विधानसभा सत्र के बाद भड़के भूपेंद्र हुड्डा,

हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र के बाद भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर अलोकतांत्रिक रवैया, गलत आंकड़े पेश करने और HKRN व सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर गुमराह करने का आरोप लगाया।

विधानसभा सत्र के बाद भड़के भूपेंद्र हुड्डा,

भूपेंद्र हुड्डा ने विधानसभा सत्र के बाद सरकार के रवैये को बताया अलोकतांत्रिक

नेता प्रतिपक्ष बोले- सदन में गलत और भ्रामक आंकड़े पेश कर रही सरकार

HKRN और सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार पर गुमराह करने का आरोप

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा। - Dainik Bhaskar

 हरियाणा विधानसभा के 3 दिवसीय मानसून सत्र के हंगामेदार समापन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुड्डा ने सत्र के दौरान हुए घटनाक्रम को अपने लंबे राजनीतिक करियर का सबसे अलोकतांत्रिक दौर करार दिया।

हुड्डा ने कहा कि चर्चा शुरू होने से पहले ही मंत्रियों का जवाब आना और जनहित के मुद्दों पर आंकड़ों की हेरफेरी करना यह साबित करता है कि सरकार के पास विपक्ष के तीखे सवालों का कोई जवाब नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध, विधायक गीता भुक्कल, अशोक अरोड़ा, बीबी बत्रा और आफताब अहमद समेत पार्टी के कई प्रमुख विधायक मौजूद रहे।

हरियाणा पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा।

50 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसा माहौल कभी नहीं देखा

भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, "मेरे पूरे राजनीतिक करियर में विधानसभा के अंदर और बाहर ऐसा माहौल कभी नहीं रहा। विपक्ष की आवाज दबाने और सरकार की पोल खुलने के डर से विधायकों को अलोकतांत्रिक तरीके से रोका गया।"

उन्होंने विधानसभा के भीतर हुए घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। हुड्डा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर पहले कभी ऐसा माहौल नहीं देखा।

मुख्यमंत्री के बयान और सरकार के दोहरे रवैये पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विपक्ष के विधायकों को गलत ठहरा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पहले दिन विधायकों को तख्तियां ले जाने से रोका गया, तो दूसरे दिन इसकी छूट क्यों दी गई?

हुड्डा ने कहा कि यह सरकार की विफलता और दोहरे रवैये को साफ दिखाता है। उनके अनुसार, सरकार का अलग-अलग दिनों में अलग रवैया कई सवाल खड़े करता है।

सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार के जवाब को बताया गोलमोल

सफाई कर्मियों के 'काम रोको प्रस्ताव' पर चर्चा से पहले ही मंत्री का जवाब देना प्रक्रिया के खिलाफ था। मंत्री का दावा है कि पक्का करने की मांग पर राय ली जा रही है, जबकि हमने 2014 में ही इन्हें पक्का करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, जिसमें आरक्षण का भी स्पष्ट प्रावधान था।

हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर केवल गुमराह कर रही है और विधानसभा में सही स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही।

HKRN के नाम पर छलावा, व्हाट्सएप पर हो रही छंटनी का आरोप

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सदन में खुद मुख्यमंत्री ने माना है कि यह सरकारी नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जॉब सिक्योरिटी के लंबे-चौड़े दावे कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और है।

हुड्डा के अनुसार, कई युवा उनसे आकर मिले हैं, जिन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर नौकरी से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नौकरी की सुरक्षा के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को इस तरह नौकरी से हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सदन और जनता को गुमराह करने का लगाया आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधानसभा के पटल पर सरकार द्वारा गलत और भ्रामक आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन को गुमराह करने का सीधा मतलब प्रदेश की जनता को धोखा देना है।

हुड्डा ने सरकार पर विपक्ष के सवालों से बचने और जनहित के मुद्दों पर स्पष्ट जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, वह उनके लंबे राजनीतिक जीवन में अभूतपूर्व रहा।