अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी
दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया। CBI FIR दर्ज करेगी और पिता सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करेगी।
➤ दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
➤ CBI FIR दर्ज कर दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करेगी
➤ कोर्ट ने कहा- पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी न माना जाए
मुंबई। दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। दिशा की मौत कथित तौर पर मुंबई के मलाड इलाके में एक हाईराइज इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। करीब छह साल पुराने इस मामले को लेकर लंबे समय से कई सवाल उठते रहे हैं। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी करेगी।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाए, जब तक जांच अधिकारी के सामने उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री नहीं आ जाती। यानी केवल आरोपों, राजनीतिक बयानों या किसी याचिका में लगाए गए दावों के आधार पर किसी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। CBI को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करनी होगी।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब CBI मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। अदालत ने CBI को FIR दर्ज करने और दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करने को कहा है। साथ ही मुंबई पुलिस को केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
छह साल पुराने मामले की अब बदलेगी जांच की दिशा
दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है और इस बार इसकी जांच की दिशा बदल गई है। करीब छह साल पहले हुई इस मौत की शुरुआत में मुंबई पुलिस ने जांच की थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने मामले की आगे जांच के लिए SIT गठित की थी। इस दौरान मामले को लेकर आरोप और राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही।
दिशा सालियान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी। पुलिस ने शुरुआत में इसे एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR के तौर पर दर्ज किया था। पुलिस की जांच में मौत को आत्महत्या बताया गया था।
हालांकि बाद में दिशा के पिता सतीश सालियान ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए और मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की। उन्होंने मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस की जांच प्रक्रिया और मामले में FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठे।
परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर उठाए थे सवाल
दिशा की मौत के मामले में परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। दिशा के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नए सिरे से जांच की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
FIR दर्ज नहीं किए जाने और जांच में कथित खामियों को लेकर भी अदालत के सामने सवाल रखे गए। परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह जताया गया था। इन आरोपों की अदालत में सुनवाई होती रही और अब हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया है।
अदालत के आदेश के बाद अब मुंबई पुलिस के पास मौजूद केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपे जाएंगे। इसके साथ ही दिशा के पिता का बयान भी केंद्रीय जांच एजेंसी दर्ज करेगी।
दिशा की मौत और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बीच भी उठते रहे सवाल
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी। इसके कुछ ही दिन बाद 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बीच समय का यह अंतर होने के कारण दिशा सालियान का मामला भी लगातार चर्चा में रहा।
मुंबई पुलिस ने दिशा की मौत को लेकर ADR दर्ज की थी। पुलिस की जांच में मौत को आत्महत्या बताया गया। हालांकि दिशा के पिता ने बाद में इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत के पीछे गंभीर साजिश हो सकती है।
ये आरोप अदालत में विचाराधीन रहे हैं और अभी साबित नहीं हुए हैं। अब CBI की जांच में मौत से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने बनाई थी SIT, 2025 में भी हुई थी जांच
मामले की आगे जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने SIT बनाई थी। वर्ष 2025 में SIT ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसे जांच में अब तक किसी तरह की गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि उस समय जांच जारी थी।
इसके बावजूद दिशा के परिवार की ओर से जांच को लेकर सवाल उठते रहे। बाद में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की प्रक्रिया, FIR दर्ज नहीं किए जाने और जांच से जुड़े दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए।
अदालत ने यह भी पूछा था कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों नहीं दर्ज की गई। अब हाईकोर्ट ने CBI को मामले की जांच सौंपने का निर्देश दिया है।
आदित्य ठाकरे का नाम आने से राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
दिशा सालियान के मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक आरोपों के कारण सामने आता रहा है। दिशा के पिता की याचिका में भी उनके खिलाफ जांच की मांग की गई थी।
दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा था कि बीजेपी डर के कारण विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाने की रणनीति अपना रही है।
इन आरोपों की कोई न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में साफ किया है कि पर्याप्त सबूत के बिना किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने CBI को दिए जांच से जुड़े अहम निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने बुधवार को CBI को मामले की जांच सौंपने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि CBI इस मामले में FIR दर्ज करेगी और दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करेगी।
मुंबई पुलिस को केस से जुड़े सभी दस्तावेज तत्काल CBI को सौंपने होंगे। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी उपलब्ध रिकॉर्ड, पहले हुई जांच और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के आधार पर मामले की पड़ताल करेगी।
अदालत ने यह भी कहा है कि यदि जांच के बाद CBI को लगता है कि कोई मामला नहीं बनता, तो वह संबंधित अदालत में उचित रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।
किसी को केवल आरोपों के आधार पर आरोपी नहीं माना जाएगा
हाईकोर्ट ने जांच को लेकर एक अहम सावधानी भी तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाएगा, जब तक जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री सामने नहीं आती।
इसका मतलब है कि राजनीतिक आरोप या किसी याचिका में लगाए गए दावे अपने आप में किसी व्यक्ति को आरोपी बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। CBI को सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ानी होगी और किसी व्यक्ति की भूमिका के बारे में निष्कर्ष उपलब्ध सामग्री के आधार पर ही निकाला जाएगा।
यह निर्देश इसलिए भी अहम है क्योंकि दिशा सालियान का मामला लंबे समय से आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच चर्चा में रहा है।
अब CBI के सामने होगी पुराने रिकॉर्ड और जांच की पड़ताल की चुनौती
अब CBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से मौजूद पुराने रिकॉर्ड और जांच को नए सिरे से देखना होगी। मुंबई पुलिस और SIT से जुड़े दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपे जाएंगे। परिवार के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे।
अदालत ने जिस तरह जांच की प्रक्रिया और सबूतों पर जोर दिया है, उससे साफ है कि नई जांच का आधार केवल आरोप नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्य होंगे।
करीब छह साल पुराने इस मामले में अब CBI की जांच यह तय करेगी कि दिशा सालियान की मौत को लेकर लंबे समय से उठते रहे सवालों का कोई ठोस जवाब मिलता है या नहीं। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथ में चली गई है।
Akhil Mahajan