टेस्ला रोडस्टर का हैरान करने वाला डेमो — रैंप से हवा में उड़ी, पलटी और सुरक्षित जमीन पर उतरी

टेस्ला ने नई रोडस्टर का डेमो दिखाया, जिसमें कार हवा में उड़ी और पलटकर लैंड हुई। कंपनी ने 0.81 सेकेंड में 97 किमी रफ्तार का दावा किया।

टेस्ला रोडस्टर का हैरान करने वाला डेमो — रैंप से हवा में उड़ी, पलटी और सुरक्षित जमीन पर उतरी

➤ रैंप से हवा में उड़ी टेस्ला रोडस्टर, पलटकर सुरक्षित लैंडिंग
➤ रॉकेट थ्रस्टर्स से लैस कार, 2028 में प्रोडक्शन शुरू होने का दावा
➤ 0 से 97 किमी/घंटे तक पहुंचने में 0.81 सेकेंड का डेमो रिकॉर्ड


टेस्ला ने 16 अक्टूबर को अपनी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर का ऐसा डेमो पेश किया, जिसने इलेक्ट्रिक कारों की तकनीक को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रदर्शन के दौरान कार एक बड़े घुमावदार रैंप से ऊपर गई, हवा में उछली, वहीं पलटी और इसके बाद जमीन पर सुरक्षित लैंड करती दिखाई गई। कंपनी की ओर से बताए गए फीचर्स के मुताबिक, कार में रॉकेट तकनीक से जुड़े थ्रस्टर्स लगाए गए हैं, जिनकी मदद से इसे हवा में अतिरिक्त लिफ्ट और दिशा नियंत्रण देने की योजना है। डेमो में कार ने 0 से 60 मील प्रति घंटा यानी करीब 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार 0.81 सेकेंड में हासिल करने का दावा किया गया है।

टेस्ला के मुताबिक, रोडस्टर में अल्ट्रा-हाई प्रेशर एयर टैंक, एल्टीट्यूड थ्रस्टर्स और पीछे की तरफ मुख्य थ्रस्टर्स लगाए गए हैं। इन तकनीकों का इस्तेमाल कार को हवा में नियंत्रित करने और अतिरिक्त धक्का देने के लिए किया जाएगा। कंपनी के दावे के अनुसार, यह सिस्टम कार को हवा में घूमने और कलाबाजी करने में सक्षम बना सकता है।

थ्रस्टर्स की मदद से ये कार 1 सेकेंड में 97 कमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।

मस्क ने इसे टेस्ला और स्पेसएक्स इंजीनियरों का काम बताया

डेमो के सफल होने के बाद एलॉन मस्क ने इसे टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों के संयुक्त काम का परिणाम बताया। उनके अनुसार, कार को ऊपर उठाने के लिए उच्च दबाव वाली हवा का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि अलग-अलग थ्रस्टर्स हवा में इसके नियंत्रण में मदद करते हैं।

इवेंट के दौरान जब एक दर्शक ने पूछा कि क्या यह कार सामान्य सड़कों पर इस्तेमाल के लिए उपयुक्त होगी, तो मस्क ने जवाब दिया कि यह सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही उन्होंने इसे व्यावहारिक कार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, रोडस्टर को मैन्युअली चलाने के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें सुरक्षा को लेकर भी विशेष तकनीकी प्रावधान बताए गए हैं।

2028 में प्रोडक्शन शुरू होने का दावा

मस्क ने बताया कि नई रोडस्टर का प्रोडक्शन 2028 में शुरू करने की योजना है। कार की बुकिंग के लिए 50 हजार डॉलर यानी करीब 48 लाख रुपये का डिपॉजिट बताए जाने की जानकारी दी गई है। वेबसाइट के मुताबिक, यह राशि 100 प्रतिशत रिफंडेबल बताई गई है।

0.81 सेकेंड का पिकअप दावा कितना खास है

रोडस्टर के प्रदर्शन में सबसे ज्यादा चर्चा इसके तेज एक्सीलरेशन को लेकर है। डेमो के दौरान 0 से 60 मील प्रति घंटा यानी करीब 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने में 0.81 सेकेंड का समय दर्ज होने का दावा किया गया है। यदि उत्पादन मॉडल भी इसी क्षमता के साथ बाजार में आता है, तो यह पिकअप के मामले में बेहद तेज कारों में शामिल हो सकती है।

फिलहाल 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार हासिल करने के मामले में क्रोएशियाई इलेक्ट्रिक हाइपरकार रिमैक नेवेरा आर का 1.66 सेकेंड का रिकॉर्ड बताया गया है। इस लिहाज से टेस्ला का दावा उत्पादन मॉडल में कायम रहने पर काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।

टॉप स्पीड में अभी सबसे आगे नहीं

रोडस्टर की अधिकतम रफ्तार को लेकर टेस्ला का दावा 230 मील प्रति घंटे यानी करीब 370 किमी प्रति घंटे से ज्यादा का है। हालांकि, यह आंकड़ा दुनिया की सबसे तेज कारों के मौजूदा दावों से कम है। यांगवांग यू9 एक्सट्रीम की करीब 308 मील प्रति घंटे यानी लगभग 496 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का उल्लेख किया गया है।

मस्क ने भविष्य में रोडस्टर की क्षमता को और बढ़ाने की बात भी कही है। उन्होंने प्रोडक्शन कार में मैक 0.5 यानी लगभग 617 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की बात कही है। यह अभी लक्ष्य के तौर पर बताया गया है, इसलिए इसे मौजूदा उत्पादन क्षमता नहीं माना जा सकता।

क्या है कोल्ड-गैस थ्रस्टर तकनीक

रोडस्टर में इस्तेमाल की जा रही बताई गई कोल्ड-गैस थ्रस्टर तकनीक अंतरिक्ष क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली प्रणालियों से जुड़ी है। इसमें कंप्रेस्ड एयर या गैस को उच्च दबाव के साथ बाहर निकालकर किसी वस्तु को अतिरिक्त धक्का या दिशा नियंत्रण दिया जाता है। टेस्ला इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल रोडस्टर के हवा में नियंत्रण और प्रदर्शन के लिए करने की बात कर रही है।

2017 में पहली बार सामने आई थी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर।

टेस्ला ने सेकेंड जनरेशन रोडस्टर को पहली बार नवंबर 2017 में पेश किया था। उस समय भी कार के साथ स्पेसएक्स पैकेज और कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स की बात सामने आई थी। हालांकि, इसके बाद कार के प्रोडक्शन और लॉन्च की समयसीमा कई बार आगे बढ़ती रही।

शुरुआत में इसे 2020 तक सड़कों पर लाने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी चुनौतियों के चलते इसमें लंबी देरी हुई। अब कंपनी की ओर से 2028 में प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बताई गई है।

रॉकेट थ्रस्टर्स की मदद से टेस्ला की रोडस्टर कार हवा में उड़कर कलाबाजियां खा सकती है।

मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच भी हुई थी बहस

रोडस्टर की लंबी देरी को लेकर एलॉन मस्क और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के बीच सोशल मीडिया पर बहस भी हो चुकी है। ऑल्टमैन ने 50 हजार डॉलर की बुकिंग राशि के बाद लंबे इंतजार को लेकर सवाल उठाया था। इसके जवाब में मस्क ने कहा था कि ऑल्टमैन की बुकिंग राशि पहले ही वापस की जा चुकी है।

2008 में आई थी पहली रोडस्टर

टेस्ला की पहली इलेक्ट्रिक कार ओरिजिनल रोडस्टर थी, जिसे 2008 में कैलिफोर्निया में लॉन्च किया गया था। यह ब्रिटेन की स्पोर्ट्स कार कंपनी लोटस की एलिस के चेसिस पर आधारित थी, लेकिन इसमें पेट्रोल इंजन के बजाय इलेक्ट्रिक पावरट्रेन इस्तेमाल किया गया था।

इसके बाद 2017 में टेस्ला ने दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर की घोषणा की। अब नई रोडस्टर के डेमो में थ्रस्टर तकनीक और हवा में प्रदर्शन की क्षमता ने इसे फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, इसके कई दावे अभी प्रोटोटाइप और डेमो स्तर पर हैं और अंतिम उत्पादन मॉडल की वास्तविक क्षमता का आकलन उसके बाजार में आने के बाद ही किया जा सकेगा।