी हो सकता है।
वजन कम करने में भी मदद कर सकता है ब्राउन राइस
जो लोग वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, उनके लिए भी ब्राउन राइस उपयोगी हो सकता है। अधिक रिफाइंड अनाज की जगह ब्राउन राइस को आहार में शामिल करने से फाइबर का सेवन बढ़ाया जा सकता है।
एक कप यानी 158 ग्राम ब्राउन राइस में 3.5 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जबकि सफेद चावल में फाइबर की मात्रा 1 ग्राम से भी कम होती है। फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार खाने या जरूरत से ज्यादा भोजन करने की इच्छा कम हो सकती है।
ब्राउन राइस में मौजूद अन्य पोषक तत्व भी संतुलित आहार का हिस्सा बनकर वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वजन कम करने के लिए सिर्फ ब्राउन राइस खाना पर्याप्त नहीं है। भोजन की कुल मात्रा, शारीरिक गतिविधि और पूरी डाइट का संतुलन भी महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, अगर आप चावल खाना पसंद करते हैं और अपने भोजन को ज्यादा पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो ब्राउन राइस एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें सफेद चावल की तुलना में फाइबर और कई पोषक तत्व अधिक पाए जाते हैं। इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद कर सकता है, जबकि फाइबर वजन और हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। साथ ही, ग्लूटेन फ्री होने के कारण यह ग्लूटेन से परहेज करने वाले लोगों के लिए भी एक विकल्प है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना जरूरी है।
Akhil Mahajan