टायर फैक्ट्री में भीषण धमाका,3 KM तक गूंजी आवाज, दो झुलसे, 8 दमकल गाड़ियां मौके पर

यमुनानगर के बलाचौर में टायर फैक्ट्री में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। आवाज तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, दो लोग झुलसे और कई टायर जले।

टायर फैक्ट्री में भीषण धमाका,3 KM तक गूंजी आवाज, दो झुलसे, 8 दमकल गाड़ियां मौके पर

यमुनानगर के बलाचौर में टायर फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद भीषण आग, आवाज 3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी

➤ हादसे में महेश और ट्रक ड्राइवर झुलसे, फैक्ट्री में घटना के समय करीब 25 मजदूर मौजूद थे

➤ आग बुझाने में जुटीं फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां, ट्रक और बड़ी संख्या में टायर जलकर राख

यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले में शुक्रवार सुबह एक टायर फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसा छछरौली थाना क्षेत्र के गांव बलाचौर स्थित एमएस यश ट्रेडिंग कंपनी में हुआ, जहां पुराने टायरों से तेल निकालने का काम किया जाता है। आग की चपेट में आने से दो लोग झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

घटना के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर मौजूद थे। इनमें कुछ फैक्ट्री परिसर में बने क्वार्टरों में थे, जबकि अन्य अंदर काम कर रहे थे। धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई और फैक्ट्री परिसर से धुएं के ऊंचे गुबार उठने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल की करीब 7 से 8 गाड़ियां बुलाई गईं। फायर कर्मचारी करीब तीन घंटे से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे।

धमाके से हिल गया कमरा, बाहर निकले तो उठ रही थीं आग की लपटें

फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर हरबंस और लेखराज ने बताया कि वे बलाचौर स्थित एमएस यश ट्रेडिंग कंपनी में काम करते हैं। शुक्रवार सुबह दोनों फैक्ट्री परिसर में बने कमरे में मौजूद थे। करीब 11 बजे परिसर के अंदर जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरा कमरा हिल गया।

धमाके की आवाज सुनकर दोनों तुरंत कमरे से बाहर भागे। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि फैक्ट्री में आग की लपटें उठ रही थीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

मजदूरों के अनुसार, फैक्ट्री में गैस बैलून फटने से धमाका होने की आशंका है। हालांकि, धमाके और आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महेश और ट्रक ड्राइवर झुलसे, अस्पताल में कराया भर्ती

इस हादसे में जिला लखीमपुर, यूपी निवासी महेश और एक ट्रक ड्राइवर झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बड़ी संख्या में मजदूरों की मौजूदगी के कारण हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसे में दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। आग लगने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति पर नजर रखी। दमकल कर्मियों ने आग को फैलने से रोकने और उस पर काबू पाने के लिए प्रयास शुरू किए।

ट्रक जलकर राख, हजारों टायरों को भी नुकसान

फैक्ट्री में लगी आग से वहां खड़ा एक ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में रखे टायर भी आग की चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक पर लदे हजारों टायर जल गए, जिससे नुकसान काफी ज्यादा होने की आशंका है।

आग की वजह से फैक्ट्री में लाखों रुपये का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन अभी नहीं हो पाया है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुराने टायरों से तेल निकालने का होता है काम

जानकारी के अनुसार, बलाचौर स्थित इस फैक्ट्री में पुराने टायरों से तेल निकालने का काम किया जाता है। यह फैक्ट्री काफी समय से संचालित हो रही है और यहां कई मजदूर काम करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुए धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में आग तेजी से फैल गई।

घटना के बाद फैक्ट्री से लगातार धुआं उठता दिखाई दिया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए कई गाड़ियों को तैनात किया गया, ताकि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।

थाना प्रभारी वेदपाल मौके पर पहुंचे, आग लगने के कारणों की जांच

हादसे की सूचना मिलने के बाद छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का फिलहाल पता लगाया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

वहीं, फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। मौके पर करीब आठ दमकल गाड़ियां पहुंचीं। फिलहाल गैस बैलून फटने से धमाका होने की आशंका मजदूरों ने जताई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।