महिलाओं के लिए जरूरी पोषण,आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कितनी जरूरत?
महिलाओं के लिए आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन क्यों जरूरी हैं, इनकी कमी से क्या समस्याएं हो सकती हैं और भोजन के जरिए इनकी जरूरत कैसे पूरी की जा सकती है।
महिलाओं के लिए आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं
➤ उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और जीवन की अलग-अलग स्थितियों के अनुसार बदलती है पोषण की जरूरत
➤ लगातार थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की सलाह
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं के शरीर को हर उम्र और जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर सही पोषण की जरूरत होती है। खासकर आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनकी कमी से शरीर की कार्यक्षमता और सेहत प्रभावित हो सकती है।
महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरत उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, मासिक धर्म, गर्भावस्था और स्तनपान जैसी स्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए हर महिला के लिए एक जैसा डाइट प्लान सही नहीं होता। रोजाना संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेना जरूरी है।
आइए जानते हैं महिलाओं के लिए आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन क्यों जरूरी हैं, इनकी कमी से क्या हो सकता है और इन्हें भोजन के जरिए कैसे पूरा किया जा सकता है।
महिलाओं के लिए आयरन क्यों जरूरी है?
आयरन शरीर के लिए बेहद जरूरी खनिज है। यह हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन की मदद से शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचती है। महिलाओं में खासकर मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव होने के कारण आयरन की कमी का खतरा बढ़ सकता है।
शरीर में आयरन की कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, सांस फूलना और काम करने में मन न लगना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक आयरन की कमी बनी रहे तो एनीमिया की समस्या भी हो सकती है।
आयरन की जरूरत कैसे पूरी करें?
डाइट में दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, सूखे मेवे और आयरन से भरपूर अनाज शामिल किए जा सकते हैं। नॉन-वेज खाने वाली महिलाएं अंडा, मछली और मांस से भी आयरन प्राप्त कर सकती हैं।
आयरन वाले भोजन के साथ विटामिन सी से भरपूर चीजें जैसे नींबू, आंवला, संतरा, अमरूद और टमाटर लेना शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद कर सकता है।
महिलाओं के लिए कैल्शियम क्यों जरूरी है?
कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसके अलावा यह मांसपेशियों, नसों और शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के सही तरीके से काम करने में भी भूमिका निभाता है।
महिलाओं को कम उम्र से ही अपनी हड्डियों की सेहत पर ध्यान देना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम हो सकती है, इसलिए भोजन में पर्याप्त कैल्शियम लेना महत्वपूर्ण है। कैल्शियम के साथ शरीर में पर्याप्त विटामिन डी होना भी जरूरी है, क्योंकि विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
कैल्शियम किन चीजों से मिलता है?
दूध, दही, पनीर, छाछ और अन्य डेयरी उत्पाद कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा तिल, रागी, सोयाबीन, टोफू, कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां और कैल्शियम से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थों को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
महिलाओं को कितना प्रोटीन चाहिए?
प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी है। यह शरीर को मजबूत रखने और मांसपेशियों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रोटीन की जरूरत हर महिला में एक जैसी नहीं होती। उम्र, शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि और गर्भावस्था जैसी स्थितियों के अनुसार इसकी जरूरत बढ़ या घट सकती है। जो महिलाएं नियमित रूप से एक्सरसाइज करती हैं या जिनकी शारीरिक गतिविधि ज्यादा है, उन्हें अपनी डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
प्रोटीन के अच्छे स्रोत
दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, मूंगफली, बादाम, बीज, दूध, दही, पनीर और टोफू अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं। अंडा, मछली और चिकन खाने वाली महिलाएं इनसे भी पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकती हैं।
कोशिश करें कि दिन के अलग-अलग भोजन में किसी न किसी प्रोटीन स्रोत को जरूर शामिल किया जाए।
किन महिलाओं को पोषण पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?
जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव होता है, जो गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, नियमित रूप से ज्यादा एक्सरसाइज करती हैं या जिनकी डाइट बहुत सीमित है, उन्हें अपने पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अगर लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, बाल झड़ना या सांस फूलने जैसी समस्या रहती है तो इसे केवल सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराई जा सकती है।
Akhil Mahajan