'लाल किले से दी होम्योपैथी की गोली, बौखला उठे दिमागी नक्सल': श्रीराम कॉलेज में 13 साल बाद गरजे पीएम मोदी

पीएम मोदी ने SRCC के 100वें स्थापना दिवस पर 48 मिनट भाषण दिया। उन्होंने 2013 के भारत, दिमागी नक्सल, युवाओं, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत पर बात की

'लाल किले से दी होम्योपैथी की गोली, बौखला उठे दिमागी नक्सल': श्रीराम कॉलेज में 13 साल बाद गरजे पीएम मोदी

13 साल बाद SRCC पहुंचे पीएम मोदी, जेन-Z छात्रों को 48 मिनट दिया संबोधन
‘दिमागी नक्सल’ और ‘होम्योपैथी की गोली’ वाले बयान से विपक्ष पर साधा निशाना
मोदी बोले- 2013 के मुकाबले भारत बदला, युवा बड़े सपने देख रहा और विकसित भारत बनाएगा


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम 13 साल बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। कॉलेज के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होंने जेन-Z छात्रों के बीच करीब 48 मिनट तक संबोधन दिया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में 2013 में SRCC में दिए अपने पुराने भाषण को याद किया और उस समय के भारत की परिस्थितियों से लेकर आज की अर्थव्यवस्था, युवा, स्टार्टअप, फिनटेक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत तक कई मुद्दों पर बात की।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में SRCC के पूर्व छात्रों को जेन-Z की भाषा में OG यानी ओरिजनल गैंग्स्टर बताया। उन्होंने कहा कि यहां के पूर्व छात्र भले ही ‘धुरंधर’ न हों, लेकिन उन्होंने दुनिया भर में अपनी धूम मचाई है।

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने भाषण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दिन उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए ऐसी ‘होम्योपैथी की गोली’ दी, जिससे सारे दिमागी नक्सल बौखलाने लगे। मोदी ने कहा कि जनता उनका असली रंग देख रही है।

उन्होंने 2013 में SRCC की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने पानी से भरे गिलास का उदाहरण दिया था। किसी को गिलास आधा खाली दिखाई देता है, किसी को आधा भरा और किसी को आधा पानी तथा आधा हवा से भरा। उन्होंने कहा कि सही नजरिया हर स्थिति में उम्मीद देखने का है।

मोदी मेट्रो में सफर के दौरान उन्होंने बच्चों-लोगों से भी बातचीत की।

SRCC के पूर्व छात्रों को मोदी ने जेन-Z की भाषा में बताया OG

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत SRCC के पूर्व छात्रों का नाम लेते हुए की और कहा कि वह ‘छठे खिलाड़ी’ हैं। उन्होंने कहा कि आज का अवसर ऐतिहासिक है और देश के शिक्षा जगत के लिए भी अहम है। इस अवसर पर SRCC से जुड़ी अनेक पीढ़ियां एक साथ जुड़ रही हैं।

मोदी ने कॉलेज के संस्थापक सर श्री राम का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जब कोई इंसान 100 साल जीता है तो उसके अनुभवों का सागर माना जाता है और जब कोई संस्थान 100 साल पूरे करता है तो वह उपलब्धियों का महासागर बन जाता है।

उन्होंने SRCC की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस कॉलेज की शुरुआत दरियागंज के एक छोटे से स्थान से हुई थी और वही छोटा कॉलेज आज विशाल वृक्ष बन चुका है। इसने कई लोगों को छांव और शीतलता दी है।

पीएम ने कहा कि जब कोई पूछता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में कौन सा कॉलेज, तो SRCC कहना अपने आप में फ्लेक्स है। जेन-Z की भाषा में यहां के एल्युमनाई OG हैं। उन्होंने कहा कि इन पूर्व छात्रों ने SRCC का नाम पूरी दुनिया में पहुंचाया।

मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का भी जिक्र किया और कहा कि वह यहीं पढ़े थे। उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई, जिसमें अरुण जेटली ने SRCC की बात न की हो। प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कभी-कभी तो वह इससे तंग आ जाते थे।

2013 के भाषण को 13-14 साल बाद भी याद कर रहे युवा

पीएम मोदी ने 2013 में SRCC में दिए अपने भाषण की खास बातें भी दोहराईं। उन्होंने कहा कि उस समय मौजूद छात्र आज अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हैं, जबकि नई पीढ़ी इंटरनेट पर जाकर उस भाषण को देख और पढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि 13-14 साल बाद भी उस सभा और संबोधन का प्रभाव बरकरार है। मोदी ने कहा कि तब SRCC में मौजूद छात्र आज की नई पीढ़ी के सीनियर थे। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, लेकिन विपक्षी पार्टी में थे।

मोदी ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि वह उस समय की केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा देंगे, लेकिन उन्होंने मंच का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया। उन्होंने वहां एक विजन रखा था और उस समय जो कहा था, वह उनका कन्विक्शन था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय उन्होंने पानी के गिलास का उदाहरण दिया था। एक नजरिया ऐसा है जिसमें गिलास आधा खाली दिखाई देता है, दूसरा जिसमें वह आधा भरा दिखाई देता है और तीसरा नजरिया ऐसा है जिसमें गिलास पूरा भरा दिखाई देता है, आधा पानी और आधा हवा से।

उन्होंने कहा कि सही नजरिया हर स्थिति में उम्मीद देखने का है।

2013 के भारत और आज के भारत की तुलना करते हुए बोले मोदी

प्रधानमंत्री ने 2013 के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था बेहाल थी और दुनिया भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ में गिन रही थी। उन्होंने उस दौर की कई खबरों का जिक्र किया।

मोदी ने कहा कि उस समय LOC पर भारतीय सैनिकों की हत्या, वर्ल्ड बैंक द्वारा GDP का नंबर घटाना, करीब 10 प्रतिशत महंगाई दर, हेलिकॉप्टर में घूसखोरी और हैदराबाद में ब्लास्ट जैसी खबरें सुर्खियों में थीं।

उन्होंने कहा कि उस समय अर्थव्यवस्था बेहाल थी, दुनिया भारत को फ्रेजाइल फाइव में गिन रही थी और आतंकी बेलगाम थे। उनके मुताबिक तब हताशा और निराशा के अलावा कुछ नहीं था और हर जगह संघर्ष दिखाई देता था।

मोदी ने कहा कि आज स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा कि आज आतंकी पस्त हैं और पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो भारत की सेना घर में घुसकर मारती है। उन्होंने कहा कि माओवादी आतंक की कमर भी तोड़ दी गई है।

‘फ्रेजाइल फाइव’ से दुनिया की 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तक का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में दुनिया भारत को फ्रेजाइल फाइव बता रही थी, जबकि आज दुनिया भारत को पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देख रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते ही भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। यह ग्रोथ ऐसे समय में आई है, जब वेस्ट एशिया क्राइसिस चरम पर है और ट्रेड से जुड़ी दिक्कतें भी हैं। उन्होंने इसे भारत की उपलब्धि बताया।

मोदी ने कहा कि जो लोग भारत को फ्रेजाइल फाइव में धकेलने के लिए आगे रहे, वे इन उपलब्धियों को नहीं मानेंगे, लेकिन युवा इन्हें समझते हैं। उन्होंने कहा कि आज कंज्यूमर डिमांड भी बढ़ रही है और स्टील प्रोडक्शन में 8 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ग्रो भी कर रहा है और रोजगार के नए अवसर भी बना रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए 2013 में गिलास आधा खाली था, उनके लिए आज भी वह खाली ही रहेगा।

‘नाराज फूफा’ कहकर तंज कसने वालों पर निशाना

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो सरकार के हर काम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘नाराज फूफा’ बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अलग-अलग प्रजाति के लोग हैं। एक वे हैं जो सकारात्मक तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं और दूसरे वे हैं जो हर चीज में नाराज फूफा बन जाते हैं।

मोदी ने कहा कि इनका एक ही डायलॉग होता है- ‘इसकी क्या जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि जब देश में दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बनाया जा रहा था, तब भी ऐसे लोगों ने कहा कि इसकी जरूरत क्या है।

उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन, UPI, चिप और नई संसद को लेकर भी सवाल उठाए गए। देश के लिए मरने वाले सेना नायकों का मेमोरियल बनाया गया तो भी ऐसे लोग सामने आ गए। मोदी ने कहा कि भारत ने ऐसे लोगों को जवाब दिया है।

‘दिमागी नक्सल’ और ‘होम्योपैथी की गोली’ का जिक्र

पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल कर ऐसी ‘होम्योपैथी की गोली’ दी, जिससे सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे।

मोदी ने कहा कि होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने यह गोली दी, सारे ‘दिमागी नक्सल’ बाहर आने लगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता उनका असली रंग देख रही है। उन्होंने यह बात उन लोगों के संदर्भ में कही, जिन्हें लेकर उनका कहना था कि देश में बदलाव और उपलब्धियों के बावजूद बौखलाहट शुरू हो गई है।

2014 के बाद जनधन योजना और फिनटेक का उदाहरण

प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद बदली तस्वीर का उदाहरण देते हुए जनधन योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जनधन योजना को 12 साल पूरे हुए हैं और आज लोग फिनटेक के अलग ही दौर में जी रहे हैं।

मोदी ने कहा कि 2014 से पहले गांव और छोटे शहरों के बच्चों को सेविंग अकाउंट खुलवाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इसी वजह से सरकार जनधन योजना लेकर आई।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में जनधन योजना के तहत 60 करोड़ नए अकाउंट खुले हैं।

मेड इन इंडिया और मोबाइल एक्सपोर्ट का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जब मेड इन इंडिया पर काम करने की जरूरत की बात कही थी, तब इसका विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि आज लोग मेड इन इंडिया की ताकत देख रहे हैं।

मोदी ने कहा कि दुनिया के बड़े स्मार्टफोन भारत में बनते हैं और आज भारत 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल एक्सपोर्ट करता है।

उन्होंने कहा कि वह छोटे और आसान लक्ष्य रखने वाले व्यक्ति नहीं हैं। वह बड़े लक्ष्य रखते हैं।

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर बोले पीएम

पीएम मोदी ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले भारत के लिए डिफेंस का सामान बाहर से आता था। उन्होंने कहा कि 500 चीजों की निगेटिव लिस्ट बनाने के लिए कहा गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले छोटी-छोटी चीजों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ऑल टाइम हाई पर है।

उन्होंने कहा कि आज भारत करीब 2 लाख करोड़ रुपए का डिफेंस प्रोडक्शन कर रहा है। वर्ष 2014 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट कुछ सौ करोड़ रुपए था, जबकि आज यह आंकड़ा 40 हजार करोड़ रुपए का है।

2013 के मुकाबले युवा अब बड़े सपने देख रहा

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय युवा बड़े सपने देख रहा है। आज का नौजवान कहता है कि वह स्टार्टअप बनाएगा, यूनिकॉर्न खड़ा करेगा और स्पेस से जुड़ा स्टार्टअप शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि 2013 से पहले के सीनियर ऐसे सपने नहीं देखते थे, लेकिन आज समय बदल गया है।

मोदी ने युवाओं से सवाल करते हुए कहा कि अगर भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं तो वे कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हो सकतीं। उन्होंने युवाओं से ग्लोबल फर्म्स के निर्माण का संकल्प लेने की बात कही।

युवाओं से बोले- भारत रिसर्च और इनोवेशन का हब बनेगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देश पर और देश के युवाओं पर भरोसा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर विकसित भारत को संभव बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रिसर्च और इनोवेशन का हब भारत होगा। भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और वह दिन भी युवा देखेंगे।

मोदी ने कहा कि भारत एक दिन ऐसे ओलंपिक का आयोजन करेगा कि दुनिया उसे देखेगी।

उन्होंने युवाओं से कहा कि अभी उनकी जिंदगी SRCC मोड पर चल रही है, जिसमें कोल्ड कॉफी पर होने वाली चर्चा, एग्जाम के आखिरी समय की मेहनत और बिजनेस कॉन्क्लेव की तैयारी शामिल है। लेकिन कैंपस से बाहर उन्हें एक अलग दुनिया मिलेगी।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और युवाओं के नए अवसरों की बात

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं। जब नए बाजार खुलते हैं तो भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों में बौखलाहट शुरू हो गई है।

मोदी ने कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों के लिए 15 अगस्त को लाल किले से ‘होम्योपैथी की गोली’ दी थी और ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

मोदी ने युवाओं को दिलाया आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री ने युवाओं को संकल्प दिलाते हुए कहा कि नाव हमारी हो, नाविक भी हमारा हो। उन्होंने कहा कि लहरों पर विजय लिखे, वह हौसला हमारा हो।

मोदी ने युवाओं से कहा कि उड़ान हमारी हो और हवाओं से टकराने वाला जज्बा हमारा हो। सपना हमारा हो और संकल्प हमारा हो।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेने और विकसित भारत की राह में उठने वाले हर कदम को अपना बनाने की बात कही।

इस तरह SRCC के 100वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का करीब 48 मिनट का संबोधन 2013 की उनकी यादों, देश में आए बदलावों, सरकार की उपलब्धियों, विपक्ष पर राजनीतिक तंज और युवाओं के भविष्य के सपनों के इर्द-गिर्द रहा।