करनाल में पंचायत के दौरान केंद्रीय मंत्री और विधायक के खिलाफ कथित जातिगत टिप्पणी, गाली-गलौज पर FIR; पुलिस ने शुरू की जांच

करनाल की रोड़ धर्मशाला पंचायत में केंद्रीय मंत्री और विधायक के खिलाफ कथित जातिगत टिप्पणी व भड़काऊ बयान पर FIR दर्ज हुई, पुलिस CCTV और सोशल मीडिया जांचेगी

करनाल में पंचायत के दौरान केंद्रीय मंत्री और विधायक के खिलाफ कथित जातिगत टिप्पणी, गाली-गलौज पर FIR; पुलिस ने शुरू की जांच

करनाल में पंचायत के दौरान केंद्रीय मंत्री और विधायक पर कथित जातिगत टिप्पणी, FIR दर्ज
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन धाराओं में केस दर्ज किया
सोशल मीडिया पोस्ट और CCTV फुटेज की जांच से आरोपियों की पहचान की जाएगी


करनाल। करनाल की रोड़ धर्मशाला में आयोजित पंचायत के दौरान केंद्रीय मंत्री और एक विधायक के खिलाफ कथित जातिगत टिप्पणी, गाली-गलौज और भड़काऊ बयान देने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब पुलिस पंचायत के दौरान दिए गए कथित बयानों के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में BNS की धारा 196 (1), 223 (बी) और 353 (1) के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने, आदेश की अवहेलना और भड़काऊ बयान से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

24 अगस्त को रोड़ धर्मशाला में हुई थी पंचायत

पुलिस को दी शिकायत में ऊंचा समाना निवासी सतबीर गोस्वामी ने बताया कि 24 अगस्त को करनाल की रोड़ धर्मशाला में रोड़ समाज की पंचायत आयोजित की गई थी। शिकायत के मुताबिक पंचायत के दौरान कुछ लोगों ने केंद्रीय मंत्री और एक विधायक को लेकर कथित तौर पर जातिगत टिप्पणी की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत के दौरान गाली-गलौज भी की गई और ऐसे बयान दिए गए, जिनसे सामाजिक माहौल प्रभावित होने की आशंका थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।

पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल FIR में किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट और CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में

शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और अकाउंट की जांच करने की मांग की है। इसके अलावा रोड़ धर्मशाला के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर पंचायत में मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान करने का आग्रह किया गया है।

पुलिस की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित बयान किसने दिए और क्या उनके जरिए सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने या माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। इसके लिए पंचायत से संबंधित उपलब्ध वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री और CCTV फुटेज की जांच की जा सकती है।

SI बंसीलाल को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच की जिम्मेदारी एसआइ बंसीलाल को सौंपी है। पुलिस अब मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में किन लोगों की भूमिका सामने आती है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई आरोपों की जांच के स्तर पर है और किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं हुई है।

हर्ष-बीरबल मुठभेड़ प्रकरण को लेकर पहले से चल रही पंचायतें

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हर्ष-बीरबल मुठभेड़ प्रकरण को लेकर रोड़ समाज की ओर से करनाल में लगातार पंचायत और विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। 24 अगस्त को भी रोड़ समाज के लोगों ने करनाल में प्रदर्शन करते हुए मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।

वहीं, करनाल विधायक जगमोहन आनंद पहले अपने बयानों को लेकर उठे विवाद पर सफाई दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वे सभी 36 बिरादरियों का सम्मान करते हैं और अपराध को किसी जाति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

फिलहाल पुलिस की मौजूदा कार्रवाई का केंद्र 24 अगस्त की रोड़ धर्मशाला पंचायत के दौरान कथित तौर पर दिए गए आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों की जांच है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।