हरियाणा में आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: पंचकूला में 99 MM बरसात; गुरुग्राम में लापरवाही पर JE सस्पेंड 15 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, कई इलाकों में सुबह से छाए बादल

हरियाणा के 15 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। पंचकूला में 99 एमएम बारिश हुई, गुरुग्राम में जेई सस्पेंड और 8 सितंबर बाद मानसून कमजोर होगा।

हरियाणा में आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: पंचकूला में 99 MM बरसात; गुरुग्राम में लापरवाही पर JE सस्पेंड 15 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, कई इलाकों में सुबह से छाए बादल

➤ हरियाणा के 15 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट, 7 जिलों में बूंदाबांदी के आसार
➤ 24 घंटे में पंचकूला में 99 एमएम बारिश, गुरुग्राम में एक घंटे में 36 एमएम बरसात
➤ जलभराव के दौरान फील्ड से गायब रहने पर गुरुग्राम के जेई मनोज सस्पेंड, 8 सितंबर के बाद मानसून कमजोर होने के आसार


हरियाणा में शनिवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में मूसलाधार बारिश हो सकती है।

वहीं प्रदेश के पश्चिमी और मध्य जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद और रोहतक में मौसम परिवर्तनशील रहने का अनुमान है। इन जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। सोनीपत, हिसार और पानीपत में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून टर्फ रेखा श्री गंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़ से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से 5 से 7 सितंबर तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में हवाओं के साथ बारिश दर्ज की जाएगी।

शुक्रवार को भी सात जिलों में हुई तेज बारिश, पंचकूला सबसे आगे

हरियाणा में शुक्रवार को भी कई जिलों में तेज बारिश हुई। बीते 24 घंटों के दौरान पंचकूला में सबसे ज्यादा 99.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा यमुनानगर में 57.5 एमएम, गुरुग्राम में 44.5 एमएम, करनाल में 33.5 एमएम, रोहतक में 32.0 एमएम और रेवाड़ी में 20.0 एमएम बारिश हुई।

बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट आई है। राज्य में दिन के औसत तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पंचकूला में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

गुरुग्राम में एक घंटे में 36 एमएम बारिश, जलभराव से जाम तक बनी परेशानी

शुक्रवार को गुरुग्राम में एक घंटे के भीतर 36 एमएम बारिश हुई। तेज बारिश के बाद जिले के कई हिस्सों में जलभराव और जाम की स्थिति बन गई। बारिश के कारण पेड़ और बिजली के खंभे टूटने की घटनाएं भी सामने आईं।

सेक्टर-40 में एक पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिर गया। इसके कारण दो खंभे भी टूट गए। खंभों की चपेट में आने से दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। लोगों ने बिजली निगम को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल बिजली सप्लाई बंद कराई गई।

गुरुग्राम से एयरपोर्ट को जोड़ने वाली द्वारका एक्सप्रेसवे टनल के दिल्ली एरिया में भी जलभराव हो गया था। इसके चलते ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

वहीं सेक्टर-22 बी में सड़क पर जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के बीच बच्चे तैरते हुए नजर आए, जबकि वाहन भी पानी से होकर निकलते दिखाई दिए।

जलभराव के दौरान फील्ड से गायब JE मनोज सस्पेंड

गुरुग्राम में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति के बीच फील्ड से गायब रहने पर जेई मनोज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। काम में लापरवाही बरतने पर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने यह कार्रवाई की।

बारिश के बाद गुरुग्राम में जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति के बीच प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। शुक्रवार को नेशनल हाईवे-48 पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा।

द्वारका एक्सप्रेसवे से लेकर अंडरपास तक बारिश का असर

बारिश का असर गुरुग्राम के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे शहरों में भी देखने को मिला। अंबाला में अंडरपास में एक युवक की बाइक बंद हो गई। बाइक को बाहर निकालने के लिए दो बच्चे जलभराव से होते हुए युवक के पास पहुंचे।

बारिश के कारण शहरों के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई जगह वाहनों की रफ्तार प्रभावित रही और यातायात धीमा हुआ।

8 सितंबर के बाद कमजोर होगा मानसून

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, राज्य में बादलवाही के साथ उत्तरी और दक्षिणी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट और रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। हालांकि 8 सितंबर से मानसून की सक्रियता में फिर से कमी आने की संभावना है।

किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों में किसी भी प्रकार की सिंचाई या कीटनाशक छिड़काव को बारिश का दौर थमने तक स्थगित रखें। साथ ही खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अगस्त में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश, तीन साल में सबसे कम

हरियाणा में मानसून के तीन महीने बीत चुके हैं। अगस्त में प्रदेश में सामान्य 146.1 मिमी के मुकाबले 135.4 मिमी बारिश हुई। यह पिछले तीन सालों में अगस्त की सबसे कम बारिश है।

1 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 283.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 349.9 मिमी होती है।

अब तक के आंकड़ों के अनुसार कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। नूंह में 25 प्रतिशत, पलवल में 26 प्रतिशत, गुरुग्राम में 17 प्रतिशत, फरीदाबाद में 7 प्रतिशत और भिवानी में 41 प्रतिशत सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

वहीं कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही। करनाल में 68 प्रतिशत, जींद में 51 प्रतिशत, कैथल में 49 प्रतिशत, अंबाला में 37 प्रतिशत और रोहतक में 19 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

बारिश के बीच आगे भी मौसम पर रहेगी नजर

5 से 7 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को 15 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है, जबकि पश्चिमी और मध्य हरियाणा के सात जिलों में मौसम परिवर्तनशील रहने तथा कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 8 सितंबर के बाद मानसून की सक्रियता में कमी आने की संभावना है। इस बीच बारिश से प्रभावित शहरों में जलभराव, जाम और बिजली से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं।